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उत्कल गौरव मधु बाबू गुणवत्ता अभियान के अग्रदूत थे : डॉ. चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको

भुवनेश्वर,21.04.2016 : “आधुनिक ओड़िशा के निर्माताओं से एक के रूप में, उत्कल गौरव मधुसूदन दास ने राज्य प्रगति का पथ प्रशस्त किया था। उस समय, गुणवत्ता-सचेत उद्यमी के रूप में उनके उत्साहशील प्रयास आज भी अनुकरणीय उदाहरण हैं। वस्तुतः, मधु बाबू ओड़िशा में गुणवत्ता अभियान के अग्रदूत थे,” नवरत्‍न नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ. तपन कुमार चान्द ने कहा। वे वृहस्पतिवार को नालको द्वारा आयोजित दो दिवसीय अखिल ओड़िशा गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन के 21वें संस्करण के समारोह में उद्बोधन दे रहे थे। नालको द्वारा 1996 से गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष, राज्यभर से 22 संगठनों से कुल मिलाकर 37 दल (29 गुणवत्ता मण्डलों और 8 उत्पादक अनुरक्षण मण्डलों) ने इस सम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर, डॉ. चान्द ने "नालको उत्कल गौरव मधुसूदन दास गुणवत्ता पुरस्कार" संस्थापित करने की घोषणा की।. इस पुरस्कार में, ₹ एक लाख की नगद राशि और एक प्रशंसापत्र शामिल है, जो इस सम्मेलन के अगले संस्करण में उत्कृष्ट गुणवत्ता अभ्यास रखनेवाले औद्योगिक संस्थापन को प्रदान किया जाएगा।


1905 में संस्थापित मधु बाबू के उत्कल चर्मशोधनालय का उदाहरण देते हुए डॉ. चान्द ने कहा: “जबकि मधु बाबू ओड़िशा के औद्योगिक विकास में काफी उत्सुक थे, उनका मानस-पुत्र उत्कल टेनारी उत्पादन उत्कृष्टता और गुणवत्ता का निष्कर्ष था। तब कुछ ऐसी घटनाएँ हुईं जब कुछ लघु त्रुटियों के कारण टेनारी में उत्पादित चमड़े की वस्तुओं को उन्होंने रद्द कर दिया था। इस प्रक्रिया में, उन्हें बहुत हानि सहनी पड़ी। लेकिन, गुणवत्ता के प्रति उनकी वचनबद्धता के लिए, उत्कल नेटारी आज भी याद की जाती है। एक गुणवत्ता सचेत उद्यम के रूप में, नालको, मधु बाबू द्वारा पथप्रदर्शित गुणवत्ता अभियान को आगे बढ़ा रही है।”


इस प्रतियोगिता में, स्वर्ण फलक एलियूमिना परिशोधक नालको के के ‘डिस्कवर’ गुणवत्ता मण्डल ने जीता जबकि राउरकेला इस्पात संयंत्र के गुणवत्ता मण्डल ‘सी-हॉक' ने उप-विजेता होकर रजत फलक जीता। सम्पूर्ण उत्पादक अनुरक्षण मण्डलों में से, टाटा स्टील, जोड़ा के ‘एलआरपी सेक.-02’ ने स्वर्ण फलक जीता जबकि जे.के. पेपर के "क्वाण्टम" ने उप-विजेता होकर रजत फलक जीता।


इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, नालको के निदेशक (मा.सं.) श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (वाणिज्य) सुश्री सोमा मण्डल और श्री एस.के. रॉय, कार्यपालक निदेशक (उत्पादन) उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह में, श्री एन.आर. महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), श्री के.सी. सामल, निदेशक (वित्त) और श्री व्ही. बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) भी उपस्थित थे। श्री चन्द्रेश्वर खान, टाटा मोटर्स के पूर्व प्रशिक्षण विभागाध्यक्ष और डॉ. बी.एल. बंगराय, क्यू.सी.एफ.आई., हैदराबाद के सलाहकार ने निर्णायक के रूप में प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन किया।


नालको में डॉ॰ अम्बेडकर जयन्ती मनाई गई


भुवनेश्वर,18.04.2016 : नालको निगम अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ, भुवनेश्वर ने वृहस्पतिवार को नालकोनगर, भुवनेश्वर में भारत रत्न डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयन्ती मनाई। जबकि श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (मा.सं.), नालको ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई, पद्म श्री तुलसी मुण्डा ने मुख्य वक्ता और श्रीमती सोमा मण्डल, निदेशक (वाणिज्य), नालको ने सम्मानित अतिथि के रूप में योग दिया। संघ के अध्यक्ष श्री एस.के॰ सेठी और महासचिव श्री य़तीन्द्र नाइक ने भी सभा को सम्बोधित किया। श्रीमती नीलिमा कोंगारी ने समारोह संचालित किया और श्री भवानी शंकर दास ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


इस अवसर पर मंत्रालय की ओर से, श्री आर॰ श्रीधरन्, अपर सचिव, श्री एन. धळ, संयुक्त सचिव और नालको से श्री के.सी॰ सामल, निदेशक (वित्त) उपस्थित थे।


नालको, जिसने 1987 में अपना वाणिज्यिक प्रचालन आरम्भ किया था, निरन्तर लाभ कमाती आ रही है और 1992 से लाभांश घोषित करती रही है। वित्तवर्ष 2014-15 में, इस कम्पनी ने ₹451.02 करोड़ का कुल लाभांश घोषित किया था। यह उल्लेखनीय है कि आरम्भ से अबतक, नालको लाभांश के रूप में कुल ₹5679 करोड़ का भुगतान कर चुकी है, जिसमें भारत सरकार के अंश के ₹4860 करोड़ शामिल हैं।


नालको ने अन्तरिम लाभांश के रूप में सरकार को 260.72 करोड़ का भुगतान किया


भुवनेश्वर,18.04.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्नल सार्वजनिक उद्यम, ने वित्त वर्ष 2015-16 के लिए र 1288.62 करोड़ की प्रदत्त इक्विटी शेयर पूँजी पर 25% अर्थात् र 5 प्रत्येक के शेयर पर र 1.25 की दर से र 322.16 करोड़ की राशि का अन्तरिम लाभांश घोषित किया है। आज नई दिल्ली में नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ. तपन कुमार चान्द द्वारा श्री बलविन्दर कुमार, सचिव, खान मंत्रालय की उपस्थिति में भारत सरकार के केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को भारत सरकार द्वारा धारित कम्पनी के 80.93% शेयर पर अन्तरिम लाभांश के रूप में र 260.72 करोड़ का चैक प्रदान किया गया। केन्द्रीय मन्त्री श्री तोमर ने बाजार में मन्दी के बावजूद नालको की प्रभावी कार्यकारिता की प्रशंसा की। विशेषकर, उन्होंने 2015-16 में कम्पनी के अब तक के सर्वोच्च 63.40 लाख टन बॉक्साइट उत्पादन और 19.53 लाख टन एल्यूमिना उत्पादन की सराहना की।


इस अवसर पर मंत्रालय की ओर से, श्री आर॰ श्रीधरन्, अपर सचिव, श्री एन. धळ, संयुक्त सचिव और नालको से श्री के.सी॰ सामल, निदेशक (वित्त) उपस्थित थे।


नालको, जिसने 1987 में अपना वाणिज्यिक प्रचालन आरम्भ किया था, निरन्तर लाभ कमाती आ रही है और 1992 से लाभांश घोषित करती रही है। वित्तवर्ष 2014-15 में, इस कम्पनी ने ₹451.02 करोड़ का कुल लाभांश घोषित किया था। यह उल्लेखनीय है कि आरम्भ से अबतक, नालको लाभांश के रूप में कुल ₹5679 करोड़ का भुगतान कर चुकी है, जिसमें भारत सरकार के अंश के ₹4860 करोड़ शामिल हैं।


"लाभ-क्षरण रोकने के लिए नालको उत्पादन बढ़ाएगी", अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ चान्द कहते हैं


भुवनेश्वर,16.04.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान अपने खान और परिशोधक में 63.40 लाख टन बॉक्साइट और 19.53 लाख टन एल्यूमिना का उत्पादन करके उत्पादन के पिछले रिकार्ड तोड़ दिए। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर उत्सव मनाने के लिए, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने दामनजोड़ी का परिदर्शन किया और आपरटेरों से लिए सहायक महाप्रबन्धकों तक के स्तर के 30 से अधिक उत्कृष्ट उपलब्धि करनेवालों का अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक उत्कृष्टता पुरस्कारों से अभिनन्दन किया।


"उत्कृष्टता है एक यात्रा है, कदापि एक गंतव्य नहीं। अब, नालको की यह यात्रा आरम्भ हुई है, जो इस कम्पनी को खनन, धातु और ऊर्जा के क्षेत्र में सचमुच एक भूमण्डलीय खिलाड़ी बनाएगी। सम्मिलित प्रयासों से, 2016-17 में, हम पिछले वित्त वर्ष की तुलना में, 7.1% की वृद्धि के साथ 68.25 लाख टन बॉक्साइट और 9.2% वृद्धि के साथ 21.50 लाख टन एल्यूमिना का उत्पादन लक्ष्य उपलब्ध करेंगे," श्री चान्द ने अपने उद्बोधन में कहा। 2015-16 को एक बुनियादी वर्ष के रूप में वर्णन करते हुए, उन्होंने आगे कहा कि अशान्त व्यवसाय वातावरण का सामना करने के लिए कम्पनी की व्यवसाय योजना में एक प्रमुख मोड़ आ सकता है। अब तक नालको इस संकट को पार करने के लिए उत्पादन को नियन्त्रित करते आ रही थी, किन्तु अब यह कम्पनी लाभ-क्षरण को रोकने के लिए उत्पादन बढ़ाने के द्वारा इसे चुनौती दे रही है।


दो दिवसीय परिदर्शन के दौरान, डॉ॰ चान्द ने अनेक बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लिया, श्रमिक संघों, ऑफिसर्स एसोसिएशनों, स्कूल प्राधिकारियों, सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं, औद्योगिक सुरक्षा बलों तथा परिधीय गाँवों के लोगों और जिला प्रशान के शीर्ष अधिकारियों के साथ परिचर्चा की। सभी ने उत्कृष्टता के अभियान में इस वित्त वर्ष को एक मील का पत्थर बनाने के लिए सर्वसम्मत समर्थन देने का वचन दिया।


ईरान में प्रद्रावक एवं विद्युत संयंत्र के लिए नालको और ईमिड्रो ने संयुक्त कार्य दल गठित किया


भुवनेश्वर,11.04.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), भारत सरकार का उद्यम और ईरानियन माईन्स एण्ड माईनिंग इण्डस्ट्रीज डेवलपमेंट एवं रिनोवेशन ओर्गेनाईजेशन (ईमिड्रो), छाबाहार मुक्त व्यापार जोन में प्रस्तावित प्रद्रावक एवं गैस-आधारित विद्युत संयंत्र पर विवेचना करने के लिए नालको के वरिष्ठ परियोजना, प्रचालन और विपणन कार्यपालकों तथा ईरान सरकार के उद्योग मंत्रालय के निदेशकों, ईरानियन एल्यूमिनियम कम्पनी (ईराल्को) के वरिष्ठ कार्यपालकों को शामिल करके एक संयुक्त कार्यबल का गठन करेंगे। इस संयुक्त कार्यबल को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है।


"इस परियोजना से नालको को वर्तमान अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में निर्यात की जा रही अपनी एल्यूमिना को एल्यूमिनियम में बदलने के लिए ईरान में उपलब्ध कम लागत की ऊर्जा का उपयोग करने में मदद मिलेगी। कम लागत वाली नालको एल्यूमिना और कम लागत वाली ईरानी ऊर्जा का सम्मिलित लाभ उठाते हुए इस संयुक्त उद्यम कम्पनी के एल्यूमिनियम उत्पाद अत्यन्त लागत प्रतियोगी होंगे" डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने कहा। भारत सरकार के केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के नेतृत्व में भारतीय व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के भाग रूप में डॉ॰ चान्द ईरान में हैं। अपने परिदर्शन के दौरान, डॉ॰ चान्द ने ईरान सरकार के उद्योग, खान एवं व्यापार उप-मन्त्री तथा ईमिड्रो के अध्यक्ष और ईरान सरकार के शीर्ष अधिकारियों और अन्य एल्यूमिनियम कम्पनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया।


रिपोर्ट के आधार पर, स्वामित्व के स्वरूप, परियोजना वित्तपोषण, गैस की दीर्घावधि आपूर्ति और अन्य पहलुओं पर निर्णय लिया जाएगा। ईमिड्रो से एक दल का शीघ्र ही नालको का परिदर्शन करने के लिए आने वाला है। डॉ॰ चान्द ने गैस के मूल्य-निर्धारण, गैस की दीर्घावधि आपूर्ति और छाबाहार में भूमि के आबंटन सहित नालको के प्रस्ताव को ईरानी सरकार के उच्च स्तर पर उठाने के लिए पहलकदमी के लिए मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान को धन्यवाद दिया।

कोरापुट के 163 आदिवासी गाँवों में सौर विद्युतीकरण हेतु नालको ने योजना बनाई


भुवनेश्वर,08.04.2016 : नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ. नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने कोरापुट जिला के दामनजोड़ी क्षेत्र के आदिवासी बहुल 163 परिधीय गाँवों में सौर विद्युतीकरण प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है, जहाँ कम्पनी का खान एवं परिशोधन संकुल अवस्थित है। ₹9 करोड़ की यह परियोजना कम्पनी की निगम सामाजिक उत्तरदायित्व भुजा, नालको फाउण्डेशन के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी। यह फाउण्डेशन ने एक परीक्षणात्मक परियोजना के रूप में 2 गाँवों में 30 सौर स्ट्रीट लाईटें स्थापित कर चुका है।


साथ ही, नालको को स्थानीय सरपंचों, विधायकों एवं जिला प्रशासन के माध्यम से दामनजोड़ी और पोट्टांगी के आसपास के गाँवों में आनुषंगिक सुविधाओं के विकास की बाबत विभिन्न परियोजनाएँ हाथ में लेने के लिए प्रस्ताव भी मिले हैं। इस दिशा में, प्रथम चरण में, नालको ₹15.83 करोड़ की लागत से 49 परियोजनाओं के कार्यान्वयन की योजना बना रही है। द्वितीय चरण में, ₹24.33 करोड़ की अनुमानित लागत से 32 परियोजनाएँ कार्यान्वित होंगी।


दामनजोड़ी क्षेत्र में परियोजना से क्षतिग्रस्त व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन के क्षेत्र में, नालको ने उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। यह कम्पनी ने सभी 600 भूमि विस्थापित व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया है, नामांकिती के अभाव में सिर्फ एक बाकी है। एक और कदम आगे बढ़कर, इस कम्पनी ने अब 235 बहुत क्षतिग्रस्त व्यक्तियों को चिह्नित किया है, जिनको इस क्षेत्र में नालको की परियोजना के लिए एक-तिहाई से या इससे अधिक भूमि की हानि हुई है। जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित परिवारों के नामितियों की सूची प्रस्तुत की जा रही है। अभी तक नामित किए गए नामों में से, 3 व्यक्तियों को कम्पनी में नियुक्ति दी जा चुकी है और शेष नामितियों को रोजगार दिए जाने की प्रक्रिया जारी है।


भारत सरकार के स्वच्छ भारत और स्वच्छ विद्यालय अभियान के कार्यान्वयन में भी नालको एक सक्रिय साझेदार बनकर स्वयं को प्रमाणित भी कर चुकी है। कम्पनी ने ओड़िशा और आन्ध्र प्रदेश के 224 स्कूलों में 473 शौचालयों का निर्माण करवाया है, जिसमें से 172 शौचालय कोरापुट जिले के 85 स्कूलों बनाए गए।


नालको ने कोरापुट जिला के 655 बच्चों को कलिंग इन्स्टीच्यूट ऑफ सोसियल साईन्सेस, भुवनेश्वर, के.डी.एफ. मॉडल स्कूल, जयपुर और विकास विद्यालय, कोरापुट में आवासीय शिक्षा के लिए प्रायोजित किया है। 2016-17 के दौरान, दामनजोड़ी और पोट्टांगी के परिधीय गाँवों के 100 और विद्यार्थियों को प्रायोजित किया जाएगा।


स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में, अपने निजी अस्पताल के साथ ही, यह कम्पनी दामनजोड़ी क्षेत्र में 163 परिधीय गाँवों और आसपास की पल्लियों में निःशुल्क रूप से मुम्बई के वोखार्ट फाउण्डेशन के सहयोग से नालको फाउण्डेशन के माध्यम से 4 मोबाईल स्वास्थ्य एकक प्रचालित करती है। एक और कदम आगे बढ़कर, ने कम्पनी ने 2016-17 के दौरान पोट्टांगी के 36 परिधीय गाँवों के लिए एक अतिरिक्त मोबाईल स्वास्थ्य एकक आरम्भ करने की योजना बनाई है।

नालको को इण्डिया प्राईड पुरस्कार मिला


भुवनेश्वर,05.04.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ., को वर्ष 2015-16 के लिए नि.सा.उ., पर्यावरण सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए दैनिक भास्कर समूह द्वारा संस्थापित प्रतिष्ठापूर्ण इण्डिया प्राईड पुरस्कार मिला है। कम्पनी की ओर से, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, ने नई दिल्ली में सोमवार को आयोजित इण्डिया प्राईड पुरस्कारों के 7वें संस्करण के समारोह के दौरान केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मन्त्री श्री रवि शंकर प्रसाद के कर-कमलों से यह पुरस्कार ग्रहण किया। अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री एम॰ वेंकैय्या नायडु, शहरी विकास, केन्द्रीय आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन और संसदीय मामले मन्त्री और श्री राधा मोहन सिंह, केन्द्रीय कृषि मन्त्री ने समारोह की शोभा बढ़ाई।


यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्र निर्माण में विशेषकर सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों) द्वारा, सार्वजनिक सेवाओं में किए गए योगदान एवं उत्कृष्टता उपलब्धि के लिए एक सम्मान के रूप में इण्डिया प्राईड पुरस्कार संस्थापित किए गए हैं। ये पुरस्कार उत्कृष्टता के विभिन्न क्षेत्रों में सन् 2009 से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को दिए जाते रहे हैं।


"कम्पनी अधिनियम, 2013 में चिह्नित सभी बल दिए जानेवाले क्षेत्रों में नालको कार्यरत है। यह कम्पनी समानुभूतिक कल्याण और निगम सामाजिक उत्तरदायित्व उपायों के माध्यम से अपनी पुष्ट मानवीय सूरत को सामने लाने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है", पुरस्कार प्राप्त करने पर डॉ. तपन कुमार चान्द ने कहा।


नालको ने हाल ही में भारत सरकार की "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" कार्यक्रम के अधीन "नालको की लाड़ली" योजना चलाई है जिसका लक्ष्य ओड़िशा में अनुगुळ और दामनजोड़ी में अवस्थित कम्पनी के उत्पादन एककों के परिधीय स्कूलों में पढ़नेवाली गरीबी की सीमारेखा से नीचे के परिवारों की गुणवान लड़कियों को प्रोत्साहित करना है। इसके पूर्व, यह कम्पनी स्वच्छ भारत और स्वच्छ विद्यालय अभियान के कार्यान्वयन में एक सक्रिय साझेदार बनकर स्वयं को प्रमाणित भी कर चुकी है। नालको ने ओड़िशा और आन्ध्र प्रदेश के 206 स्कूलों में 433 शौचालयों का निर्माण किया है। और फिर, सार्वजनिक क्षेत्र के प्रथम उपक्रम के रूप में, नालको ने खनन क्षेत्र में कौशल विकास के लिए, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और राष्ट्रीय कौशल विकास निधि के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। इस कम्पनी ने इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्व के बजट के 5% की वचनबद्धता की है। साथ ही नालको, कौशल विकास मंत्रालय के सहयोग से पूर्वी भारत में कौशल विकास के लिए एक उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की प्रक्रिया में कार्यरत है।


