पंजीकृत कार्यालय
प्रमुख व्यक्ति

कम्पनी परिचय

Page last modified on : Jan 06, 2015

नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) भारत सरकार के खान मंत्रालय के अधीन एक नवरत्‍न केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। यह कम्पनी भुवनेश्‍वर में पंजीकृत कार्यालय के साथ 7 जनवरी, 1981 को स्थापित हुई थी। यह कम्पनी वित्त वर्ष 2013-14 में 7024 करोड़ के बिक्री कारोबार के साथ खनन, धातु और विद्युत में एक एकीकृत और विविधीकृत प्रचालनों वाला समूह-'क' का केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। वर्तमान, भारत सरकार नालको के 80.93% शेयर धारण किए है।

इस कम्पनी का ओड़िशा के कोरापुट जिले के दामनजोड़ी में अवस्थित 68.25 लाख टन प्रतिवर्ष की बॉक्साइट खान और 22.75 लाख टन प्रतिवर्ष का एल्यूमिना परिशोधक है और ओड़िशा के अनुगुळ में 4.60 लाख टन प्रतिवर्ष का एल्यूमिनियम प्रद्रावक एवं 1200 मेगावाट क्षमता का ग्रहीत विद्युत संयंत्र है। विविधीकरण योजना के अनुसार, नालको ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में जोखिम उठाया है। इस कम्पनी ने सफलतापूर्वक दो पवन विद्युत संयंत्र चालू किए हैं। गण्डीकोटा, आन्ध्र प्रदेश में 50.4 मेगावाट का पवन विद्युत संयंत्र और जैसलमेर, राजस्थान में 47.6 मेगावाट का पवन विद्युत संयंत्र क्रमशः दिसम्बर, 2012 एवं जनवरी, 2014 से प्रचालित हैं। वित्त वर्ष 2014-15 को दौरान निगम कार्यालय और टाउनशिप, भुवनेश्वर में 260 किलोवाट-पिक की छत पर सौर विद्युत प्रणाली भी प्रचालित की गई है।

एल्यूमिना/एल्यूमिनियम के निर्यात और कॉस्टिक सोड़ा के आयात के लिए विशाखापत्तनम् बन्दरगाह में की थोक जहाजी-लदान की सुविधाएँ हैं तथा साथ ही कोलकाता और पारादीप बन्दरगाहों की सुविधाओं का भी उपयोग किया जाता है। दिल्ली, कोलकाता, मुम्बई और चेन्नै में कम्पनी के क्षेत्रीय विपणन कार्यालय हैं और बेंगळूरु, पारादीप और अहमदाबाद में इनकी शाखाएँ हैं तथा देश में विभिन्न स्थानों पर इसके 11 स्टॉकयार्ड हैं।

मई 1989 से लन्दन धातु बाजार (एल.एम.ई.) में पंजीकरण के साथ नालको वह पहली एल्यूमिनियम क्षेत्र की कम्पनी है, जिसने अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में एक बड़े रूप में प्रवेश किया। यह कम्पनी 1992 से मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में सूचीबद्ध है। कम्पनी के सभी उत्पादन एकक और पत्तन सुविधाएँ आई.एस.ओ. 9001, आई॰एस॰ओ॰ 14001, और ओ.एच.एस.ए.एस. 18001 प्रबन्धन प्रणालियों से प्रमाणित हैं और इन एककों में एकीकृत प्रबन्धन प्रणाली प्रचालित है। ऊर्जा प्रबन्धन प्रणाली के लिए ऊर्जा गहन उत्पादक एकक यथा- प्रद्रावक, ग्र॰वि॰सं॰ एवं एल्यूमिना परिशोधक ऊर्जा प्रबन्धक प्रणाली के लिए आई.एस.ओ. 50001 मानकों से प्रमाणित हैं। सभी उत्पादन एककों और निगम कार्यालय के लिए एस.ए.-8000 प्रमाणपत्रण भी प्राप्त किया गया है।

अपनी क्षमता बढ़ाने और विस्तार के अपने प्रयासों में, नालको की धूसर क्षेत्र और हरित क्षेत्र विस्तार की गहन योजनाएं हैं जिनमें गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कोर्पोरेशन (जीएमडीसी) के संयुक्त उद्यम में गुजरात में 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष का एल्यूमिना परिशोधक (हरित क्षेत्र), दामनजोड़ी में निवर्तमान एल्यूमिना परिशोधक में 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष की 5वीं धारा (धूसरक्षेत्र), ओड़िशा में 0.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष का एल्यूमिनियम प्रद्रावक एवं 1050 मेगावाट का विद्युत संयंत्र संकुल (हरितक्षेत्र), विदेश में 0.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष का एल्यूमिनियम प्रद्रावक और आन्ध्र प्रदेश के के.आर.कोण्डा और ओड़िशा के पोट्टांगी में बॉक्साइट खानों का विकास आदि शामिल हैं।

गुजरात अल्कालिज एण्ड केमिकल्स लिमिटेड (जी.ए.सी.एल.) के संयुक्त उद्यम में 2 लाख टन प्रतिवर्ष का कॉस्टिक सोड़ा संयंत्र और पॉवर ग्रिड कोर्पोरेशन ऑफ इण्डिया लिमिटेड (पी.जी.सी.आई.एल.).के साथ संयुक्त उद्यम में 55,000 टन प्रतिवर्ष का एल्यूमिनियम कण्डक्टर संयंत्र स्थापित करने हेतु कम्पनी की योजना है। दामनजोड़ी के उत्खनित क्षेत्र में 14 मेगावाट का पवन विद्युत संयंत्र और देश में किसी अनुकूल स्थान पर एक और 100 मेगावाट का पवन विद्युत संयंत्र स्थापित करने के लिए भी कम्पनी की योजना है।

कम्पनी ने 11,459 करोड़ के अनुमानित निवेश से गुजरात के काकरापार में 2X700 मेगावाट के नाभिकीय विद्युत संयंत्रों की स्थापना के लिए न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इण्डिया लिमिटेड (एन.पी.सी.आई.एल.) के साथ एक संयुक्त उद्यम कम्पनी गठित की है। अनुप्रवाह सहायक उद्योगों के विकास के लिए अनुगुळ एल्यूमिनियम पार्क की स्थापना के लिए, इडको, ओड़िशा के साथ एक संयुक्त उद्यम कम्पनी गठित की गई है।

कम्पनी उन क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है, जहाँ यह प्रचालित है। विस्थापित परिवारों का पुनर्वास, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, आय सृजन और स्वास्थ्य-देखभाल, आनुषंगिक सुविधाओं का विकास, पर्यावरण के लिए देखभाल और मानवीय सद्‍भावना के मिशन आदि ने नालको को निगम विश्व में गौरवमय स्थान दिलाया है। नालको फाउण्डेशन की स्थापना और नि.सा.उ. बजट को बढ़ाकर कम्पनी के शुद्ध लाभ का 2% किए जाने के साथ, यह कम्पनी अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों की गतिविधियों को उल्लेखनीय रूप से प्रवर्धित करने के लिए कमर कसे हुए है।

आदिवासी बच्चों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, नालको ने 655 से अधिक विद्यार्थियों को उनके आवास तथा भोजन आदि सहित पढ़ाई का समस्त खर्च वहन करते हुए ओड़िशा में प्रसिद्ध शिक्षा-संस्थानों में प्रायोजित किया है।