साथ ही, नालको के सभी उत्पादन एकक शून्य बहिःस्राव विसर्जन के साथ पर्यावरण प्रबन्धन मानकों के अनुरक्षण के लिए आई.एस.ओ.-14001 मानकों से प्रमाणित हैं। कम्पनी ने अब तक अपने प्रचालन एककों के परिधीय इलाकों में 78 लाख से अधिक वृक्षारोपण किए हैं।

ओड़िशा के समकालीन इतिहास लेखन में नालको मदद करेगी: डॉ॰ चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक


भुवनेश्वर,04.04.2016 : इतिहासकारों ने ओड़िशा के प्राचीन इतिहास के रिकार्ड बनाए हैं, किन्तु जब राज्य के आधुनिक और समकालीन इतिहास की बात उठती है, काफी कुछ किया जाना बाकी है। इस सन्दर्भ में, एक जिम्मेदार निगम नागरिक के रूप में, "ओड़िशा के समकालीन इतिहास के वृत्तान्त लेखन में नालको मदद करने की इच्छुक है," डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने घोषणा की। वे रविवार को उत्कल विश्वविद्यालय के प्रथम इतिहास भूतपूर्व छात्रों के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।


प्रो॰ मन्मथ नाथ दास, प्रो॰ करुणा सागर बेहेरा, प्रो॰ अतुल प्रधान और प्रो॰ हिमांशु शेखर पटनायक जैसे महान इतिहासकारों का उदाहरण देते हुए डॉ॰ चान्द ने उल्लेख किया कि इतिहास के विद्यार्थी में एक समसामयिक संकाय शक्ति, एक विश्लेषण क्षमता और समग्रतः भविष्य के निर्देशन सेवा की क्षमता होती है। "यह इतिहास के विद्यार्थियों का कर्त्तव्य है कि वे ओड़िशा की छवि को बदलें," डॉ॰ चान्द ने आग्रह किया।


आरम्भ में, प्रो॰ अमल मिश्र, इतिहास विभागाध्यक्ष, उत्कल विश्वविद्यालय ने स्वागत भाषण दिया। अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, प्रो॰ बसन्त मल्लिक, प्रो॰ (सेवानिवृत्त) के.एम॰ पात्र और प्रो॰ रञ्जन बळ, अध्यक्ष, स्नातकोत्तर परिषद, उत्कल विश्वविद्यालय ने सुस्थापित भूतपूर्व छात्रों, वर्तमान और पूर्व संकाय सदस्यों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की सभा को सम्बोधित किया। अपने भाषण में, प्रसिद्ध वक्ताओं ने मत व्यक्त किया कि इतिहास जैसे मानविकी विषयों ने निगम विश्व के विभिन्न उपाधि-स्तरों में गृह-वापसी का मंचन किया है। उन्होंने डॉ॰ तपन कुमार चान्द का उदाहरण दिया, जो आज नालको जैसे एक नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ. के नेतृत्व सम्भाले हुए हैं। इस अवसर पर डॉ॰ चान्द का अभिनन्दन भी किया गया।


बैठक के पश्चात् प्रो॰ (सेवानिवृत्त) के.एम॰ पात्र को अध्यक्ष रूप में, प्रो॰ अमल मिश्र, कार्यकारी अध्यक्ष, डॉ॰ हेमन्त महापात्र, उपाध्यक्ष, प्रो॰ बसन्त मल्लिक, महासचिव, डॉ॰ सन्तोष सेठी, संयुक्त सचिव और डॉ॰ अमीय महान्ति, कोषाध्यक्ष के रूप मनोनयन के साथ भूतपूर्व छात्रसंघ का गठन हुआ। डॉ॰ तपन कुमार चान्द को भी सर्व-सम्मति से इतिहास भूतपूर्व छात्र संघ के सलाहकार के रूप में चुना गया।

नालको महिला समिति द्वारा विशाल उत्सव मेला


भुवनेश्वर,04.04.2016 : रविवार को नालकोनगर, भुवनेश्वर में नालको महिला समिति द्वारा विशाल उत्सव मेले का आयोजन किया गया। "ऐसे हर्षोल्लास की गतिविधियों के माध्यम से, हम वर्तमान तनावग्रस्त समाज को केवल शान्त ही नहीं करते, बल्कि पिछड़े और सुविधाओं से वंचित के दुख-दर्द को हल्का करने के लिए निधि सृजित करते हैं", श्रीमति प्रीति रॉय, नालको महिला समिति की अध्यक्ष ने कहा।


मुख्य अतिथि डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने मेले का उद्घाटन किया और समिति द्वारा की गई पहलकदमी की सराहना की। श्रीमती तृप्ति दाश, सचिव, नालको महिला समिति ने श्रीमती मानसी महान्ति, श्रीमती मानसी सामल और अन्य के साथ उन्हें विभिन्न स्टॉल का परिदर्शन कराया। मेले का मुख्य आकर्षण चारों ओर खेलकूद, संगीत और शानदार भोजन के स्टॉल थे।

नालको ने अबतक का सर्वोच्च बॉक्साइट और एल्यूमिना उत्पादन रिकार्ड किया, अपने 2015-16 का भौतिक कार्य-निष्पादन परिणाम घोषित किए


भुवनेश्वर,02.04.2016 : ऐसे समय में जब विश्वभर की 70% एल्यूमिनियम कम्पनियों को हानि पहुँचने की रिपोर्ट है और मन्दे अन्तर्राष्ट्रीय बाजार के कारण एल्यूमिनियम उद्योग भारी दबाव में चल रहा है, नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), भारत सरकार का एक लोक उद्यम, विशेषकर धातु उत्पादन में, लागत में कमी करने के अनेक उपायों को लागू करने के साथ साथ अपने बॉक्साइट खनन और एल्यूमिना परिशोधन संकुल पर अधिक ध्यान केन्द्रित करके गिरते हुए बाजार को सफलतापूर्वक सम्भाल कर सदा फायदेमन्द बने रहा।


इस प्रक्रिया में, एल्यूमिनियम प्रमुख ने वित्त वर्ष 2015-16 में अब तक सर्वोच्च 63,40,142 टन बॉक्साइट तथा 19,53,000 टन एल्यूमिना का उत्पादन किया, जो पिछले वित्तवर्ष के तदनुरूपी आँकड़ों से क्रमशः 10.47% और अर्थात् 5.51% अधिक है।


"ये कम्पनी के आरम्भ से अबतक के सर्वोच्च उत्पादन के आँकड़े हैं", डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने शुक्रवार को यहाँ उत्कल दिवस समारोह के अवसर पर (अगल ओड़िशा प्रान्त का गठन 80 वर्ष पूर्व हुआ था) घोषित किया। इस उपलब्ध को ओड़िशा की जनता को समर्पित करते हुए, डॉ॰ चान्द ने कहा: "शायद यह इस राज्य को सर्वश्रेष्ठ संभव श्रद्धाञ्जलि है, जहाँ 1981 में नालको का जन्म हुआ और बड़ी हुई।


इस नवरत्‍न लोक उद्यम ने 3,72,183 टन धातु का भी उत्पादन किया जो पिछले वित्त वर्ष की तदनुरूपी आँकड़ों की तुलना में 13.79% की वृद्धि दर्ज करता है, जिसमें 1,01,380 टन तार-छड़ों का अब तक का सर्वोच्च उत्पादन शामिल है।


पिछले वर्ष के साथ तुलना में इस वर्ष के दौरान, धातु बिक्री 14.21% बढ़कर 3,72,424 टन तक की हुई और विद्युत सृजन 13.84% बढ़कर 5841 मिलियन एकक हुआ।


यह भी हर्ष की बात है कि कोरापुट जिले में कम्पनी की पंचपटमाली बॉक्साइट खान के दक्षिणी ब्लॉक और केन्द्रीय एवं उत्तरी ब्लॉक का खनन पट्टा ओड़िशा सरकार द्वारा मार्च 2020 तक बढ़ा दिया गया, जो अब तक मानित विस्तार के अधीन प्रचालित थी।

 

नालको ने उत्कल दिवस के अवसर पर खिलाड़ियों और साहित्यकार का अभिनन्दन किया।


भुवनेश्वर,02.04.2016 : भुवनेश्वर में उत्कल दिवस समारोह के उपलक्ष्य में, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने ओड़िशा के दो उदीयमान खिलाड़ियों यथा- भारोत्तोलन के लिए कुमारी सरस्वती राउत और खो-खो के लिए कुमारी मन्दाकिनी माझी अभिनन्दन किया। प्रत्येक को एक ट्रॉफी और ₹20,000/- की राशि प्रदान की गई। नालको के श्री अमेयविक्रम नन्दन भूयाँ को उनकी दो दशकों से अधिक के साहित्यिक योगदान के लिए भी अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर सभी निदेशकगण और नालको महिला समिति की अध्यक्ष उपस्थित थे।

 

एल्यूमिनियम एसोसिएशन ऑफ इण्डिया ने केन्द्रीय मन्त्री के समक्ष योजनाएँ पेश की और व्यवसाय के संरक्षण हेतु जोर डाला


भुवनेश्वर, 30.03.2016 : एल्यूमिनियम एसोसिएशन ऑफ इण्डिया (ए.ए.आई.) के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय इस्पात और खान मन्त्री और श्री बलविन्दर कुमार, सचिव (खान), भारत सरकार से मंगलवार को मुलाकात की और संघ की योजनाएँ पेश की तथा व्यवसाय के संरक्षण पर जोर दिया। बैठक में, उन्होंने अत्यन्त मन्दे देशीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय एल्यूमिनियम बाजार स्थिति समझाई और भारत में एल्यूमिनियम क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए सरकारी पहल और हस्तक्षेप के लिए अनुरोध किया।


ए.ए.आई., भारत में प्राथमिक एल्यूमिनियम उत्पादकों, द्वितीय स्तर के उत्पादकों, अनुप्रवाह एल्यूमिनियम उद्योगों एवं विभिन्न एल्यूमिनियम संस्थानों का शीर्षस्थ संगठन, ने हाल ही में डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्धक-निदेशक, नालको को अध्यक्ष तथा श्री सतीश पई, उप-प्रबन्ध निदेशक, हिण्डाल्को एवं श्री अभिजीत पति, वेदान्त के अध्यक्ष को संघ के उपाध्यक्ष के रूप में तथा अन्य को कार्यकारी सदस्यों के रूप में चुनकर अपनी राष्ट्रीय परिषद का चुनाव किया।

डॉ॰ चान्द, अध्यक्ष, ए.ए.आई., ने सूचित किया कि मध्य-पूर्व में कम ऊर्जा लागत और चीन में वित्तीय सहायताप्राप्त ऊर्जा के साथ सम्बन्धित सरकारों द्वारा प्रदत्त अन्य लाभों के कारण, एल्यूमिनियम के आयातित माल की लागत, देश में उत्पादित एल्यूमिनियम की तुलना में ₹5000-6000 प्रतिटन कम बैठती है। इसलिए, आयात भारत में से मध्य-पूर्व और चीन से आयात हो रहे हैं। ए.ए.आई. के उपाध्यक्ष श्री अभिजीत पति और श्री सतीश पई ने इस्पात क्षेत्र के समान संरक्षण आयात शुल्क और सर्वनिम्न आयात मूल्य जैसे सरकारी उपायों के समर्थन में प्रतिपादन किया।

डॉ॰ चान्द ने यह भी कहा कि एल्यूमिनियम की खपत को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जिसके लिए प्राथमिक एवं एल्यूमिनियम उत्पादकों को सदस्य के रूप में तथा सचिव (खान की अध्यक्षता में खान मंत्रालय में एक एल्यूमिनियम विकास परिषद (ए.डी.सी.) गठित की जा सकती है। उन्होंने खान मंत्रालय से राष्ट्रीय एल्यूमिनियम नीति (एन.ए.पी.-2016) और एल्यूमिनियम संकल्पना एवं ध्येय योजना 2025 का प्रचलन करने के लिए कदम उठाने हेतु अनुरोध किया। संघ की ओर से, एल्यूमिनियम उत्पादकों से मंत्रालय को हर प्रकार के समर्थन का आश्वासन दिया।

साथ ही, डॉ॰ चान्द ने इस बात पर भी बल दिया कि एल्यूमिनियम खपत को बढ़ावा दिए जाने से "मेक इन इण्डिया" अभियान को बड़ा सहारा मिलेगा क्योंकि विश्व में एल्यूमिनियम की प्रति व्यक्ति खपत 9-10 कि.ग्रा. की तुलना में भारत में केवल 2.2 कि.ग्रा. है। उन्होंने आगे सूचित किया कि अन्तर्राष्ट्रीय एल्यूमिनियम सम्मेलन (इन्काल-2017) फरवरी में भुवनेश्वर में आयोजित होगा, जिसमें सभी विश्व के सभी अग्रणी एल्यूमिनियम उद्योग भाग लेंगे।

कोयला प्रखण्डों का आबंटन राजीनामा नालको को सौंपा गया


भुवनेश्वर, 23.03.2016 : शनेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय के अधीन नवरत्न केन्द्रीय लोक उद्यम, को ओड़िशा के अनुगुळ जिले में स्थित कंपनी के ग्रहीत विद्युत संयंत्र के निकट उत्कल-डी एवं ई कोयला प्रखण्ड आबंटित किए गए हैं। 200 मिलियन टन से अधिक कोयला भण्डारों वाले इन कोयला प्रखण्डों के लिए आबंटन राजीनामा कल नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति और नालको के प्रतिनिधियों के बीच हस्ताक्षरित हुआ।


से होली का उपहार के रूप में वर्णन करते हुए, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया और नालको के सभी कर्मचारियों के साथ साथ पणधारकों को बधाई दी। "कम्पनी का सुचारु प्रचालन और विस्तार योजनाएँ इन प्रखण्डों के आबंटन पर निर्भर थीं। "इसके साथ, नालको के ग्रहीत संसाधन समृद्ध हुए हैं, जिससे यह कम्पनी आगामी तीन दशकों और अधिक के लिए आगे बढ़ती दिखेगी" डॉ चान्द ने कहा।

भारत सरकार की ओर से नामिती प्राधिकारी श्री विवेक भारद्वाज, और नालको की ओर से श्री डी॰ मन्जीत, महाप्रबन्धक (कोयला खान प्रभाग) ने राजीनामे पर हस्ताक्षर किए। श्री एन.आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) ने आज भुवनेश्वर में इसके दस्तावेज डॉ॰ चान्द को सौंपे।

 

केन्द्रीय इस्पात एवं खान राज्यमंत्री ने नालको की सराहना की


भुवनेश्वर, 21.03.2016 : श्री विष्णु देव साई, केन्द्रीय इस्पात एवं खान राज्यमंत्री, ने इस शाम को नालको के निगम कार्यालय का परिदर्शन किया। श्री साई के पधारने पर, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। तत्पश्चात्, मन्त्री ने कम्पनी के सभी निदेशकगण, कार्यपालक निदेशकगण और महाप्रबन्धकगण की उपस्थिति में कम्पनी के कार्य-निष्पादन की समीक्षा की।


मन्त्री श्री साई जी ने वर्तमान मन्दे बाजार में नालको के कार्य-निष्पादन के साथ साथ कम्पनी के सर्व मौसमी व्यवसाय मॉडल और कम्पनी की अनुपम निगम सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने नालको प्रबन्धन को सलाह दी कि राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतियोगिताओं में अग्रणी बने रहने के लिए अपनी रणनीतिक पहल को जारी रखें।

डॉ॰ चान्द ने एल्यूमिनियम की खपत और उपयोगों को बढ़ावा देने के लिए नालको द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। डॉ॰ चान्द द्वारा लिखित पुस्तक "एल्यूमिनियम : द स्ट्राटेजिक मेटल" की एक प्रति उन्हें भेंट की गई, जिसमें भारत में एल्यूमिनियम की 2 कि.ग्रा. की वर्तमान प्रति व्यक्ति खपत को अगले कुछ वर्षों में दुगुना करने के लिए विभिन्न तरीकों और उपायों का वर्णन किया गया है। इस पुस्तक में एल्यूमिनियम के हरित उपयोग पर भी गहनता से वर्णन है। श्री एन.आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), नालको, ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

 

पुरी में राहगिरी


भुवनेश्वर, 20.03.2016 : “एकदा सुरक्षा और आसपास से समुदाय के साथ संयोगात्मकता द्वारा चिह्नित, सड़क पैदल यात्रियों के लिए होती थी। किन्तु आज, सड़क वाहनों के प्रदूषण के साथ, आधुनिक दिनों की पागल भीड़ से दबी-मुसी रहती है। इसलिए, राहगिरी समारोह का एक दृढ़ सामाजिक सन्देश देता है, जिसमें पैदल यात्री कुछ घण्टों के लिए सड़क पर अधिकार जमाते हैं और कल्पना के मुक्त प्रवाह के साथ अपनी स्वाधीनता व्यक्त करने के लिए इसका उपयोग करते हैं" डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको कहते हैं। उन्होंने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की कि एक जिम्मेदार निगम नागरिक के रूप में, नवरत्‍न नालको को जिला प्रशासन, पुरी नगरपालिका, रोटरी क्लब और पुरी पुलिस के साथ पुरी में राहगिरी उपस्थापन करने का मौका दिया गया। जन-जीवन के सभी अंगों के लोगों की प्रतिभागिता के साथ यह एक विशाल मेला जैसा था। इसके पूर्व, नालको ने प्रान्त की राजधानी में चल रहे ऐसे समारोहों के लिए भुवनेश्वर नगर निगम को 200 स्पोर्ट्स साईकल दान की थी।


डॉ॰ चान्द के साथ नालको की तीव्र धाविका एवं ओलम्पियन अनुराधा विश्वाल, अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी शिव सुन्दर दास और देवाशीष महान्ति भी थे। इन युवा प्रतिभाओं ने जनसमुद्र को हर्षोल्लास से भर दिया, जो आमोदप्रियता के लिए सड़क पर एकत्रित हुए थे। इस अवसर पर, श्री अरिविन्द अग्रवाल, आई॰ए॰एस॰, जिलाधीश, पुरी ने डॉ॰ चान्द का अभिनन्दन किया और नालको की अनुपम नि.सा.उ. पहल और राहगिरी समारोह को विशेष सफल बनाने के लिए समर्थन की सराहना की।

 

ओड़िशी आदि गुरु पंकज चरण की स्मृति में नालको पुरस्कार


भुवनेश्वर, 19.03.2016 : ओड़िशा-आधारित नवरत्‍न कम्पनी नालको ओड़िशा की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण और प्रवर्धन के लिए वचनबद्ध है, और इस अनुक्रम में, कम्पनी एक जिम्मेदार निगम नागरिक के रूप में, राज्य की समृद्ध विरासत को से जुड़ने के लिए निरन्तर प्रयासरत है।


“महान माहारी नृत्य प्रतिपादक स्व॰ आदि गुरु पंकज चरण दास को श्रद्धाञ्जलि के रूप में, नालको ने उनकी स्मृति में एक राज्य-स्तरीय पुरस्कार संस्थापित करने का निर्णय लिया है", कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ तपन कुमार चान्द, ने कल यहाँ भुवनेश्वर में 3-दिवसीय गुरु पंकज उत्सव के 22वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा। "नालको आदि गुरु पंकज चरण पुरस्कार" शीर्षक पुरस्कार में ₹ 1 लाख की धनराशि, एक स्वर्णपदक और एक प्रशंसापत्र दिए जाएँगे, जो इस उत्सव के अगले संस्करण में ओड़िशी के प्रचार-प्रसार हेतु गम्भीरता से प्रयासरत एक संस्थान को प्रदान किया जाएगा।


इस अवसर पर, प्रसिद्ध कलाकार गुरु केशव चन्द्र राउत (बीणाकार), श्री कालिन्दी परिड़ा (मादेलि), श्रीमती शान्तिलता बारिक (ओड़िशी गायन) और श्रीमती पुष्पिता मुखर्जी (ओड़िशी नृत्य) को ओड़िशी और ओड़िशा की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति उनके योगदानों के लिए डॉ॰ चान्द द्वारा अभिनन्दन किया गया। यह उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व कम्पनी ने ओड़िशी गुरु और ओड़िशी नर्तक/नर्तकी को सम्मानित करने के लिए नालको खारवेल पुरस्कार संस्थापित किए थे और कला की इस विधा को सीखनेवाले गरीबी की सीमारेखा से नीचे के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति घोषित की थी। अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री बी.के॰ त्रिपाठी, पूर्व आई॰पी॰एस॰ एवं गुरु पंकज चरण ओड़िशी अनुसन्धान फाउण्डेशन के अध्यक्ष, और गुरु शरत दास, फाउण्डेशन के सचिव ने भी जनसमूह को सम्बोधित किया।

 

नालको में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया


भुवनेश्वर, 09.03.2016 : अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में, मंगलवार को नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) द्वारा भुवनेश्वर में इस वर्ष के प्रसंग “बराबरी के लिए प्रतिज्ञा” पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ॰ शकुन्तला बलियारसिंह, सुप्रसिद्ध ओड़िआ लेखक, जिनको हाल ही में केन्द्रीय साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिला है, ने मुख्य वक्ता के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई। श्रीमती प्रीति रॉय, प्राचार्य, केन्द्रीय विद्यालय-2, कटक और अध्यक्ष, नालको महिला समिति ने समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में सम्बोधन दिया। श्रीमती सोमा मण्डल, निदेशक (वाणिज्य), नालको इस विषय पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, नालको के श्री एन.आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), श्री के.सी॰ सामल, निदेशक (वित्त) और श्री पी.के॰ महान्ति, आई॰ए॰एस॰, मुख्य सतर्कता अधिकारी उपस्थित थे।


आरम्भ में, श्रीमती आर॰ विजया चक्रवर्ती, सहायक महाप्रबन्धक (प्रणाली) ने स्वागत भाषण दिया। श्रीमती व्ही॰ अनुराधा क निगम संचार विभाग ने कार्यक्रम का संचालन किया और श्रीमती गीता महापात्र, वरि॰ प्रबन्धक (मा॰सं॰वि॰) ने धन्यवाद ज्ञापन किया। यह कार्यक्रम ‘मैं नारी’ नामक नृत्य नाटिका के साथ प्रारम्भ हुआ, जिसकी संकल्पना और नृत्य निर्देशन श्रीमती सविता पटनायक, सदस्य नालको महिला समिति द्वारा किया गया।

 

नालको स्टार्ट-अप पुरस्कार संस्थापित


भुवनेश्वर, 26.02.2016 : भुवनेश्वर में मुख्यालय वाले नवरत्न लोक उद्यम नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवाओं (आई.टी.ई.एस.) में नए शुरू होनेवाले उत्कृष्ट उद्योग के लिए एक राज्य-स्तरीय पुरस्कार संस्थापित किया है। इस पुरस्कार में ₹ एक लाख की धनराशि और एक प्रशंसापत्र शामिल होगा, जो नालको के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विजेता को प्रदान किया जाएगा। डॉ॰ तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने द टेलीग्राफ एवं इन्फोकॉम द्वारा आयोजित व्यापार-प्रौद्योगिकी नेतृत्व सम्मेलन, एडवेण्टेज ओड़िशा के दूसरे संस्करण को सम्बोधित करते हुए यह घोषणा की। आज यहाँ इस सम्मेलन का उद्घाटन श्री नवीन पटनायक, मुख्य मन्त्री, ओड़िशा द्वारा सम्पन्न हुआ।


भुवनेश्वर तेजी से उभरनेवाले देश का एक प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान, इस शहर ने भारत की कुछ वृहत्तम आई.टी. कम्पनियों को आकर्षित किया है। यह टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो और टेक महिन्द्रा जैसे प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी घरानों के चुनिन्दा गंतव्यों में से एक है। ओड़िशा में भी आई.टी. क्षेत्र की मांग को पूरा करने के लिए आई.टी. विशिष्ट एस.ई.जेड. विकसित हुए हैं।


“चालू परिवर्तन प्रक्रिया में ओड़िशा एक अग्रणी प्रान्त के रूप में उभरा है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत में "सरलता से व्यापार करने" की शर्तों में ओड़िशा को एक 'महत्वाकांक्षी अग्रणी' के रूप नें चिह्नित किया गया है। इस सन्दर्भ में, सभी क्षेत्रों से संयुक्त प्रयासों के माध्यम से इस विकास के प्रक्षेप-पथ को प्रशस्त करने की बड़ी जरूरत है। इस सम्बन्ध में, आई.टी. और आई.टी.ई.एस. की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है," डॉ. चान्द ने कहा। “इसके अतिरिक्त, समग्र ओड़िशा कुशल जनशक्ति के स्रोत के लिए डिप्लोमा एवं आई.टी.आई. संस्थानों सहित 450 से अधिक अभियान्त्रिकी एवं प्रबन्धन कॉलेजों का आलय बना है। इसी समय, भुवनेश्वर "स्मार्ट शहरों" की सूची में सर्वोच्च स्थान पर आया है। इससे अतिरिक्त लाभ मिला है। आनुषंगिक सुविधाएँ के बारे में भी, राष्ट्रीय परिदृश्य की तुलना में ओड़िशा कमर कसे हुए है। जबकि राज्य में सड़कों की सघनता राष्ट्रीय औसत से अधिक है, रेलवे की सघनता के मामले में, यह राष्ट्रीय मानक के सम-स्तर पर है। और फिर, रेलवे बजट 2016 में, केन्द्र ने पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ओड़िशा के लिए बजट आबंटन 30% तक बढ़ दिया है, जो औद्योगीकरण और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण सृजित करके, निश्चित रूप से राज्य में भावी विकास योजनाओं में मददगार साबित होगा। एक प्रदूषण-मुक्त शहर होने के अलावा, भुवनेश्वर ने अपनी अच्छी कानून एवं व्यवस्था की स्थिति चलते निवेशकों को भी आकर्षित किया है और उभरते उद्यमियों को प्रोत्साहित किया है,” डॉ॰ चान्द ने आगे कहा।


इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री प्रणव प्रकाश दास, राज्यमन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, ओड़िशा सरकार, श्री पी.के॰ जेना, आई॰ए॰एस॰, प्रधान सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, ओड़िशा सरकार, श्री ए.के. झा, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, महानदी कोलफील्स लि॰ और डॉ॰ ॐकार राय, महानिदेशक, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इण्डिया उपस्थित थे।

 

नालको को ईईपीसी का स्टार निष्पादक का पुरस्कार मिला


भुवनेश्वर, 25.02.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), भारत सरकार के खान मन्त्रालय के अधीन एक नवरत्‍न लोक उद्यम और भारत के अग्रणी एल्यूमिना और एल्यूमिनियम के उत्पादक और निर्यातक, को वर्ष 2013-14 के दौरान अपने उत्कृष्ट निर्यात निष्पादन के लिए वृहद उद्यम संवर्ग में शीर्ष निर्यातक के रूप में ईईपीसी (इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउन्सिल, पूर्वी क्षेत्र) की स्वर्ण ट्राफी मिली है।


कम्पनी की ओर से, श्री एन॰ पाण्डव, क्षेत्रीय प्रबन्धक (पूर्वी क्षेत्र) ने 23 फरवरी को कोलकाता में आयोजित, 2013-2014 के लिए निर्यात उत्कृष्टता ई.ई.पी.सी. क्षेत्रीय पुरस्कार समारोह में पश्चिम बंगाल के महामहिम राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी के कर-कमलों से यह पुरस्कार ग्रहण किया।


देश के अग्रणी विदेशी मुद्रा अर्जन करनेवाले केन्द्रीय लोक उद्यमों में एक के रूप में नालको को श्रेय देते हुए, डॉ॰ तपन कुमार चान्द, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक समग्र नालको को इस पुरस्कार के लिए बधाई दी।


यहाँ यह भी उल्लेख किया जा सकता है कि नालको को प्रीमियर ट्रेडिंग हाउस की पदवी प्राप्त है और अपने उत्पादों की उच्च गुणवत्ता के लिए लन्दन धातु बाजार(एल.एम.ई.) में पंजीकृत होनेवाली यह पहली भारतीय कम्पनी है।

 

शैक्षिक एवं मेडिकल नाभिकेन्द्र के रूप में भुवनेश्वर तेजी से उभर रहा है : नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक


भुवनेश्वर, 24.02.2016 : “भुवनेश्वर केवल "स्मार्ट शहरों" की सूची में सबसे ऊपर ही नहीं आया है, किन्तु पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के शैक्षिक और मेडिकल केन्द्र के रूप में भी तेजी से उभर रहा है," नवरत्‍न नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक डॉ॰ तपन कुमार चान्द कहते हैं। नालको के चल रहे उद्योग-संस्थान पारस्परिक क्रिया कार्यक्रम के भाग रूप में, बुधवार को भुवनेश्वर में ओड़िशा इंजीनियरिंग कॉलेज (ओ.ई.सी.), एस.ओ.ए. विश्वविद्यालय और एन.एम. इन्स्टीच्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में डॉ॰ चान्द ने मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधन दिए। उन्होंने ओ.ई.सी. के वार्षिक तकनीकी समारोह – जाजेन’16, एस.ओ.ए. युनिवर्सिटी के तत्वावधान में इन्स्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साईन्सेस एण्ड सम अस्पताल द्वारा आयोजित "बर्न्स डिमांड आटेन्शन" कार्यक्रम और एन.एम. इन्स्टीच्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी के वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम टेक्नोफ्यूज़न 2के16 की शोभा बढ़ाई।


“जबकि ओड़िशा "सरलता से व्यापार करने" के सूचकांक में श्रेष्ठ कोष्ठकों में रखा गया है, सभी क्षेत्रों से संयुक्त प्रयासों के माध्यम से इस विकास के प्रक्षेप-पथ को प्रशस्त करने की बड़ी जरूरत है। इस सम्बन्ध में, शैक्षिक संस्थानों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है,” डॉ. चान्द ने कहा। “इसके अतिरिक्त, समग्र ओड़िशा कुशल जनशक्ति के स्रोत के लिए डिप्लोमा एवं आई.टी.आई. संस्थानों सहित 450 से अधिक मेडिकल एवं प्रबन्धन कॉलेजों से भरा हुआ है," डॉ. चान्द ने आगे कहा। हर वर्ष, आई.एम.एस. एवं सम अस्पताल सहित, ओड़िशा में 5000 से अधिक जल जाने के मामले विभिन्न अस्पतालों में दर्ज होते हैं, जहाँ वहन करने योग्य प्रभार पर आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं। प्रो॰ डॉ॰ राजीव आहूजा, इण्टरनेशन सोसाईटिज फॉर बर्न इन्ज्युरिज के अध्यक्ष एवं जलने एवं प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष, मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली ने यह मत प्रकट किया, जो अस्पताल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता थे। बदले में, नालको ने निगम सामाजिक उत्तरदायित्व योजना के अधीन कम्पनी की ‘नालको की लाड़ली’ योजना के अन्तर्गत जल जाने से पीड़ित एक कन्या (जिसका एस.ओ.ए. बर्न सेंटर एवं स्किन बैंक में सफलतापूर्वक ईलाज हुआ हो) को गोद लेने का निर्णय लिया है। साथ ही, यह कम्पनी, सम अस्पताल, राज्य सरकार के अग्निशमन दस्ते और मन्दिर नगरी रोटेरी क्लब के सहयोग से जलने से पीड़ित रोगियों के उपचार एवं प्रबन्धन के साथ उनके पुनर्वास और पुनर्बन्दोवस्त के लिए जागृति लाने के लिए कार्यक्रमों का संचालन करेगी।


एन.एम. इन्स्टीच्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी में अपने भाषण में डॉ॰ चान्द ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय संस्कृति में शैक्षिक प्रणाली और जीवनशैली के अपने लंगर स्थल होने चाहिए, जो जीवन की अनेकानेक शिक्षाओं के साथ मूल्यों से समृद्ध है। “प्रवृत्ति, कौशल और ज्ञान के उपयुक्त सम्मिश्रण के साथ, एक संतुलित व्यक्तित्व, किसी व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक आयाम में सफल होने के लिए आगे बढ़ा सकता है," डॉ॰ चान्द ने कहा।


यह उल्लेखनीय है कि भुवनेश्वर में मुख्यालय वाला एकमात्र नवरत्न लोक उद्यम, नालको ने इस स्थान के शैक्षिक महत्व को प्रवर्धित करने के लिए योजना बनाई है और वैश्विक मानकों के अनुसार ओड़िशा के प्रमुख शैक्षिक संस्थानों के उत्थान के लिए एक पथ-मानचित्र विकिसित किया है।

 

चालू मेक-इन-इण्डिया सप्ताह में ओड़िशा निवेशक सम्मेलन में नालको एक प्रमुख खिलाड़ी


भुवनेश्वर, 15.02.2016 : मुम्बई में चल रहे मेक-इन-इण्डिया सप्ताह में ओड़िशा निवेशक सम्मेलन में ओड़िशा को ₹56,400 करोड़ के निवेश का आश्वासन मिला है। इसमें एल्यूमिनियम प्रमुख नालको द्वारा अपने दामनजोड़ी स्थित एल्यूमिना परिशोधक के विस्तार और अनुगुळ में एक एल्यूमिनियम पार्क की स्थापना के लिए ₹20,550 करोड़ की वचनबद्धता शामिल है। इस सन्दर्भ में, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने कहा: “चूँकि नवरत्‍न नालको की समग्र मूल्य शृंखला, बॉक्साइट खनन से आरम्भ करके एल्यूमिनियम निर्माण तक ओड़िशा में आधारित है, हमारा प्रमुख ध्यान राज्य में निवेश परिवेश को सुदढ़ करना है, ताकि ओड़िशा के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके।” श्री चान्द कल निवेशक सम्मेलन के दौरान विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों, उद्यमियों, नौकरशाहों, भारत और विदेशों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे।


खनिज और जल संसाधन में समृद्ध होने के साथ ही, ओड़िशा में अच्छी सड़क, रेल और बन्दरगाह संयोगात्मकता है। सरलता से व्यापार करने के सूचकांक पर, यह राज्य श्रेष्ठ कोष्ठक में रखा गया है।" श्री चान्द ने टिप्पणी की। “इसके अतिरिक्त, समग्र राज्य कुशल जनशक्ति के स्रोत के लिए अभियान्त्रिकी एवं प्रबन्धन कॉलेज, डिप्लोमा एवं आई.टी.आई. संस्थानों से भरा हुआ है। इसी समय, राज्य की राजधानी भुवनेश्वर को केन्द्र द्वारा हाल ही में 'सबसे स्मार्ट शहर' घोषित किए जाना एक अतिरिक्त लाभ है" श्री चान्द ने उल्लेख किया।


श्री चान्द ने आगे अनुभव बताया कि विश्वभर में विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं में संरचनात्मक समायोजनों के कारण अन्तर्राष्ट्रीय धातु बाजार में वर्तमान मन्दी कुछ समय तक जारी रह सकती है। इस सन्दर्भ में, प्रतियोगितात्मक बने रहने के लिए भारतीय उद्योगों को अपनी लागत संचरना का पुनरीक्षण करने की जरूरत है।


“बाजार में कठिनाई का दौर जारी रहने के चलते, नालको ने, नए व्यवसाय प्रतिमान के साथ एक नई निगम योजना विकसित की है जो बाजार के धावों का सामना करेगी और कम्पनी को लाभकारिता के साथ प्रवाहित रखेगी”: श्री चान्द ने आगे कहा।

 

नालको की तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ ₹133 करोड़ का हुआ


नालको की तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ ₹133 करोड़ का हुआ भुवनेश्वर, 11.02.2016: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्‍न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और देश के अग्रणी एल्यूमिना और एल्यूमिनियम उत्पादक और निर्यातक ने दिसम्बर 2015 को समाप्त तृतीय तिमाही के अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं।


भुवनेश्वर में आज हुई कम्पनी के निदेशक-मण्डल की बैठक में रिकार्ड में लिए गए वित्तवर्ष 2015-16 की तीसरी तिमाही के पुनरीक्षित परिणामों के अनुसार, नालको ने ₹133 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जबकि पिछली तिमाही में ₹226 करोड़ का तथा पिछले वित्त वर्ष की सम्बन्धित तिमाही के दौरान ₹354 करोड़ का लाभ उपलब्ध हुआ था। तीसरी तिमाही में शुद्ध बिक्री कारोबार ₹1616 करोड़ का हुआ। हालांकि 2015-16 में तीसरी तिमाही में औसत एल॰एम॰ई॰ मूल्य लगभग 300 यू.एस. डॉलर्स प्रति टन धातु तक घट गए, अर्थात् लगभग 17% कम वसूली हुई, कम्पनी द्वारा उत्पादन और उत्पादकता पर ध्यान केन्द्रित किए जाने के कारण कारोबार में कमी 11% तक ही सीमित रही। मन्दी का दौर के बावजूद, यह हर्ष की बात है कि नालको ने चालू वित्त वर्ष की दोनों तिमाहियों में लाभ दर्ज किया है, जबकि समग्र वैश्विक एल्यूमिनियम उद्योग बाजार में भारी गिरावट से चक्कर खा रहा है और अनेक कम्पनियों को हानि होने की रिपोर्ट मिली है।


दिसम्बर 2015 को समाप्त 9 महीनों के लिए शुद्ध लाभ ₹523 करोड़ का हुआ, जबकि पिछले वित्त वर्ष की तत्समान अवधि में ₹967 करोड़ का लाभ हुआ था। इस वित्त वर्ष के 9 महीनों के लिए शुद्ध बिक्री, पिछले वित्तवर्ष की तत्समान अवधि में हुई ₹5484 करोड़ की तुलना में ₹4866 करोड़ की हुई है।


नालको ने सभी मोर्चों पर उत्पादन में वृद्धि उपलब्ध की है। चालू वित्त वर्ष प्रथम नौ महीनों के दौरान, नालको ने पिछले वित्त वर्ष की तुलनीय अवधि में उपलब्ध 43.04 लाख टन की तुलना में 45.74 लाख टन बॉक्साइट का उत्पादन किया। कम्पनी ने पिछले वित्त वर्ष की तदनुरूपी अवधि के दौरान उपलब्ध 14.24 लाख टन की तुलना में इस वर्ष 14.37 लाख टन एल्यूमिना हाईड्रेट का उत्पादन किया। एल्यूमिनियम धातु का उत्पादन पिछले वर्ष के नौ महीनों की तुलनीय अवधि के दौरान दर्ज किए गए 2.44 लाख टन के मुकाबिले 2.76 लाख टन का हुआ। इस अवधि के दौरान 4351 मिलियन एकक का शुद्ध विद्युत सृजन हुआ, जबकि पिछले वर्ष की तदनुरूपी अवधि में 3858 मिलियन एकक उपलब्ध हुआ था। नालको एक हरित विद्युत उत्पादक के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। कम्पनी ने इस वित्तवर्ष के प्रथम 9 महीनों के दौरान 134 मिलियन एकक पवन ऊर्जा सृजित की।

 

नालको प्रमुख को उत्कल विश्वविद्यालय से डी.लिट. उपाधि मिलेगी


नालको प्रमुख को उत्कल विश्वविद्यालय से डी.लिट. उपाधि मिलेगी भुवनेश्वर, 10.02.2016: श्री तपन कुमार चान्द, नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ. नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, को उनके "राष्ट्र निर्माण में योगदान" की मान्यता में उत्कल विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिष्ठापूर्ण मानद डी.लिट. की उपाधि मिलेगी। उत्कल विश्वविद्यालय की सीण्डिकेट और कुलाधिपति की ओर से, मंगलवार को कुलपति के कार्यालय से एक सरकारी सूचना में यह घोषणा की गई। श्री चान्द 16 फरवरी को आयोजित होनेवाले विश्वविद्यालय के 47वें दीक्षान्त-समारोह के दौरान यह मानद डिग्री ग्रहण करेंगे। संयोग से, वे इसी विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक धारी हैं।


श्री चान्द, जिनका कम्पनियों के मामलों के संचालन में 8 वर्षों सहित खनन और धातु क्षेत्र में 3 दशकों से अधिक का अनुभव है, ने निगम सामाजिक उत्तरदायित्व एवं संधारणीय विकास के कार्यक्षेत्र सहित उत्पादकता, लाभकारिता एवं व्यवसायिक प्रतिमानों के विकास के क्षेत्र में अमित योगदान किए हैं। उन्होंने पश्चिमी यूरोप में इण्टरनेशनल सेण्टर फॉर प्रोमोशन ऑफ इण्टरप्राईजेस (आईसीपीई) और क्वीन्सलैण्ड युनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, आस्ट्रेलिया में प्रगत प्रबन्धन कार्यक्रम में प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने ओ.ई.सी.डी. के पेरिस सम्मेलन में भारतीय इस्पात उद्योग का प्रतिनिधित्व किया। निगम अभिशासन के क्षेत्रों में, वे स्कोप और सार्वजनिक उद्यम विभाग, भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य-निष्पादक निर्णीत हुए थे। हाल ही में, उन्हें एसोचैम की खनन एवं खनिज परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए चुना गया है।


यह उल्लेखनीय है कि नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक का कार्यभार सम्भालने के छह महीनों के अन्दर, श्री चान्द ने कोयला एवं बॉक्साइट खानों के अधिग्रहण के माध्यम से कच्चे माल को सुरक्षित करने के साथ साथ नालको की छवि निर्माण और निवेश योजनाओं में एक शानदार भूमिका निभाई है। उन्होंने आर.आई.एल.एन. और नालको जैसी कम्पनियों के प्रचालनों का भूमण्डलीकरण हाथ में लिया, जिससे विश्व भर में ऐसी भारतीय कम्पनियों की उपस्थिति सुदृढ़ हुई। इसके अतिरिक्त, उद्योग-संस्थान अन्तराफलक पहल के माध्यम से, वे संस्थानों को एक अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शन और भूमण्डलीय पैर जमाने का स्थान पाने में मदद कर रहे हैं।


वर्तमान मान्यता के अनुगमन में, सी.आई.आई., उत्कल चैम्बल ऑफ कॉमर्स एवं एसोचैम जैसे उद्योग समूहों, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों सहित जनजीवन के सभी संवर्गों के व्यक्तियों ने श्री चान्द को बधाई सन्देश भेजने आरम्भ कर दिए हैं। उद्योग मंडल अनुभव करते हैं एक प्रसिद्ध उद्योग कप्तान को ऐसी मानद उपाधि से राज्य में व्यावसायिक वातावरण के प्रवर्धन में एक लम्बा रास्ता तय होगा।

 

नालको के प्रमुख की माननीय प्रधानमंत्री से मुलाकात



pmvisit भुवनेश्वर, 08.02.2016: हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा मन्दिर नगरी भुवनेश्वर के दौरे के दौरान राज भवन, भुवनेश्वर में, भुवनेश्वर स्थित सभी उद्योगों तथा नालको की ओर से श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपने द्वारा लिखित एक पुस्तक “एल्यूमिनियम : महत्वपूर्ण धातु" भी माननीय प्रधानमंत्री को भेंट की। इसके पूर्व इस पुस्तक का विमोचन केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त, भारत सरकार द्वारा 6 जनवरी, 2016 को किया गया था।


इस पुस्तक की समीक्षा डॉ॰ अब्राहम कोशी, प्रोफेसर, भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आई.आई.एम.), अहमदाबाद द्वारा की गई है। उन्होंने इस पुस्तक का वर्णन, बॉक्साइट खनन से रोलिंग, ढलाई और उच्च उपयोग के उत्पाद बनाने तक एल्यूमिनियम की समग्र मूल्य शृंखला से सम्बन्धित सूचनाओं की कुंजी के लिए "वन स्टॉप शॉप" के रूप में किया है। यह पुस्तक प्राथमिक रूप से एल्यूमिनियम क्षेत्र में रुचि रखनेवाले अग्रवर्ती मोर्चे के अभियन्ताओं, पेशेवरों, अध्येताओं और बुद्धिजीवियों के लिए है। साथ ही, उस पुस्तक का प्रमुख उद्देश्य एल्यूमिनियम का रणनीतिक उपयोग को बढ़ावा देना तथा हरित अभियान को आगे बढ़ाना है। स्मार्ट शहरों के आने के मद्देनजर लेखक स्मार्ट शहरों को हरित शहर बनाने के लिए एल्यूमिनियम के व्यापक उपयोग करने, ढुलाई क्षमता को 3 गुना बढ़ाने के लिए वैगनों में एल्यूमिनियम का उपयोग करने, भोज्य, पेय एवं पैकेजिंग क्षेत्र में, विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक व परिवहन क्षेत्रों आदि में एल्यूमिनियम के व्यापक उपयोग करने की वकालत करते हैं, ताकि एल्यूमिनियम की प्रति व्यक्ति खपत को एक निर्णयात्मक प्रवर्धन दिया जा सके जो कि भूमण्डलीय 8 कि.ग्रा के मुकाबने भारत में सिर्फ 2 कि.ग्रा है। लेखक द्वारा समय की बाधा के बावजूद इस पुस्तक का प्रकाशन करने हेतु किए गए प्रयास की माननीय प्रधानमंत्री ने काफी सराहना की। यह उल्लेख करना प्रासंगिक होगा कि यह नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ. देश की एक अग्रणी विदेशी मुद्रा अर्जन करनेवाली कंपनी है जिसने हाल ही में संधारणीय विकास विकसित के लिए एक नया व्यवसाय प्रतिमान (एनबीएम) विकसित किया है। कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक के रूप कार्यभार सम्भालने के बाद, श्री चान्द ने नालको के छवि-निर्माण, निवेश योजनाओं, कोयला एवं बॉक्साइट खानों के अधिग्रहण में एक शानदार भूमिका निभाई है।

 

स्टार्ट-अप इण्डिया से भारतीय व्यवसाय अधिक प्रतियोगितात्मक होगा:
नालको अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक



cmd भुवनेश्वर, 07.02.2016: “भारतीय उद्योगों में भूमण्डलीय प्रतियोगी बनने की सामर्थ्य है, किन्तु इसके लिए लागत कम करना और उत्तम उत्पादकता लाना आवश्यक है। अब, नए छोटे उद्योगों के माध्यम से उद्यमियों पर अधिक ध्यान केन्द्रित किए जाने के साथ, भूमण्डलीय बाजार में प्रतियोगितात्मक बनने के लिए भारतीय व्यवसाय के लिए एक सुचालक वातावरण बना है", नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने भवन्स सेंटर फॉर कम्युनिकेशन एंड मैनेजमेंट के वार्षिकोत्सव के अवसर पर इसके विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा।


नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुसन्धान और उष्मायन केन्द्र की स्थापना के लिए बी-स्कूल की पहल के लिए भी श्री चान्द ने सराहना की। उन्होंने एक विशद मूल्य प्रणाली के विकास के महत्व पर बल दिया जो उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए सही प्रकार की प्रवृत्ति, कौशल और अभिज्ञान पाने हेतु विद्यार्थियों को सामर्थ्य प्रदान करे। ऐसे चौतरफा उपलब्धिकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए, उन्होंने इस संस्थान के तीन शीर्ष विद्यार्थियों के लिए नकद पुरस्कार संस्थापित करने की घोषणा भी की।


अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, मेज़र जनरल बी.के. महापात्र, भवन्स सेंटर फॉर कम्युनिकेशन एंड मैनेजमेंट के अध्यक्ष, डॉ॰ सुजाता मङ्गराज, निदेशक-सह-अधिष्ठाता और लेफ्टिनेंट कर्नल पी.के. साहु, वरिष्ठ निदेशक (प्रशासन एवं वित्त) इस अवसर पर उल्लेखनीय रूप से उपस्थित थे।

 

अनुगुल में नालको अस्पताल एवं मोबाईल स्वास्थ्य एककों का उन्नयन होगा

भुवनेश्वर, 05.02.2016 अनुगुल स्थित नालको का 60 बिस्तरों वाला द्वितीय स्तर के केयर अस्तपाल को आवश्यक हाई-टेक मशीनों और विभिन्न शाखाओं में विशेषज्ञों की भर्ती के साथ नवीनीकरण और उन्नयन किया जाएगा। रोगियों को कठिनाइयों को घटाने साथ ही, इससे वाह्यरोगी एवं आन्तरिक रोगी दोनों के लिए चिकित्सा सुविधाएँ उल्लेखनीय रूप से उन्नत होंगी। इसीप्रकार, ग्रामीणों के लिए वाह्यरोगी विभाग और कम्पनी के तीन मोबाईल स्वास्थ्य एकक, जो परिधीय गाँवों में निःशुल्क शिविर लगाते हैं, को शिशुरोग एवं औषधि विशेषज्ञों की भर्ती के द्वारा सुदृढ़ किया जाएगा। अनुगुळ में कम्पनी के प्रद्रावक एवं विद्युत संकुल के दो दिवसीय परिदर्शन के अन्त में आज श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक द्वारा यह घोषणा की गई।


अपने तूफानी दौरे के दौरान, श्री चान्द ने नालकोनगर और अनुगुळ के सरस्वती विद्या मन्दिरों के हजारों विद्यार्थियों को सम्बोधित किया; कार्यपालकों के साथ परिचर्चा में निगम संकल्पना और नए हर मौसम के अनुकूल व्यावसायिक प्रतिमान की जानकारी दी; और उत्पादकता, लाभकारिता और विश्वसनीयता के माध्यम से कम्पनी और इसके पणधारकों के सम्मिलित विकास के लिए श्रमिक संघों और एसोशिएसनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।


“मन्दे बाजार के बावजूद, हमारा धातु उत्पादन 2015-16 के दौरान 15% और अगले वित्तवर्ष में 20 से 25% तक बढ़ेगा,” श्री चान्द ने सभी स्तर पर समीक्षाओं के बाद दावा किया। उन्होंने वर्तमान बाजार में उठापटक का सामना करने में अनुशासन और गति बनाए रखने का सम्पूर्ण श्रेय कर्मचारियों को दिया।


सरस्वती विद्या मन्दिरों के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए, श्री चान्द ने बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए शैक्षिक के अलावा पाठ्येतर और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का महत्व प्रतिपादित किया। “शैक्षिक परीक्षाओं की अपनी सीमाएँ होती हैं, क्योंकि उनके कमोबेस पूर्व निर्धारित उत्तर होते हैं। दूसरी ओर, रचनात्मकता और उत्कंठा विभिन्न अनुभूति, सुन्दर अभिव्यंजना और उत्कृष्ट उपलब्धियों की ओर अग्रसर करते हैं,” नवरत्‍न नालको के मुख्य ने कहा।

 

एल्यूमिनियम वृहद् के लिए अच्छा प्रवाह नालको को टेपरिंग लिंकेज कोयला आपूर्ति की बहाली हुई

cmd भुवनेश्वर, 04.02.2016: कोयला मंत्रालय, भारत सरकार, ने अनुगुळ में नालको के ग्रहीत विद्युत संयंत्र (ग्र.वि.सं.) के दो एककों को महानदी कोलफील्स से टेपरिंग लिंकेज कोयला आपूर्ति की बहाली करने का निर्णय लिया है। बुधवार को नालको कर्मचारी फोरम (एन.ई.एफ), भुवनेश्वर के 12वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द द्वारा यह घोषणा की गई। “हम खान मंत्रालय के आभारी हैं, जिन्हों कोयला मंत्रालय के समक्ष हमारे मामले की दृढ़ सिफारिश की", श्री चान्द ने कहा।


इस सुखद समाचार, जो एन.ई.एफ. को मान्यता देने के साथ घटित हुआ, का वर्णन करते हुए श्री चान्द ने कहा कि महानदी कोलफील्ड्स के साथ हुए ईंधन आपूर्ति राजीनामे (एफ.एस.ए.) के अनुसार नालको के 1200 मेगावाट के ग्र.वि.सं. के 10 एककों में से केवल 8 एककों के लिए कम्पनी अब तक 47.16 लाख टन प्रति वर्ष कोयला की आपूर्ति ही सुनिश्चित कर पाई थी। एकक 9 एवं 10 के लिए, 10.93 लाख टन प्रति वर्ष की टेपरिंग लिंकेज कोयला आपूर्ति थी, जो नालको को आबंटित उत्कल-ई कोयला प्रखण्ड के साथ संबद्ध थी। यह लिंकेज आपूर्ति 2011 बन्द कर दी गई थी। केन्द्र द्वारा ग्र.वि.सं. के निकट स्थित 200 मिलियन टन से अधिक भण्डारों वाले उत्कल डी एवं ई कोयला प्रखण्डों के ताजा आबंटन के द्वारा, जहाँ से कोयला के उत्खनन के लिए कुछ वर्ष लगेंगे, कोयला मंत्रालय ने टेपरिंग लिंकेज की बहाली करने का निर्णय लिया है। इससे नालको के ग्र.वि.सं. के निकट स्थित अपने प्रद्रावक को विद्युत आपूर्ति व्यापक रूप से बढ़ेगी, जिससे अधिक पॉट्स एल्यूमिनियम का प्रद्रावण हेतु प्रचालित हो सकेंगे।


एन.ई.एफ. सहित नालको कर्मचारी संघों के द्वारा निभाई गई अग्र-सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए, श्री चान्द ने श्रमिक संघ नेताओं प्रमुख सख्त प्रबन्धकों के रूप में वर्णन किया। समग्रतः नालको उत्पादकता, लाभकारिता और विश्वसनीयता के माध्यम से व्यावसायिक उत्कृष्टता उपलब्ध करने के लिए प्रयासरत है, उन्होंने कहा। “श्रमिक संघ प्रबन्धन ने नालको की शक्ति के साथ मिलकर वर्तमान बाजार की मन्दी की स्थिति के गुरुत्वाकर्षक बल का सामना किया है और कम्पनी ऊँचाई पर उठ रही है", श्री चान्द ने दावा किया।


अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (मा.सं.), श्रीमती प्रीति रॉय, अध्यक्ष, नालको महिला समिति और श्री अमीय पटनायक, महाप्रबन्धक (मा. व प्र.) ने भी एन.ई.एफ. की भारी प्रशंसा की। आरम्भ में, एन.ई.एफ से, श्री पी.के. दास, महासचिव ने अतिथियों का स्वागत किया और श्री मदन मोहन धळ, अध्यक्ष ने दुर्बलकारक बलों को दबाने हेतु सामान्यतः श्रमिक संघों तथा विशेषकर एन.ई.एफ. के योगदान पर प्रकाश डाला।

 

नालको ने हर मौसम के उपयुक्त मॉडल को विकसित किया: तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक

भुवनेश्वर, 03.02.2016: विश्व एल्यूमिनियम बाजार मन्दा है गिरते चक्र में है। भूमण्डलीय एल्यूमिनियम उत्पादन खपत से 2.6% अधिक बढ़ गया है, जिससे 2015 में लगभग 1.4 मिलियन टन का अधिशेष बन गया। चीन में खपत में धीमेपन के परिणामस्वरूप उस देश से अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अधिशेष उत्पादन कम मूल्य पर विक्रय से धातु के मूल्यो में तीव्र गिरावट हुई है। वर्तमान, एल्यूमिनियम मूल्य लगभग 1500 यू.एस. डॉलर प्रति टन के संकीर्ण दायरे से गुजर रहे हैं जो प्राथमिक उत्पादकों की उत्पादन लागत से काफी नीचे है। विश्व में 70% कम्पनियों को नकद हानि होने की रिपोर्ट है। अनेक प्रद्रावक बन्द हो चुके हैं और कई उत्पादन में कटौती का सहारा ले रहे हैं।

"बाजार में कठिनाई का दौर जारी रहने के चलते, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में से विदेशी मुद्रा अर्जन में अग्रणी, नालको ने, नए व्यवसाय प्रतिमान के साथ एक नई निगम योजना विकसित की है जो बाजार के धावों का सामना करेगी और कम्पनी को लाभकारिता के साथ प्रवाहित रखेगी": कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने कहा। इस एल्यूमिनियम वृहद् उद्योग के मुख्य के अनुसार यह नया व्यवसाय मॉडल (एनबीएम) नालको को बाजार की अनिश्चितताओं से बचाए रखेगा। यह आधुनिकीकरण और धूसरक्षेत्र विस्तार एवं उर्ध्वप्रवाह एवं अनुप्रवाह के एकीकरण के माध्यम से उत्पादन के परिमाण में वृद्धि के साथ लागत में कमी लाकर कम्पनी के एल्यूमिनियम कारोबार को सुदृढ़ भी करेगा। इसके साथ, यह प्रतिमान हरित विद्युत, नाभिकीय विद्युत, आई.पी.पी., टिटानियम जैसी विरल धातु, लाल पंक अपशिष्ट से लौह की वसूली और तिजारति खनन में विविधीकरण पर विचार करता है, जो धातु बाजार में गिरावट से प्रतिरक्षा करते हैं।


“हम गुजरात में दाहेज में एक कॉस्टिक सोड़ा संयंत्र के लिए गुजरात अल्कालिज एण्ड केमिकल्स लिमिटेड के साथ एक संयुक्त उद्यम कम्पनी गठित कर चुके हैं। नालको विदेश में एक हरित-क्षेत्र एल्यूमिनियम प्रद्रावक की स्थापना के अवसर भी तलाश कर रही है, जहाँ प्रतियोगितात्मक मूल्य पर ऊर्जा उपलब्ध हो सके। कम्पनी ने इस सम्बन्ध में ईरान, ओमान, क़तर और इण्डोनेशिया के साथ चर्चा शुरू की है", श्री चान्द ने आगे कहा।


भारतीय परिदृश्य के बारे चर्चा करते हुए नवर्तन कें.सा.क्षे.उ. के मुख्य कहते हैं कि भारत में, मुख्यतः विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के में मांग में वृद्धि के कारण, हालांकि खपत 6% बढ़ी है, लेकिन आयात में वृद्धि एक गम्भीर चिन्ता का विषय बन गई है क्योंकि 2014-15 में आयात का परिमाण 1.6 मिलियन टन से अधिक हो गया और निरन्तर बढ़ रहा है। “एल्यूमिनियम धातु की कुल देशीय खपत के 56% का आयात हो रहा है, देशीय उत्पादकों के लिए बाजार का केवल 44% बच पाया है।

 

 

ओलम्पियन अनुराधा बिश्वाल एवं क्रिकेट खिलाड़ी शिव सुन्दर दास ने केन्द्रीय विद्यालय-2 के विद्यार्थियों को निहाल किया

cmd भुवनेश्वर, 31.01.2016: तेज धाविका अनुराधा बिश्वाल, जिसने सीडनी में ओलम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी शिव सुन्दर दास, जो भारत में टेस्ट मैच और एक-दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मैच में भारत के आरम्भिक खिलाड़ी होते थे, ने कल कटक में केन्द्रीय विद्यालय नं.2 के विद्यार्थियों के साथ सरगर्मी से बातचीत की। नालको के इन अधिकारियों ने विद्यालय के वार्षिक क्रीड़ा दिवस में सम्मानित अतिथि के रूप में योग दिया और अपने बचपन के कुछ प्रेरक किस्से सुनाए। मुख्य अतिथि श्रीमती मीनाक्षी बेहेरा, कटक नगरपालिका निगम की मेयर, ने केन्द्रीय विद्यालय का ध्वज फहराया और क्रीड़ा मशाल प्रज्ज्वलित की। स्कूल की प्राचार्य श्रीमती प्रीति रॉय ने स्वागत भाषण दिया और विद्यार्थियों को समग्र व्यक्तित्व के विकास के लिए पढ़ाई लिखाई के साथ पाठ्येतर गतिविधियों - दोनों में अच्छी उपलब्धि हासिल करने हेतु आह्वान किया। विद्यार्थी के साथ, उनके अभिभावकों ने भी खेलकूद गतिविधियों में भाग लिया। इस उपलक्ष्य में योग, एरोबिक्स, गीत और नृत्य आदि दिनभर चले। श्री टी॰के॰ स्वाईं, टीजीटी, ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

 

नालको को कैपेक्सिल का उच्चतम निर्यात पुरस्कार मिला

cmd भुवनेश्वर, 29/01/2016: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्न कें.सा.क्षे.उद्यम, ने एक बार फिर अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी दुर्जेय उपस्थिति सुदृढ़ बनाते हुए एल्यूमिना और एल्यूमिनियम के निर्यात में अपना प्रभुत्व सिद्ध किया है। कम्पनी को 2012-13 वर्ष के लिए संसाधित खनिज संवर्ग में अपने उत्कृष्ट निर्यात कार्य-निष्पादन के लिए भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रायोजित केमिकल एवं एलायड प्रोडक्ट्स प्रोमोशन काउन्सिल (कैपेक्सिल) का उच्चतम निर्यात पुरस्कार मिला है। कम्पनी की ओर से, श्री आर.एन. लेंका, कार्यपालक निदेशक (विपणन) ने वृहस्पतिवार को नई दिल्ली में भारत सरकार के केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मन्त्री श्री कलराज मिश्र के कर-कमलों से यह पुरस्कार ग्रहण किया।


देश के विदेशी मुद्रा अर्जन करनेवाले केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में से नालको एक अग्रणी होने का श्रेय देते हुए कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने 1988 से, जब कम्पनी को प्रथम कैपेक्सिल निर्यात पुरस्कार मिला था, संधारणीय प्रयास करने के लिए समग्र नालको को बधाई दी है। यह उल्लेखनीय है कि वित्तवर्ष 2012-13 के दौरान, नालको ने 20 से अधिक देशों में 9,44,117 मे॰ट॰ एल्यूमिना और 1,44,161 मे॰ट॰ एल्यूमिनियम का निर्यात करके ₹3410 करोड़ की विदेशी मुद्रा अर्जित की।

 

"उद्योग बौद्धिक अंश के वजाए बेहतर भावनात्मक अंश वाले व्यक्तियों की तलाश में है" - नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक तपन कुमार चान्द ने कहा

cmd भुवनेश्वर, 28.01.2016: “रोजगार सूचकांक में, अब आई.क्यू. (बौद्धिक अंश) के बदले ई.क्यू. (भावनात्मक अंश) बेहतर निर्धारित किया जाता है। और सभी अग्र-दर्शी उद्योग, नवरत्‍न नालको सहित, नौकरी-खोजनेवालों के मध्य से स्वस्थ व्यक्तित्व की तलाश करते हैं,” नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने कहा।


श्री चान्द आज खोर्धा में प्राणनाथ स्वायत्तशासी महाविद्यालय के 57वें वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सम्भाषण दे रहे थे। "भारतीय उद्योगों में, अगले 4 से 5 वर्षों में 120 मिलियन कुशल नौकरियाँ उपलब्ध होंगी," श्री चान्द ने सूचित किया। नियोजनक्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों को ए.एस.के. अर्थात् अपनी अभिवृत्ति, कौशल और अभिज्ञान आधार को सुदढ़ करने के लिए प्रेरित किया।


“इनमें से प्रत्येक प्रवृत्ति, जब एक दूसरे से साथ मिश्रित होती है, अद्भुत गुणक प्रभाव होता है। इसीप्रकार, इनमें से किसी एक प्रवृत्ति के अभाव में, नियोजनक्षमता काफी हद तक कम हो जाती है,” श्री चान्द ने कहा।


किसी उत्पादन कम्पनी के विकास और सफलता को मापने के लिए रोजगार सृजन एक पैमाना होन चाहिए। "भारत में बनाओ" अभियान में, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं," श्री चान्द ने आगे कहा।


शइस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, डॉ॰ अच्युत सामन्त, कीट विश्वविद्यालय के संस्थापक, श्री ज्योतिरीन्द्र नाथ मित्र, शासकीय अध्यक्ष, डॉ॰ प्रताप कुमार दास, प्राचार्य, पी.एन. कॉलेज ने अपना सम्भाषण दिया। श्री विवेक पट्टनायक, आई॰ए॰एस॰ (सेवानिवृत्त) मुख्य वक्ता थे और मेज़र क्षीरोद प्रसाद महान्ति, पूर्व कुलपति, उत्तर ओड़िशा विश्वविद्यालय सम्मानित अतिथि थे। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय बालुका कलाकार सुदर्शन पटनायक को प्रतिष्ठापूर्ण प्राणनाथ सम्मान से नवाजा गया।

गणतन्त्र दिवस सन्देश - 2016


Nalco CMD all praise for Mayurbhanj Utsav प्रिय नालकोवालो एवं परिवार के सदस्यो, ओड़िशा के लोगो, नालको के पणधारकों एवं शुभचिन्तको तथा देश एवं विदेश में रहनेवाले सभी भारतीयो!

हमारे देश के 67वें गणतन्त्र दिवस के अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक बधाई!

इस ऐतिहासिक अवसर पर, हमारे संविधान के निर्माताओं को, उनकी दूरदृष्टि और शासन की जनतान्त्रिक प्रणाली में दृढ़ विश्वास के लिए, श्रद्धाञ्जलि अर्पित करने के लिए हम गर्व की भावना के साथ तिरंगे झण्डे के नीचे एकत्र हुए हैं। यह एक ऐसा दिवस है, जब हम, एक ऐसा देश हमें प्रदान करने के लिए, हमारे स्वाधीनता संग्रामियों के द्वारा किए गए बलिदानों को याद करते हैं, जहाँ हम गरिमा और सम्मान के साथ रह सकते हैं।

26 जनवरी 1950 वह दिन था, जब भारत अपने सभी नागरिकों के लिए न्याय, स्वतन्त्रता, समानता और भातृभाव सुनिश्चित करते हुए एक सार्वभौम, समाजवादी, पंथ-निरपेक्ष, प्रजातान्त्रिक गणतन्त्र बना था। जब हम एक राष्ट्र के रूप में स्वतन्त्र भारत की लम्बी यात्रा का सिंहावलोकन करते हैं, हम गर्व से भर जाते हैं कि आज भारत विधि के नियम के साथ वृत्तम प्रजातन्त्र है।

नालको, ओड़िशा के लोगों के लिए एक गर्व और स्वाभिमान का प्रतीक :

नालको महत्वपूर्ण धातु के निर्माण में देश की आत्म-निर्भरता और प्रौद्योगिकी की शक्ति की प्रतीक है। नालको, ओड़िशा के लोगों के लिए स्वाभिमान का प्रतीक है। हम नालको परिवार का एक अंश होने पर गौरवान्वित और विशेष सुविधाप्राप्त हैं, जो आम आदमी - खास रुख वाले सामान्य लोगों का एक सुसंहत और वचनबद्ध दल है, जो इस नवरत्न केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम को राज्य और राष्ट्र का एक गौरव बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है।

भूमण्डलीय एवं देशीय एल्यूमिनियम बाजार :

हम एक कठिन समय से गुजर रहे हैं।. विश्व एल्यूमिनियम बाजार मन्दा है गिरते चक्र में है। भूमण्डलीय एल्यूमिनियम उत्पादन खपत से 2.6% अधिक बढ़ गया है, जिससे 2015 में लगभग 1.4 मिलियन टन का अधिशेष बन गया। चीन में खपत में धीमेपन के परिणामस्वरूप उस देश से अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में अधिशेष उत्पादन कम मूल्य पर विक्रय से धातु के मूल्यो में तीव्र गिरावट हुई है। वर्तमान, एल्यूमिनियम मूल्य लगभग 1500 यू.एस. डॉलर प्रति टन के संकीर्ण दायरे से गुजर रहे हैं जो प्राथमिक उत्पादकों की उत्पादन लागत से काफी नीचे है। विश्व में 70% कम्पनियों को नकद हानि होने की रिपोर्ट है। अनेक प्रद्रावक बन्द हो चुके हैं और कई उत्पादन में कटौती का सहारा ले रहे हैं। भारत में, मुख्यतः विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के में मांग में वृद्धि के कारण, हालांकि खपत 6% बढ़ी है, लेकिन आयात में वृद्धि एक गम्भीर चिन्ता का विषय बन गई है क्योंकि 2014-15 में आयात का परिमाण 1.6 मिलियन टन से अधिक हो गया और निरन्तर बढ़ रहा है। इस धातु की कुल देशीय खपत का 56% एल्यूमिनियम आयात हो रहा है, देशीय उत्पादकों के लिए बाजार का केवल 44% बच पाया है।

नालको, मन्दी के बाजार में रजत-रेखा पर है :

कहा गया है कि, "भाग्य वीरों के पक्ष में होता है।" बाजार के अत्यन्त निम्नगामी होने के बावजूद, नालको अपने उत्पादन और लाभकारिता को बनाए रखने में सफल हुई है। तीसरी तिमाही के अन्त तक, पिछले वर्ष की तदनुरूपी अवधि पर 6.27% की वृद्धि के साथ बॉक्साइट का सकल उत्पादन बढ़कर 45.74 लाख टन तक पहुँच गया। 2015-16 के अन्त तक, 10% की वृद्धि के साथ उत्पादन 63 लाख टन तक के स्तर तक होने की सम्भावना है। इसीप्रकार, इस वित्त वर्ष के अन्त तक एल्यूमिना हाईड्रेट के उत्पादन में 2.6% की वृद्धि, एल्यूमिनियम में 14% और शुद्ध विद्युत सृजन में 14% की वृद्धि होने की आशा है। लाभकारिता में, नालको ने पहली तिमाही के दूसरी तिमाही में कर पश्चात लाभ में 39% की वृद्धि दर्ज की है। किन्तु बाजार में निरन्तर गिरावट के कारण, इस वित्त वर्ष में लाभकारिता पिछले वर्ष की तुलना में अवनत रही है। किन्तु समग्र नालको ने पिछली जनवरी-मार्च तिमाही को उत्पादन महीनों के रूप में घोषित करके उत्पादन बढ़ाकर लाभकारिता के साथ तैरते रहकर अन्य उद्योग साथियों के साथ एक अन्तर बनाए रखने का दृढ़ संकल्प किया है। जबकि उत्पादकता और लाभकारिता पर ध्यान केन्द्रित है, हमें लागत बचाने के उपायों को नजरों के ओझल नहीं करना चाहिए।

बाजार में कठिनाई का दौर जारी रहने के चलते, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में से विदेशी मुद्रा अर्जन में अग्रणी, नालको, नए व्यवसाय प्रतिमान के साथ एक नई निगम योजना विकसित कर रहै है जो बाजार के धावों का सामना करेगी और कम्पनी को लाभकारिता के साथ प्रवाहित रखेगी। यह नया व्यवसाय प्रतिमान (एनबीएम) आधुनिकीकरण और धूसरक्षेत्र विस्तार एवं उर्ध्वप्रवाह एवं अनुप्रवाह के एकीकरण के माध्यम से उत्पादन के परिमाण में वृद्धि के साथ लागत में कमी लाएगा। इसके साथ, यह प्रतिमान हरित विद्युत, नाभिकीय विद्युत, आई.पी.पी., टिटानियम जैसी विरल धातु, लाल पंक अपशिष्ट से लौह की वसूली, तिजारति खनन आदि में विविधीकरण पर विचार करता है, जो धातु बाजार में गिरावट के प्रति प्रतिरक्षा हैं। हम गुजरात में दाहेज में एक कॉस्टिक सोड़ा संयंत्र के लिए गुजरात अल्कालिज एण्ड केमिकल्स लिमिटेड के साथ एक संयुक्त उद्यम कम्पनी गठित कर चुके हैं। नालको विदेश में एक हरित-क्षेत्र एल्यूमिनियम प्रद्रावक की स्थापना के अवसर भी तलाश कर रही है, जहाँ प्रतियोगितात्मक मूल्य पर ऊर्जा उपलब्ध हो सके। कम्पनी ने इस सम्बन्ध में ईरान, ओमान, क़तर और इण्डोनेशिया के साथ चर्चा शुरू की है।

भारत में एल्यूमिनियम बाजार के लिए उज्ज्वल दिन आने वाले हैं :

बाजार में कठिनाई का दौर जारी रहने के चलते, केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में से विदेशी मुद्रा अर्जन में अग्रणी, नालको, नए व्यवसाय प्रतिमान के साथ एक नई निगम योजना विकसित कर रहै है जो बाजार के धावों का सामना करेगी और कम्पनी को लाभकारिता के साथ प्रवाहित रखेगी। यह नया व्यवसाय प्रतिमान (एनबीएम) आधुनिकीकरण और धूसरक्षेत्र विस्तार एवं उर्ध्वप्रवाह एवं अनुप्रवाह के एकीकरण के माध्यम से उत्पादन के परिमाण में वृद्धि के साथ लागत में कमी लाएगा। इसके साथ, यह प्रतिमान हरित विद्युत, नाभिकीय विद्युत, आई.पी.पी., टिटानियम जैसी विरल धातु, लाल पंक अपशिष्ट से लौह की वसूली, तिजारति खनन आदि में विविधीकरण पर विचार करता है, जो धातु बाजार में गिरावट के प्रति प्रतिरक्षा हैं। हम गुजरात में दाहेज में एक कॉस्टिक सोड़ा संयंत्र के लिए गुजरात अल्कालिज एण्ड केमिकल्स लिमिटेड के साथ एक संयुक्त उद्यम कम्पनी गठित कर चुके हैं। नालको विदेश में एक हरित-क्षेत्र एल्यूमिनियम प्रद्रावक की स्थापना के अवसर भी तलाश कर रही है, जहाँ प्रतियोगितात्मक मूल्य पर ऊर्जा उपलब्ध हो सके। कम्पनी ने इस सम्बन्ध में ईरान, ओमान, क़तर और इण्डोनेशिया के साथ चर्चा शुरू की है।

एल्यूमिनियम उद्योग के लिए उज्ज्वल दिन आनेवाले हैं क्योंकि देश में इस वित्त वर्ष में सकल देशीय उत्पाद में 7.3 से 7.5% की वृद्धि होने की पृष्ठभूमि में खपत धीरे धीरे बढ़ रही है और तीन गुणा से अधिक की खपत की सम्भावनाएँ उपलब्ध हैं (भारत में प्रति व्यक्ति औसत खपत है 2.2 कि.ग्रा. है जबकि भूमण्डलीय औसत खपत है 8 कि.ग्रा. है)। विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों, निर्माण, परिवहन एवं स्वचालित वाहन में विकास से अधिक खपत बढ़ने की सम्भावनाएँ हैं।

नालको ₹6,000 करोड़ के दामनजोड़ी परिशोधक की स्थापना करेगी :

नालको ओड़िशा की जनता का सपना है और हम उस स्वप्न को साकार करने के लिए वचनबद्ध हैं। राज्य की प्रगति में एक साझेदार के रूप में, नालको की अगले पाँच वर्षों में ₹30,000 करोड़ तक के निवेश की योजना है, जिसमें से दामनजोड़ी में ₹6,000 करोड़ की परिशोधक परियोजना तत्काल सन्दान पर है। ₹15,000 करोड़ की प्रद्रावक एवं विद्युत संयंत्र की धूसरक्षेत्र परियोजना और लगभग ₹1,500 करोड़ का उत्कल डी एवं ई ब्लॉक विकास के साथ टिटानियम स्लैग परियोजना और अनुगुळ एल्यूमिनियम पार्क पाइपलाइन में हैं। कम्पनी एक नक्शे की रूपरेखा के विकास के लिए विश्व-श्रेणी के उर्ध्वप्रवाह और अनुप्रवाह उद्योगों का अध्ययन करने के लिए अमीरात और दुबाल एल्यूमिनियम पार्कों में एक दल भेजने की योजना बना रही है।

ओड़िशा की कला, वास्तुकला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने में नालको एक साझेदार होगी:

नालको केवल राज्य की औद्योगिक प्रगति में एक साझेदार नहीं है, बल्कि, ओड़िशा की कला, वास्तुकला और संस्कृति का प्रवर्तक भी है। ओड़िशी नृत्य और साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए, इस कम्पनी ने व्याख्याताओं और विद्यार्थियों के लिए पुरस्कारों और छात्रवृत्ति की स्थापना करने जैसे अनेक कदम उठाए हैं। आगामी दिनों में, नालको ओड़िशा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए सांस्कृतिक क्षेत्रों में और कई पहलकदमी उठाएगी। पर्यावरण प्रबन्धन के क्षेत्रों में, सभी सांविधिक प्रावधानों के अनुपालन के अलावा, कम्पनी ने इस तारीख तक 68 लाख से अधिक वृक्षारोपण किए हैं और भुवनेश्वर से कटक के राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वृक्षारोपण का कार्य हाथ में लिया है। ‘नालको हरित पुरस्कार’ और ‘नालको नीलाम्बु चिलिका पुरस्कार’ पारिस्थितिकी प्रणाली के संरक्षण के उठाए गए कुछ उत्प्रेरक उपाय हैं।

नालको समानुभूतिक नि.सा.उ. निभाएगी, पालना और सहभाजन आदर्शवाक्य होगा :

नि.सा.उ. के क्षेत्रों में, कम्पनी समानुभूतिक कल्याण और नि.सा.उ. उपायों के माध्यम से पालन और सहभाजन करनेवाली मानवीय सूरत लाने पर कम्पनी अपना ध्यान केन्द्रित करेगी। कम्पनी के द्वारा गरीबी की सीमारेखा से नीचे की कन्या विद्यार्थी की शिक्षा के लिए समर्थन देने के लिए इस वर्ष एक अनुपम योजना ‘नालको की लाड़ली’ चलाई गई है। हम अपने आसपास रहनेवाले समुदायों को मौलिक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए भी महत्व दे रहे हैं। अनुगुळ में 13 परिधीय गाँवों में पाइप से जल आपूर्ति प्रदान करने, ₹15 करोड़ की लागत से अनुगुल में एक आधुनिक नेत्र चिकित्सा अस्पताल की स्थापना करने, परिधीय गाँवों के लिए निःशुल्क वाह्य रोगी विभाग सुविधा प्रदान करने जैसे कम्पनी के द्वारा उठाए गए कदम इसके कुछेक उदाहरण हैं। नालको ने नि.सा.उ. में अपने शुद्ध लाभ का 2% के अलावा, कोरापुट के आदिवासी क्षेत्र, अनुगुळ और राज्य के अन्य भागों में ₹300 करोड़ अतिरिक्त खर्च करने के लिए वचनबद्धता की है।

पुरस्कार और सम्मान :

मुझे यहाँ यह उल्लेख करते हुए हर्ष हो रहा है कि नालको को अपने प्रचालन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यनिष्पादन के लिए 2015 के दौरान कुछ प्रतिष्ठापूर्ण पुरस्कार और सम्मान मिले हैं। जिनमें से कुछ उल्लेखनीय हैं: वर्ष 2013-14 के दौरान नालको को अपने उत्कृष्ट निर्यात कार्य-निष्पादन के लिए ई.ई.पी.सी. (इंजीनियरिंग निर्यात पदोन्नति परिषद) का सितारा निष्पादक पुरस्कार मिला। हमारी बॉक्साइट खान को ओड़िशा राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड (ओ.एस.पी.सी.बी.) द्वारा संस्थापित प्रदूषण नियन्त्रण उत्कृष्टता पुरस्कार-2015 मिला है। हमारे एल्यूमिना परिशोधक को ओड़िशा राज्य सुरक्षा कॉलक्लेव–2015 में ‘स्वर्ण’ संवर्ग में कलिंग सुरक्षा पुरस्कार–2014 प्राप्त हुआ। हमें इण्डियन इन्स्टीच्यूट ऑफ इण्डस्ट्रियल इंजीनियरिंग (आई.आई.आई.ई.) द्वारा संस्थापित कार्य-निष्पादन उत्कृष्टता पुरस्कार भी मिला है। फिर, हमारे एल्यूमिना परिशोधक को प्रतिष्ठापूर्ण व्यवसाय उत्कृष्टता सितारा मान्यता पुरस्कार मिला। गुणवत्ता संस्थान, सी.आई.आई. ने नालको को “प्रचालन प्रबन्धन में उत्कृष्टता के लिए प्रक्रिया उद्योग में नेता” के रूप में विनिर्णीत किया है। हमारे ग्रहीत विद्युत संयंत्र को "संधारणीय समाज के विकास के लिए सूक्ष्म शैवाल" पर आयोजित एक सेमिनार के दौरान "अग्रसक्रिय जलवायु परिवर्तन" के लिए पुरस्कृत किया गया। वर्ष 2012-13 के लिए कैपेक्सिल के उच्चतम निर्यात पुरस्कार के लिए भी नालको को चुना गया है, जो इस माह मिलेगा।

नालको देशभक्ति को प्रोत्साहित करती है :

और, जबकि हम नालको को सफलता की नई ऊँचाइयों पर उठाने का प्रयास कर रहे हैं, इस महान राष्ट्र के नागरिक के रूप में भी हम अपने कर्त्तव्य के निर्वाह पर ध्यान केन्द्रित किए हैं। राज्य और देश में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित और प्रचारित करने के लिए, नालको ने, 100 से अधिक संस्थाओं के सहयोग से एक सर्व-सम्मिलित मिनि मैराथन दौड़ का आयोजन किया, जिसे जनसमूह का भारी समर्थन मिला और यह भारत की सबसे बड़ी मैराथन बनी। यह कार्यक्रम नालको को याद दिलाता है कि लोग इस कम्पनी के साथ है। नालको राज्य और राष्ट्र के लिए पुनः समर्पित होने की शपथ लेती है। एक नालकोवाले होने के हमारे गर्व के साथ एक भारतीय होने की चेतना का सम्मिलन हो।

इन शब्दों के साथ, इस गणतन्त्र दिवस पर, मैं फिर से आपको और आपके परिवार के सदस्यों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ।

जय हिन्द!


 

जनसागर उमड़ा
भुवनेश्वर में भारत मिनि मैराथन

भुवनेश्वर, 24.01.2016: मन्दिर नगरी भुवनेश्वर में जनता मैदान और कलिंग स्टेडियम के बीच 5 किलोमीटर लम्बे मार्ग भर में इस प्रातःकाल ‘भारत के लिए मैं’ का श्लोगान गुंजायमान हो रहा था। जन-जीवन के सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए 16,000 से अधिक व्यक्तियों ने देशभक्ति की भावना को प्रसारित करने के लिए इस भारत मिनि मैराथन में भाग लिया। आज देश भर में 54 शहरों में ऐसी मैराथन दौड़ का एकसाथ आयोजन किया गया। जबकि अधिकांश शहरों में, इसके आयोजन कि जिम्मेदारी सशस्त्र बलों को सौंपी गई थी, ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर नगर में, भारत सरकार ने यह कार्य नवरत्न नालको को सौंपा।


बदले में, इस एल्यूमिनियम घराने ने 100 से अधिक संगठनों और संस्थानों को इस महान उद्देश्य के लिए एक सूत्र में पिरोया। मीडिया से व्यापक समर्थन को धन्यवाद है कि इस कार्यक्रम के पीछे के अभिप्राय और उद्देश्य को पूरा करने के लिए सैंकड़ों युवा आगे आए।


डॉ॰ प्रसन्न पाटसाणी, सांसद, भुवनेश्वर और नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द की उपस्थिति में ओड़िशा के मान्यवर राज्यपाल महामहिम डॉ॰ एस.सी. जमीर ने झण्डा लहराकर इस मैराथन दौड़ को रवाना किया। माननीय राज्यपाल ने नालको की भूमिका, और अन्य संस्थानों के सम्मिलित प्रयासों की सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप ऐसा अप्रत्याशित अनुक्रिया हुई। यहाँ कोई प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि देश के लिए प्रेम का केवल एक प्रदर्शन था।


“देशभक्ति के भावना में रंजित, एक मिनि मैराथन में भुवनेश्वर में पहले कभी ऐसी प्रतिभागिता नहीं देखी गई थी", श्री तपन कुमार चान्द, नालको अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने इस सफलता का श्रेय विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, निगम घरानों, बैंकों, बीमा कम्पनियों, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, गैर-सरकारी संगठनों, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल एवं पुलिस कार्मिकों, क्लबों और मंचों के सम्मिलित दलीय कार्य को देते हुए कहा।


श्री सुदाम मराण्डि, खेलकूद और युवा सेवाओं के मन्त्री, ओड़िशा सरकार, डॉ॰ प्रसन्न पाटसाणी, सांसद, भुवनेश्वर, विभिन्न निगम घरानों एवं संस्थानों के प्रमुखों ने समापन समारोह की शोभा बढ़ाई। प्रसिद्ध खिलाड़ियों और विशिष्ट व्यक्तियों ने भी इस दौड़ में भाग लिया।

नालको ने अनुगुळ में कल्याण उपायों को बढ़ावा दिया नालको के प्रद्रावक एवं विद्युत संकुल के आसपास के ग्रामीणों के लिए विशेष वाह्यरोगी विभाग में निःशुल्क वाह्यरोगी विभाग की सुविधा


भुवनेश्वर, 23.01.2016: : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), राज्य का नवरत्न कें.सा.क्षे.उ., ने अनुगुळ क्षेत्र में, जहाँ कम्पनी का प्रद्रावक और विद्युत संयंत्र अवस्थित है, अपने पणधारकों को अधिक लाभ पहुँचाने के लिए अतिरिक्त कल्याण उपाय किए हैं। यह कम्पनी है अनुगुळ के 35 परिधीय गाँवों में रहनेवाले परियोजना-क्षतिग्रस्त लोगों को अपने विशेष वाह्यरोगी विभाग केन्द्र में निःशुल्क वाह्यरोगी चिकित्सा सुविधा प्रदान करने जा रही है। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए प्रद्रावक एवं विद्युत संकुल द्वारा ग्रामीणों को फोटो मेडिकल पहचान-पत्र जारी किए जाएँगे।

और आगे, इस कम्पनी ने अनुगुळ में ठेके के कामगारों को पारिश्रमिक को बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। प्रति कामगार को ₹24/- प्रति दिन का अतिरिक्त पारिश्रमिक और ₹8/- प्रति दिन का कैण्टीन अनुदान को बढ़ाकर क्रमशः ₹32/- प्रति दिन और ₹12/- प्रति दिन किया जाएगा। यह घोषणा 8 जनवरी को अनुगुळ में श्री जुएल ओराम, केन्द्रीय आदिवासी मामलों के मन्त्री और श्री धर्मेन्द्र प्रधान, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मन्त्री की उपस्थिति में श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री महोदय के द्वारा की गई थी। साथ ही, दुर्घटना के कारण किसी ठेके के श्रमिक की मृत्यु होने के मामले में नालको द्वारा दिए जानेवाले एकमुश्त अनुदान की राशि को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख करने का निर्णय लिया गया है। कम्पनी ने नालको की संविदा में कार्यरत योग्य कामगार को ₹2,500/- का नकद उपहार भी प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि नालको अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के अन्तर्गत अपने शुद्ध लाभ के 2% के अधिदेशात्मक व्यय के अलावा अतिरिक्त 300 करोड़ की राशि खर्च कर रही है।


शास्त्रीय ओड़िशी के विद्यार्थियों के लिए नालको छात्रवृत्तियाँ


Nalco CMD all praise for Mayurbhanj Utsav भुवनेश्वर, 23.01.2016: : “नालको एक जिम्मेदार निगम नागरिक के रूप में ओड़िशा की समृद्ध संस्कृति के परिरक्षण और प्रोत्साहन के प्रति वचनबद्ध है। भुवनेश्वर में अपने मुख्यालय वाले एकमात्र कें.सा.क्षे.उ. के रूप में, हम इसकी समृद्ध विरासत के साथ सहभागी बने रहने के लिए निरन्तर और लगातार प्रयास करते रहे हैं। इसी क्रम में इस कला को सीखनेवाले गरीबी की सीमारेखा से नीचे के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियाँ संस्थापित करके ओड़िशी को प्रोत्साहित करेगी। इसके अतिरिक्त, हम ओड़िशी नृत्य पर साहित्य के लिए पुरस्कार देंगे, जिससे ओड़िशी को लोकप्रिय बनाने, संरक्षण करने और प्रचार-प्रसार में मदद मिलेगी" - नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने कल यहाँ रवीन्द्र मण्डप में अग्रणी नृत्य एवं कला संस्थान रुद्राक्ष फाउण्डेशन द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को सम्बोधित करने हुए कहा। यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में इस एल्यूमिनियम घराने ने कम्पनी के स्थापना दिवस पर ओड़िशी व्याख्याता पद्मश्री ईलिआना सितारिस्ती और प्रसिद्ध ओड़िशी नर्तक शाश्वत जोशी को नालको खारवेल पुरस्कार प्रदान किए थे।


इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण योग एवं ओड़िशी नृत्य का मेल था। इस अवसर पर श्रीमती प्रीति रॉय, अध्यक्ष, नालको महिला समिति, प्रसिद्ध ओड़िशी गुरु, श्री विचित्रानन्द स्वाईं और श्री बी.बी॰ मुखर्जी, सहायक निदेशक, पर्यटन विभाग, ओड़िशा सरकार प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

 

भुवनेश्वर में भारत मिनि मैराथन
देशभक्ति फैलाने के लिए 42 संगठनों ने हाथ मिलाए



Nalco CMD all praise for Mayurbhanj Utsav भुवनेश्वर, 21.01.2016 : गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर, देशभक्ति की भावना जगाने के लिए 24 जनवरी (रविवार) को देश भर के 54 शहरों में एक साथ 5 कि.मी. की मिनि मैराथन दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। भुवनेश्वर में, "भारत के लिए मैं" के प्रचार वाक्य के साथ, इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए 42 संगठनों ने हाथ मिलाए हैं। यह प्रारूप किसी प्रतियोगिता को हटाकर, मुफ्त प्रतिभागिता सुनिश्चित करता है।


जबकि अधिकांश शहरों में, यह कार्यक्रम सशस्त्र बलों द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं, भुवनेश्वर में, भारत सरकार ने यह दायित्व नालको को सौंपा है। विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, निगम घरानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, क्लबों और मंचों के साथ हजारों स्वयंसेवियों के सक्रिय सहयोग से यह कार्यक्रम सभी को शामिल करके आयोजित किया जा रहा है। इस विशाल आयोजन में खिलाड़ियों और प्रसिद्ध व्यक्तियों सहित लगभग 10,000 व्यक्तियों के भाग लेने की आशा है।


भुवनेश्वर में इस रविवार को प्रातः 7.30 बजे जनता मैदान में इस मिनि मैराथन को ओड़िशा के महामहिम राज्यपाल, डॉ. एस.सी. जमीर द्वारा झण्डी लहराकर रवाना किया जाएगा जो 120 बटालियन के बरास्ते कलिंग स्टेडियम में समाप्त होगी। पुलिस आयुक्तालय, जिला प्रशासन और ओड़िशा खेलकूद प्राधिकरण इस घटना को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। साथ ही, आयोजकों ने कार्यक्रम के तत्काल बाद स्थान और ट्रेक की सफाई करने का निर्णय लिया है।

 

नालको द्वारा पुष्प प्रदर्शनी


flower1.jpg भुवनेश्वर, 19.01.2016 : नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने नालकोनगर, भुवनेश्वर में 17 और 18 जनवरी 2016 को अपनी वार्षिक पुष्प एवं वनस्पति प्रदर्शनी ‘बसन्त पुष्प प्रदर्शनी’ आयोजित की। इस प्रदर्शनी में विभिन्न वर्गों में कुल 11 संस्थाओं और 78 व्यक्तियों ने भाग लिया।

समारोप दिवस को समारोह, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने मुख्य अतिथि के रूप में शोभा बढ़ाई। श्रीमती प्रीति रॉय, अध्यक्ष, नालको महिला समिति ने सम्मानित अतिथि के रूप में योग दिया और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री एन.आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (मा.सं.), श्रीमती सोमा मण्डल, निदेशक (वाणिज्य) और श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई।

संस्थागत संवर्ग में सी.व्ही॰ रमण इंजीनियरिंग कालेज ने चैम्पियन की ट्रॉफी जीती जबकि निजी संवर्ग में श्री अमीय प्रसाद साहू, भुवनेश्वर चैम्पियन हुए।

इसके पूर्व, श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (मा.सं.), श्री एस.डी॰ साहु, कार्यपालक निदेशक(वित्त), श्री अमीय पटनायक, महाप्रबन्धक (मा॰ व प्र॰), श्री संजय मिश्र, महाप्रबन्धक (मा॰ व प्र॰), और नालको के अन्य वरिष्ठ कार्यपालकों की उपस्थिति में श्री एन.आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। श्री एच.के. पाल, सहायक महाप्रबन्धक (बागवानी) ने कार्यक्रम का संचालन किया। निगम संचार विभाग द्वारा जारी

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम व्यापार मेले में नालको को श्रेष्ठ मातृ संयंत्र पुरस्कार मिला


Nalco CMD all praise for Mayurbhanj Utsav भुवनेश्वर, 14.01.2016 : आज भुवनेश्वर में आयोजित ओड़िशा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के समापन समारोह में नालको, नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ., को श्रेष्ठ मातृ संयंत्र पुरस्कार मिला। कम्पनी की ओर से, श्री अशोक पात्र, कार्यपालक निदेशक (सामग्री) ने, उद्योग मन्त्री श्री देवी प्रसाद मिश्र और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मन्त्री श्री जोगेन्द्र बेहेरा के कर-कमलों से यह पुरस्कार ग्रहण किया। यह उल्लेखनीय है कि नालको ने 8 से 14 जनवरी तक आयोजित इस व्यापार मेले में भाग लिया और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से खरीदे जानेवाले विभिन्न सामानों का प्रदर्शन करने के लिए तथा कम्पनी के द्वारा अपने प्रचालनों के आसपास छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए की जा रही गई विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन करने के लिए अपना स्टॉल लगाया।

 

चिलिका महोत्सव संपन्न
नालको नीलाम्बु चिलिका पुरस्कार संस्थापित



Nalco CMD all praise for Mayurbhanj Utsav भुवनेश्वर, 13.01.2016 : “एक जिम्मेदार निगम नागरिक के रूप में, नालको चिलिका सहित ओड़िशा की समृद्ध जैव-विविधता की संधारणीयता के लिए चिन्ता करती है और राज्य की कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वचनबद्ध है”, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द, ने कहा। वे बुधवार को सातपड़ा में आयोजित तीन दिवसीय व्यापी चिलिका महोत्सव के समारोप समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्भाषण दे रहे थे। इस अवसर पर, श्री चान्द ने गैर-सरकारी संगठनों के लिए ₹1 लाख प्रत्येक के दो ‘नालको नीलाम्बु चिलिका पुरस्कारों' की घोषणा की, जो इस महोत्सव के अगले संस्करण में दिए जाएँगे।


इस तीन-दिवसीय कार्यक्रम में पर्यटकों के लिए विभिन्न जल क्रीड़ाओं, हस्कला एवं हैण्डलूम प्रदर्शनियों, समुद्री खाद्य महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, युद्धकौशल कला एवं बालुका कला प्रदर्शन की अनुपम शृंखला प्रस्तुत की गई थी।


इस अवसर पर बोलते हुए, सांस्कृतिक धरोहर, आर्द्रभूमि प्रबन्धन और जैव-वैविध्य के अनुरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे एक उत्कृष्ट महोत्सव का आयोजन करने के लिए श्री चान्द ने पर्यटन विभाग, ओड़िशा सरकार, चिलिका विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन, पुरी के प्रयासों को शाबासी दी। “चिलिका, भारत में वृहत्तम समुद्रतटीय झील और विश्व में द्वितीय वृहत्तम झील है, जो समृद्ध जैव-वैविध्य का प्रतिनिधित्व करती है और विभिन्न प्रजातियों के 8 लाख से अधिक प्रवासी पक्षियों का शीतकालीन गंतव्य है। नालको, ने अपने 2016 के निगम कैलेण्डर में ओड़िशा के इस पहलू की प्रदर्शन-मंजूषा प्रकाशित की है, जिसमें चिलिका को प्रधान स्थान दिया गया है”, श्री चान्द ने सूचित किया। “यदि उचित रूप से विकसित किया जाए, चिलिका देश में पर्यटन का प्रमुख आकर्षण हो सकती है। नालको इस सम्बन्ध में किसी उद्यम को समर्थन देने की इच्छुक है”, उन्होंने आगे कहा।


जबकि श्री अशोक चन्द्र पण्डा, मन्त्री, पर्यटन और वन, ओड़िशा सरकार ने इस महोत्सव के समारोप संध्या का उद्घाटन किया, इस अवसर पर श्री संजय दास बर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा, ओड़िशा सरकार और श्री दिवाकर पात्र, अध्यक्ष, जिला परिषद उल्लेखनीय रूप से उपस्थित थे।

 

नालको अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक मयूरभञ्ज उत्सव की प्रशंसा की


Nalco CMD all praise for Mayurbhanj Utsav भुवनेश्वर, 10/01/2016: 3-दिवसीय मन्त्रमुग्धकारी मयूरभञ्ज उत्सव, जिसका राज्य की राजधानी में रविवार को समापन संपन्न हुआ, में गीत, नृत्य, संगीत और विस्मयकारी दृश्य-श्रव्य कार्यक्रमों के माध्यम से जिले की सर्वोत्कृष्ट चेतना का प्रदर्शन हुआ - नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने यह अनुभव किया, जिन्होंने दूसरे दिन शाम को मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई। नवरत्‍न नालको इस समारोह के प्रायोजकों में से एक था।


“प्रचुल खनिज आधार, वन एवं हरियाली के परिपूर्ण तथा सिमिलपाल जीव-मण्डल का गृह होने के कारण मयूरभञ्ज ओड़िशा प्रान्त में एक अनुपम स्थान हासिल किए हुए है। अपनी सांस्कृतिक धरोहर से भी यह समान रूप से समृद्ध है। चाहे यह प्रसिद्ध छऊ नृत्य हो, जिसमें सौन्दर्य के साथ साहस का समन्वय होता है, या झूमर की सुमधुर नाद हो, सबकुछ अत्यन्त मनोहर है", मन्त्रमुग्ध होकर श्री तपन कुमार चान्द ने अपने भाव व्यक्त किए। “किन्तु अधिक महत्वपूर्ण रूप से, मयूरभञ्ज उत्सव से कई तथ्य लोगों की जानकारी में आए हैं,” श्री चान्द ने कहा।


बहुत कम व्यक्ति अब याद कर पाते कि मयूरभञ्ज के भञ्ज राजाओं ने कटक में प्रान्त के सबसे पहले मेडिकल कालेज की स्थापना की थी तथा रेवेन्शॉ कॉलेज सहित अनेक उच्च शिक्षा संस्थानों का वित्तपोषण किया था। महाराजा श्रीराम चन्द्र भञ्ज देव के द्वारा मयूरभञ्ज राज्य रेलवे चालू की गई थी और रूप्सा से बारीपदा तक 52 कि.मी. लम्बी रेलवे लाईन को विगत 1905 में यातायात के लिए खोल दिया गया था। अब भूला-बिसरी हो गई हवाई पट्टी जिले के अमरदा में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान निर्मित की गई थी। ऐसे और कई उदाहरण हैं और श्री सुदाम मराण्डि, खेलकूद एवं युवा मामलों के राज्यमंत्री, जो इस उत्सव समिति के अध्यक्ष भी हैं, का समर्थन व सहयोग करने में नालको को बहुत प्रसन्नता हुई है।

 

राज्य-स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी
भुवनेश्वर को एक हरित नगर के रूप में नालको प्रोत्साहित करेगी:
श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक




STATE-LEVEL FLOWER SHOWभुवनेश्वर, 10.01.2016: “अपने संयंत्रों और परिस्थलों के चारों ओर लगभग 6.8 करोड़ वृक्षारोपण के अलावा, नालको ओड़िशा भर में विभिन्न सौन्दर्यीकरण परियोजनाएँ हाथ में ले रही हैं। चूँकि हमारा मुख्यालय भुवनेश्वर में है, हम इस राजधानी शहर को बॆंगळूरु की तरह अगले पुष्प-पल्लवित केन्द्र के रूप में उन्नत करके एक हरित नगरी में विकसित करना चाहते हैं", रविवार को यहाँ क्षेत्रीय पौध संसाधन केन्द्र (आर.पी.आर.सी.) में समाप्त हुई 2-दिवसीय राज्य-स्तरीय वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी को सम्बोधित करते हुए नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने यह कहा। इसके लिए, नालको हरित पट्टी को बढ़ाएगी और बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगी। “वस्तुतः, हाल ही में हमने ₹2.52 करोड़ की परियोजना लागत से ओड़िशा वन विकास निगम की सहायता से कटक और भुवनेश्वर युग्म नगर के बीच वीथि वृक्षारोपण कार्यक्रम हाथ में लिया है। साथ ही, हमारे निगम कार्यालय और टाउनशिप में, हम गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों को दोहन के लिए कदम उठा चुके हैं",” श्री चान्द ने सूचित किया।


राज्य के सबसे बड़े और सर्वाधिक सुन्दर पुष्प प्रदर्शनी के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए नालको महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती प्रीति चान्द के साथ श्री चान्द ने इस प्रदर्शनी विभिन्न अनुभागों, यथा- कटे-फूलों, पुष्प-सज्जा, पुष्प-प्रदर्शन, पौधों के बजार, मिनि-बाग, मिनी-वन, नर्सरी और प्रदर्शन मण्डपों का परिदर्शन किया और वन एवं पर्यावरण विभाग, ओड़िशा सरकार के तत्वावधान के अन्तर्गत संचालित प्रदर्शनी के आयोजक आर.पी.आर.सी. के प्रयासों की सराहना की। नालको इस पुष्प-प्रदर्शनी के साथ वर्षों से प्रायोजक के रूप में जुड़ा रहा है, जो गत 1988 से आरम्भ हुई थी।


“प्रतिभागियों और दर्शकों की बढ़ती हुई संख्या के द्वारा विकसित होनेवाली यह प्रदर्शनी आम जनता में बड़ी लोकप्रिय हो गई है। अब समय आ गया है कि राज्य स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय-स्तर पर आयोजन हों और एक निगम नागरिक के रूप में नालको, हर समर्थन प्रदान करने के लिए प्रस्तुत है।" श्री चान्द से सारांश में कहा।


वनस्पति प्रेमी संघ, भुवनेश्वर के सहयोग से आर.पी.आर.सी. इस वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन करता है। इस अवसर पर श्री सुशान्त नन्द, बागवानी निदेशक, श्री क्षीरोद पटनायक, अध्यक्ष, वनस्पति प्रेमी संघ और आर.पी.आर.सी. के अन्य अधिकारी उल्लेखनीय रूप से उपस्थित थे।

 

नालको महिला समिति द्वारा उदात्त सद्भाव


Nalco Mahila Samitiभुवनेश्वर, 10.01.2016: एक अच्छे समारी के रूप में, श्रीमती प्रीति रॉय, अध्यक्ष के नेतृत्व में नालको महिला समिति की सदस्याओं ने कल भुवनेश्वर में ओपेन लर्निंग सीस्ट्म (ओ.एल.एल.) में रहनेवाले विशेष बच्चों को ऊनी कपड़े एवं फल दान किए। श्रीमती सुस्मिता पाढ़ी, सलाहकार, श्रीमती तृप्ति दाश, सचिव, श्रीमती स्मिता मिश्र, कोषाध्यक्ष, और श्रीमती नमिता साहू, संयुक्त सचिव की उपस्थिति में श्रीमती रॉय ने ये वस्तुएँ वितरित कीं। साथ ही, श्रीमती सविता पटनायक, श्रीमती प्रतिभा मिश्र, श्रीमती काकलि बसु, श्रीमती संघमित्रा मिश्र एवं श्रीमती निरूपमा स्वाईं भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।


यह उल्लेखनीय है कि ये विशेष बच्चे हैं प्रमस्तिष्कीय पक्षाघात एवं मानसिक मन्दन से पीड़ित हैं। इसके पूर्व विभिन्न अवसरों पर, समिति की सदस्याओं द्वारा इन बच्चों के लिए कपड़ा धुलाई मशीन सहित विभिन्न जरूरत की वस्तुएँ भी प्रदान की जा चुकी हैं।

 

36वाँ स्थापना दिवस
नालको की निगम सामाजिक उत्तरदायित्व सहित अभिनव पहल का दूसरों के द्वारा अनुकरण किए जाने की जरूरत है
नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा






भुवनेश्वर, 08.01.2016: "अन्तर्राष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितताओं के बावजूद, उत्पादन, उत्पादकता और लाभकारिता दोनों रूपों में - नालको के सुसंगत कार्य-निष्पादन प्रशंसनीय हैं", श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय इस्पात और खान मन्त्री ने कहा, जिन्होंने भुवनेश्वर और अनुगुळ दोनों स्थलों पर कम्पनी के स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित करके समारोह की शोभा बढ़ाई। ओड़िशा के अनुगुळ में अपने तापज विद्युत संयंत्र के निकट नालको को केन्द्र से उत्कल डी और ई कोयला प्रखण्ड मिल चुके हैं और इस एल्यूमिनियम वृहद् को दामनजोड़ी में अवस्थित अपने परिशोधक के निकट शीघ्र ही पोट्टांगी बॉक्साइट खान भी आबंटित कर दी जाएगी, जिसमें 7 करोड़ टन के भण्डार हैं, श्री तोमर ने सूचित किया। इसके साथ, नालको शीर्षस्थ भूमण्डलीय खिलाड़ियों के साथ बराबरी करने हेतु कमर कस रहा है।


साथ ही, नालको के द्वारा अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्व के भाग रूप अनेक गतिविधियाँ और परियोजनाएँ हाथ में ली गई है जिसमें नवीन और पुरानी योजनाएँ शामिल हैं", भारत सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम क् अधीन गरीबी की सीमारेखा से नीचे की गुणवान कन्या विद्यार्थी को प्रोत्साहित करने के "नालको की लाड़ली" योजना का शुभारम्भ करते हुए श्री तोमर ने ऐसा कहा। इस अवसर पर श्री तोमर ने नालको आधुनिक नेत्र-चिकित्सा अस्पताल की आधारशिला भी रखी। नालको की नि.सा.उ. पहल ने कम्पनी का मानवीय पहलू प्रकट हुआ है, जिसका अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा अनुकरण किए जाने की आवश्यकता है, श्री तोमर ने मत प्रकट किया।


आज अनुगुळ में आयोजित इस समारोह के दौरान श्री जुएल ओराम, केन्द्रीय आदिवासी मामले के मन्त्री, श्री धर्मेन्द्र प्रधान, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मन्त्री, डॉ॰ उदित राज, सांसद (उत्तर-पश्चिम दिल्ली) एवं अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति संगठनों के महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द, उपस्थित थे।


केन्द्रीय मन्त्री श्री जुएल ओराम और श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने समग्र विकास प्रक्रिया के प्रबन्धन और राज्य में आर्थिक प्रगति लाने में नालको द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना करते हुए नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द और उनके दल को बधाई दी। उन्होंने इस इस नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम को केन्द्र से हर प्रकार के समर्थन का आश्वासन दिया।


बदले में, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने ओड़िशा के विकास की दिशा में तथा राष्ट्रीय विकास कार्यक्रमों के साथ समक्रमिकता में कार्य करने के कम्पनी की वचनबद्धता को दोहराया। श्री चान्द आगे कहा कि यह कम्पनी अपने कारोबार में उत्कृष्टता उपलब्ध करने के अपने प्रयासों के साथ साथ अपने पणधारकों के कल्याण पर भी ध्यान-केन्द्रित करती है।

 

36TH स्थापना दिवस समारोह



36TH FOUNDATION DAY CELEBRATIONS

 
नालको पुरस्कार प्राप्तकर्ता
  • विसक्षम बच्चों के पुनर्वास और उनके जीवन में उजाला लाने के लिए, स्वाभिमान की संस्थापक डॉ॰ श्रुति महापात्र, को नालको स्माईल्स पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने ₹1 लाख का नगद राशि ग्रहण की।

  • ओड़िशी नृत्य के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए नालको खारवेल पुरस्कार ओड़िशी नृत्यगुरु और ओड़िशी में उत्कृष्टता प्राप्त पद्मश्री डॉ॰ इलियाना सितारिस्ती द्वारा ग्रहण किया गया। इस पुरस्कार में भी ₹1 लाख की नकद राशी दी गई। दूसरी ओर, ओड़िशी नृत्य में भारत और विदेश में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए नालको खारवेल पुरस्कार श्री शाश्वत रञ्जन जोशी को प्रदान किया गया। उन्होंने ₹ 50,000/- का नकद पुरस्कार ग्रहण किया।


युवा प्रतिभाओं का अभिनन्दन।

  • अनन्या श्रीतम नन्द (इण्डियन आयडल कनिष्ठ उपाधि विजेता)

  • ऋतुराज महान्ति (भारत की रॉ स्टार उपाधि विजेता)

  • दुती चान्द (तीव्र धाविका),

  • साईना सालोनिका (शतरंज खिलाड़ी)

  • ललिता प्रसीदा श्रीपाद श्रीसाई (गूगल विज्ञान मेले में समुदाय प्रभाव पुरस्कार विजेता)

  • जोगव्यास भोई (पर्वतारोही)

  • जमुनामणि सिंह (आशा कार्यकर्ता जिसकी प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में सराहना की गई)

  • विजय विश्वाल (कलाकार, जिसकी भी प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में सराहना की गई)

  • राजेश मेहेर एवं सूरज मेहेर (वृहत्तम टीवी रिमोट कंट्रोल बनाने के लिए गिनीज बुक में विश्व रिकार्ड धारी)

  • जीतेन्द्र कुमार बिश्वाल (फिल्म द डिजायर के विसक्षम अभिनेता)

  • शिवानन्द सेठी, (कलाकार, विश्व खाद्य कार्यक्रम में बच्चों की डिजाइन प्रतियोगिता में विजेता)

  • लिप्सा प्रधान (राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान पुरस्कार की विजेता)

  • श्रीकान्त साहु (राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता में शीर्षस्थ)

  • लोक-कलाकार: विष्णु चरण सास्मल, विक्रम कुमार साहू और ज्ञान रञ्जन महान्ति.


युवा प्रतिभाओं का अभिनन्दन।

  • सुस्मिता दास (सुप्रसिद्ध गायिका)

 

नालको स्थापना दिवस व्याख्यान
“सतर्कता प्रक्रिया के बारे में सचेतनता की कमी के परिणामस्वरूप भ्रष्टाचार और अनाचार होते हैं” : के.व्ही॰ चौदारी



भुवनेश्वर, 06.01.2016: श्री के.व्ही. चौदारी, केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त, भारत सरकार ने आज यहाँ "निरोधक सतर्कता : निगम सुशासन की कुञ्जी" विषय पर नालको स्थापना दिवस व्याख्यान-माला के 15वें संस्करण का व्याख्यान दिया।


आरम्भ में, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने स्वागत भाषण दिया और विषय परिचय दिया। अपने भाषण में श्री चान्द ने दोहराया कि : “एक निगम दर्शन के रूप में, नालको मूल्य-आधारित प्रबन्धन पर ध्यान-केन्द्रित करती आई है, पारदर्शिता, निष्पक्षता, जिम्मेदारी और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए बहुमुखी कदम उठाती रही है, जो निगम अभिशासन के मौलिक सिद्धान्त हैं।”


अपने संभाषण में, श्री चौदारी ने भ्रष्ट अभ्यासों को रोकने के लिए मूल सिद्धान्त के रूप में सतर्कता उपायों के प्रति सचेतनता पर बल दिया। उन्होंने चिन्ता व्यक्त की कि देश में अधिकांश व्यक्तियों को सतर्कता प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी की कमी रहती है, जिसके परिणामस्वरूप भ्रष्टाचार और अनाचार होते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सतर्कता प्रणाली और प्रक्रियाएँ सुसंगत और सरल होने के साथ साथ इनकी मशीनरी पुष्ट, निरन्तर परीक्षित होनी चाहिए। श्री चौदारी ने एक सुनियोजित और निरन्तर प्रतिपुष्टि प्रणाली पर भी ध्यान केन्द्रित किया। उन्होंने मत प्रकट किया कि सरकारी संस्थाओं के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निगमों को निरोधक सतर्कता के साथ साथ भविष्यसूचक सतर्कता को भी पर्याप्त महत्व देना चाहिए।


इस अवसर पर, नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द द्वारा लिखित एक पुस्तक ‘एल्यूमिनियम : महत्वपूर्ण धातु’, का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक का लक्ष्य एल्यूमिनियम के महत्वपूर्ण उपयोगों को बढ़ावा देना है।


इस अवसर पर पहलीबार प्रो॰ हरेकृष्ण शतपथी, कुलपति, राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, तिरुपति और प्रो॰ गंगाधर पण्डा, कुलपति, श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी को संस्कृत के शिक्षण प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नालको कालीदास पुरस्कार प्रदान किए गए। दोनों पुरस्कारप्राप्तकर्ताओं को प्रत्येक को ₹50,000/- का नकद पुरस्कार, प्रशंसापत्र और मानपत्र प्रदान किए गए।


श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक(मानव संसाधन) ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

 

नालको ओड़िशा की छवि उज्ज्वल करना सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध
17 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।




भुवनेश्वर, 05.01.2016: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ. द्वारा 7 जनवरी को भुवनेश्वर में कम्पनी के स्थापना दिवस समारोह के दौरान 17 युवा प्रतिभाओं का अभिनन्दन किया जाएगा। श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने इन प्रतिभाओं को बधाई दी और सूचित किया कि यह एल्यूमिनियम वृहद् उदीयमान प्रतिभाओं को मान्यता देने और जीवन के विभिन्न चरणों में सहयोग करने सहित अनेक उपायों से ओड़िशा की छवि को उज्ज्वल करने के लिए वचनबद्ध है। नालको केवल इन प्रतिभाओं का सम्मान ही नहीं करेगी, बल्कि पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बढ़ावा देना जारी रखेगी।


नालको निम्नलिखित

व्यक्तियों को उनके अनुकरणीय कौशल के लिए सम्मानित करेगी: अनन्या श्रीतम नन्द (कनिष्ठ इण्डियन आईडल उपाधि विजेता), ऋतुराज महान्ति (भारत की रॉ स्टार उपाधि विजेता), दुती चान्द (तेज धाविका), साईना सालोनिका (शतरंज खिलाड़ी), ललिता प्रसीदा श्रीपाद श्रीसाई (गूगल विज्ञान मेले में सामुदायिक प्रभाव पुरस्कार विजेता), जोगव्यास भोई (पर्वतारोही), जमुनामणि सिंह (आशा कार्यकर्ता जिनकी प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में प्रशंसा की गई), विजय विश्वाल (कलाकार, जिनकी प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में प्रशंसा की गई), राजेश मेहेर एवं सूरज मेहेर (वृहत्तम टीवी रिमोट कंट्रोल के लिए गिनीज विश्व रिकार्ड धारी), जीतेन्द्र कुमार बिश्वाल (फिल्म द डिजायर के विसक्षम अभिनेता), शिवानन्द सेठी, (कलाकार, विश्व खाद्य कार्यक्रम की बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता में विजेता), लिप्सा प्रधान (राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान पुरस्कार विजेता), श्रीकान्त साहु (राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता में प्रथम हुए) और लोक-कलाकार विष्णु चरण सास्मल, विक्रम कुमार साहू और ज्ञान रञ्जन महान्ति।


श्रीमती सुस्मिता दास, सुप्रसिद्ध गायिका को विसक्षम बच्चों को गीत-संगीत के माध्यम से लोकप्रिय बनाने हेतु उनके योगदान के लिए विशेष मान्यता प्रदान की जाएगी।


इन व्यक्तियों का नालको के 36वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान 7 जनवरी को भुवनेश्वर में, श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री महोदय के कर-कमलों से श्री जुएल ओराम, केन्द्रीय आदिवासी मामलों के मन्त्री, श्री धर्मेन्द्र प्रधान, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मन्त्री, श्री प्रफुल्ल कुमार मल्लिक, राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), इस्पात एवं खान, श्रम एवं कर्मचारी’ राज्य बीमा, ओड़िशा सरकार, श्री बलविन्दर कुमार, सचिव, खान मंत्रालय, भारत सरकार, सांसद डॉ॰ प्रसन्न कुमार पाटसाणी, श्री तथागत शतपथी, श्री नागेन्द्र कुमार प्रधान, और श्री झिना हिकाका की उपस्थिति में अभिनन्दन किया जाएगा।

 

नालको ने पुलिस कमिश्नरेट को 5 और पीसीआर वैन दीं



भुवनेश्वर, 04.01.2016: कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने में युग्म-नगर (भुवनेश्वर-कटक) आयुक्तालय पुलिस की मदद के लिए नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ. नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने इसके पूर्व दी गई 42 वैनों के अतिरिक्त 5 और पुलिस नियन्त्रण कक्ष (पीसीआर) वैन प्रदान की।


आज यहाँ पुलिस आयुक्तालय के मुख्यालय में ₹63 लाख की लागत की वैनों के काफिले को श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको और डॉ॰ आर.पी. शर्मा, पुलिस आयुक्त ने झण्डा लहराकर औपचारिक रूप से रवाना किया।


इस अवसर पर बोलते हुए, नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस आयुक्तालय की भूमिका की सराहना की, जिसके फलस्वरूप औद्योगीकरण और विकास से लिए एक सुचालक वातावरण निर्मित हुआ है। “जनता की सुरक्षा के साथ ही, ओड़िशा में निवेश को आकर्षिक करने के लिए सुरक्षित औद्योगिक पर्यावरण एक कुञ्जी-कारक है” श्री चान्द ने अपना अनुभव प्रकट किया। “पुलिस-निगम साझेदारी कार्यक्रम में नालको एक साझेदार के रूप में, राज्य की पुलिस को समर्थन जारी रखेगी” उन्होंने आगे कहा।


अपने भाषण में, डॉ॰ आर.पी॰ शर्मा, पुलिस आयुक्त ने नालको के समर्थन की भारी प्रशंसा की। “भुवनेश्वर और कटक में 53 पीसीआर वैनों की हमारी जरूरत में से 47 वाहन नालको द्वारा दान में दिए गए हैं" उन्होंने कहा।

इस अवसर पर नालको के निदेशक श्री निहार रंजन महान्ति, श्री श्यामा चरण पाढ़ी, श्री के.सी॰ सामल और श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम् उपस्थित थे।

 

के. व्ही. चौदरी,
केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त नालको स्थापना दिवस व्याख्यान देंगे



भुवनेश्वर, 04.01.2016: श्री के.व्ही. चौदरी, केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त, भारत सरकार 6 जनवरी 2016 को 4.00 बजे अपराह्न नालको भवन, भुवनेश्वर में नालको स्थापना दिवस व्याख्यान के 15वें संस्करण का व्याख्यान देंगे। श्री आदित्य प्रसाद पाढ़ी, मुख्य सचिव, ओड़िशा सरकार समारोह की अध्यक्षता करेंगे। श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको स्वागत भाषण और विषय परिचय देंगे। श्री चौदरी "निरोधक सतर्कता : निगम सुशासन की कुञ्जी" विषय पर व्याख्यान देंगे। एक निगम दर्शन के रूप में, नालको मूल्य-आधारित प्रबन्धन पर ध्यान-केन्द्रित करती आई है, पारदर्शिता, निष्पक्षता, जिम्मेदारी और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए बहुमुखी कदम उठाती रही है, जो निगम अभिशासन के मौलिक सिद्धान्त हैं। इस व्याख्यान के बाद श्रोताओं के साथ परिचर्चा होगी, जिनमें दफ्तरशाह, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति, शिक्षाविद और पत्रकारों के साथ नालको कर्मचारी शामिल होंगे।


वक्ता का परिचय

श्री के.व्ही. चौदरी, 1978 बैच की भारतीय राजस्व सेवा के एक अधिकारी हैं, जिन्होंने 10 जून 2015 को केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त के कार्यालय का पदभार ग्रहण किया। आन्ध्र प्रदेश के मछिलीपटनम् गाँव में 10 अक्तूबर 1954 को जन्मे, श्री चौदरी ने लोयोला कॉलेज चेन्नै से अपनी बी.एससी. की और आई.आई.टी., चेन्नै से गणित में एम.एससी. की पढ़ाई पूरी की थी। दिसम्बर 1976 से जुलाई 1978 तक उन्होंने आन्ध्र बैंक में एक परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में कार्य किया था। श्री चौदरी ने सितम्बर 1978 में भारतीय राजस्व सेवा में योग किया। केन्द्रीय सतर्कता आयोग का पदभार ग्रहण करने के पूर्व वे राजस्व विभाग में काला धन पर सलाहकार और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सी.बी.डी.टी.) के अध्यक्ष थे। उन्होंने हैदराबाद, नई दिल्ली, चेन्नै, बॆंगळूरु, वाराणसी, नागपुर और विशाखापत्तनम् में आयकर विभाग में विभिन्न क्षमताओं पर कार्यभार सम्भाला। उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर कम्पनी मामले मंत्रालय में भी सेवा की थी।


श्री चौदरी ने अनेक संवेदनात्मक और जटिल मामलों का अन्वेषण किया। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों के अच्छे कार्यों के एक सरकारी संकलन "लेट अस शेयर" में उनके द्वारा संसाधित अनेक मामले संकलित हैं।


श्री चौदरी पेरिस में 2004 में हुए ओ.ई.सी.डी. के साथ समझौते के लिए गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य; माननीय वित्त मन्त्री द्वारा आयकर अधिनियम के पुनर्प्रारूपण के लिए गठित एक समिति के सदस्य और सूचना प्रौदयोगिकी विभाग के लिए व्यावसायिक प्रक्रिया पुनःअभियांत्रिकी पर समिति के सदस्य थे। टर्की (2013) और नीदरलैण्ड (2014) में आपराधिक अन्वेषण के प्रमुखों के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

 

नालको पुरस्कारों के विजेता घोषित



भुवनेश्वर, 03.01.2016: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार, के अधीन नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ., ने वर्ष 2016 के लिए नालको मुस्कान पुरस्कार, नालको खारवेल पुरस्कार और नालको कालीदास पुरस्कारों की घोषणा की है। यह पहली बार है, जब एल्यूमिनियम वृहद् ने ऐसे पुरस्कार संस्थापित किए हैं। नकद पुरस्कार के साथ, विजेताओं को प्रशंसापत्र और सम्मान जाएँगे।


विसक्षम बच्चों के पुनर्वास और उनके जीवन में प्रकाश फैलाने के लिए, स्वाभिमान की संस्थापक डॉ॰ श्रुति महापात्र, को नालको स्माईल्स पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। वे ₹1 लाख की नगद राशि ग्रहण करेंगी। ओड़िशी नृत्यगुरु और ओड़िशी में उत्कृष्टता प्राप्त पद्मश्री डॉ॰ इलियाना सितारिस्ती को ओड़िशी नृत्य के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए नालको खारवेल पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार में भी ₹1 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। दूसरी ओर, ओड़िशी नृत्य में भारत और विदेश में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए नालको खारवेल पुरस्कार श्री शास्वत रञ्जन जोशी को प्रदान किया जाएगा। वे ₹50,000/- की नकद पुरस्कार ग्रहण करेंगे।


ये तीन पुरस्कार नालको के 36वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान 7 जनवरी को भुवनेश्वर में, श्री जुएल ओराम, केन्द्रीय आदिवासी मामलों के मन्त्री, श्री धर्मेन्द्र प्रधान, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मन्त्री और श्री बलविन्दर कुमार, सचिव, खान मंत्रालय, भारत सरकार की उपस्थिति में श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री महोदय के कर-कमलों से प्रदान किए जाएँगे। इस अवसर पर सांसद डॉ॰ प्रसन्न कुमार पाटसाणी, श्री तथागत शतपथी, श्री नागेन्द्र कुमार प्रधान, और श्री झिना हिकाका भी समारोह की शोभा बढ़ाएँगे।


साथ ही, इसके पहले दिन दो और पुरस्कार प्रदान किए जाएँगे। प्रो॰ हरेकृष्ण शतपथी, कुलपति, राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, तिरुपति और प्रो॰ गंगाधर पण्डा, कुलपति, श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, पुरी को संस्कृत के शिक्षण प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नालको कालीदास पुरस्कारों के लिए चुना गया है। इस पुरस्कार में प्रत्येक को ₹50,000/- की राशि प्रदान की जाएगी। दोनों पुरस्कार प्राप्तकर्ता 6 जनवरी को नालको स्थापना दिवस व्याख्यानमाला के 15वें संस्करण के दौरान ये पुरस्कार ग्रहण करेंगे। श्री आदित्य प्रसाद पाढ़ी, मुख्य सचिव, ओड़िशा सरकार की उपस्थिति में श्री के.व्ही. चौदरी, केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त, भारत सरकार ये पुरस्कार प्रदान करेंगे।


श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने नालको पुरस्कार 2016 के विजेताओं को बधाई दी और सूचित किया कि यह नवरत्न कम्पनी, एक जिम्मेदार निगम नागरिक के रूप में, समाज-सेवा कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए और कई कदम उठाएगी।

 

नालको लोक-कलाकारों को प्रोत्साहित करेगी:
श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक



भुवनेश्वर, 28/12/2015: "कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए, कलाकारों को प्रोत्साहित करना और कला को संरक्षण देना आवश्यक है" श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने कल यहाँ समापन हुए 15वें निमापड़ा महोत्सव को सम्बोधित करते हुए यह कहा।


ओड़िशा प्रान्त में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नालको की वचनबद्धता को दोहराते हुए, श्री चान्द ने घोषणा की कि कम्पनी के आगामी स्थापना दिवस समारोह में श्रेष्ठ लोक-कलाकारों का नकद पुरस्कार से अभिनन्दन किया जाएगा।


इस अवसर पर श्री तथागत शतपथी, माननीय सांसद, श्री समीर रञ्जन दास, विधायक, निमापड़ा और श्री रमेश चन्द्र परिड़ा, अध्यक्ष, एन.एम. ग्रूप ऑफ इन्स्टीच्यूशन्स द्वारा श्री तपन कुमार चान्द का अभिनन्दन किया गया।

 

नालको ने चीन की चालैईको के साथ अनुसन्धान एवं विकास राजीनामे पर हस्ताक्षर किए



भुवनेश्वर, 23.12.2015: नालको, भारत सरकार उद्यम और चीन की चालैईको के मध्य आपसी रुचि के क्षेत्र में अनुसन्धान एवं विकास सहयोग के लिए एक राजीनामा हस्ताक्षरित हुआ है। इन दो कम्पनियो द्वारा हाथ ली जानेवाली परियोजनाओं में लाल पंक से लौह सान्द्र का पृथक्कीकरण और बेयर लिक्वर से गैलियम का निष्कर्षण निम्न शामिल हैं।

 

“लाल पंक से लौह सान्द्र का निष्कर्षण चालैईको के साथ हमारी पहली अनुसन्धान एवं विकास परियोजना होगी। यह लाल पंक से मूल्यवान वस्तु के निष्कर्षण में पहला बड़ा कदम होगा जिसे अन्यथा एक औद्योगिक अपशिष्ट माना जाता है” श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने कहा। “परियोजना के सफलतापूर्वक पूरा होने पर, इसके प्रयासों का एक प्रदर्शन संयंत्र के माध्यम से व्यावसायीकरण किया जाएगा” श्री चान्द ने आगे कहा।

 

यह राजीनामा कल भुवनेश्वर में श्री चान्द की उपस्थिति में डॉ॰ बी॰. शतपथी, कार्यपालक निदेशक (व्यापार विकास), नालको और श्री गुओ पु, महाप्रबन्धक, चालैईको के द्वारा हस्ताक्षरित हुआ।



नालको अनुगुळ में आधुनिक नेत्र अस्पताल की स्थापना करेगी



भुवनेश्वर, 22.12.2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ., अनुगुळ में ₹15 करोड़ के आरम्भिक निवेश से प्रसिद्ध एल.वी. प्रसाद नेत्र संस्थान (एल.वी.पी.ई.आई.) के सहयोग से एक आधुनिक नेत्र अस्पताल की स्थापना कर रही है। एल.वी.पी.ई.आई. अन्धापन रोकने के लिए एक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) का सहयोगी केन्द्र और विज़न-2020 के लिए एक भूमण्डलीय संसाधन केन्द्र है। यह नया अस्पताल प्राथमिक रूप से निकटवर्ती गाँवों के आर्थिक गैर-लाभग्राही वर्गों की जरूरतों को पूरा करेगा। अस्पताल के लिए भूमि कम्पनी के द्वारा चिह्नित की जा चुकी है।


इसप्रकार, नालको अनुगुळ में प्रतिदिन तीन मोबाईल स्वास्थ्य एकक और एक बाह्य चिकित्सा विभाग संचालित कर रह है, जो ग्रामीण व्यक्तियों को मुफ्त दवाइयाँ देते हैं। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि नालको अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के अन्तर्गत अपने शुद्ध लाभ के 2% के अधिदेशात्मक व्यय के अलावा अतिरिक्त 300 करोड़ की राशि खर्च कर रही है।

चूँकि नालको के प्रद्रावक और ग्रहीत विद्युत संयंत्र अनुगुळ में अवस्थित हैं, इस एल्यूमिनियम वृहद् उद्योग ने इन निकटवर्ती क्षेत्रों में पहलकमी की शृंखलाएँ चलाई हैं। नालको ₹10 करोड़ से अधिक का खर्च करके सरकार के ग्रामीण जल आपूर्ति एवं स्वच्छता (आर.डब्ल्यू.एस. एवं एस.) विभाग के माध्यम से 13 गाँवों में निवर्तमान जल आपूर्ति प्रणाली नवीकरण करेगी।

स्वच्छ भारत अभियान के अधीन, नालको ने जिले के 72 स्कूलों में 144 शौचालयों का निर्माण किया है। साथ ही, इस कम्पनी ने आई.ए.पी.एल. चौराहे से बेन्तपुर और कन्याबेड़ा से कुर्दोल तक हाल ही में सड़क सम्पर्क स्थापित किया है।

पानी के संबंध में, नालको गिरांग में दो और कुलाद में एक तथा काण्डसर में एक - कुल 4 जल केन्द्रों का निर्माण कर रही है। साथ ही, इस कम्पनी ने आर.डब्ल्यू.एस. एवं एस. विभाग के माध्यम से पाईप से पानी की आपूर्ति का संवर्धन हाथ में लिया है।

 

 

प्रौद्योगिकी एवं मानव पूँजी के मध्य सहक्रिया आवश्यक है:
नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक



भुवनेश्वर, 19.12.2015: नालको के उद्योग - संस्थान पारस्परिक क्रिया कार्यक्रम के भाग रूप में, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने शनिवार को सी.व्ही. रमण कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, भुवनेश्वर का परिदर्शन किया और मानव और मशीन अन्तराफलक (एम.ए.एम.आई. – 2015) पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर विद्यार्थियों और संकाय-सदस्यों को सम्बोधित करते हुए श्री चान्द ने प्रौद्योगिकी और मानव पूँजी के कार्यान्वयन के मध्य सहक्रिया बनाए रखने का महत्व प्रतिपादित किया ताकि स्वचालन के कारण मानव संसाधनों की नियोजनीयता क्षतिग्रस्त न हो। “मशीनें मानव की क्षमता को परिवर्धित करने में मदद करती हैं, किन्तु यह एक नामपटीय क्षमता होती है, जबकि मानव संसाधन का सामर्थ्य असीमित और अनन्त होता है,” श्री चान्द ने कहा।


श्री चान्द, ने संस्थान के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार राउत के साथ संस्थान के परिसर में स्थित प्रोसेसिंग एवं रोबेटिक्स प्रयोगशाला सहित विभिन्न उच्च-तकनीक की प्रयोगशालाओं का परिदर्शन किया और विदेशी सहयोग से ऐसी प्रयोगशालाओं की स्थापना की सराहना की।

 

खोर्धा के पाईक स्वाधीनता संग्रामियों की स्मृति में
नालको अमर ज्योति प्रज्ज्वलित करेगी



भुवनेश्वर, 19.12.2015: "ब्रिटिश शासन के विरुद्ध ऐतिहासिक पाईक विद्रोह के 200 वर्ष पूरे होने पर श्रद्धाञ्जलि देने हेतु, नालको खोर्धा में एक "अमर ज्योति स्तम्भ" के विनिर्माण में अपना सहयोग प्रदान करेगी", श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने 16वें खोर्धा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शोभा बढ़ाते हुए यह घोषणा की। 1917 में ब्रिटिशरों के विरुद्ध पाईकों के द्वारा किए पराक्रमपूर्ण युद्ध की याद ताजा करते हुए, श्री चान्द ने आयोजकों के प्रयास की सराहना की और कहा कि ‘अमर ज्योति-स्तम्भ’ जैसे स्मारक के निर्माण से वर्तमान पीढ़ी को खोर्धा के पाईकों की बहादुरी और गौरव पर गर्व करने में मदद मिलेगी और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना प्रज्ज्वलित होगी।


इस अवसर पर श्री दिलीप दास, पुलिस अधीक्षक, खोर्धा, डॉ. दिलीप श्रीचन्दन और अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में श्री निरञ्जन साहु, आई॰ए॰एस॰, जिलाधीश, खोर्धा के द्वारा श्री चान्द का अभिनन्दन किया गया। श्रीमती प्रीति रॉय चान्द, अध्यक्ष, नालको लेडिज क्लब एवं प्राचार्य क केन्द्रीय विद्यालय, कटक भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

 

नालको ने सुप्रसिद्ध संस्कृत विद्वानों के लिए पुरस्कार संस्थापित किए



भुवनेश्वर, 18/12/2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), नवरत्‍न कें.सा.क्षे.उ., ने संस्कृत के क्षेत्र में अपना योगदान करनेवाले दो सुप्रसिद्ध विद्वानों को प्रतिवर्ष प्रदान करने के लिए राज्य-स्तरीय पुरस्कार संस्थापित किए हैं। नालको कालीदास पुरस्कार नामक इस वार्षिक मान्यता में 7 जनवरी को नालको स्थापना दिवस के अवसर पर प्रत्येक को नकद ₹50,000/- का बटुआ और एक प्रशंसापत्र प्रदान किया जाएगा। नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द द्वारा आज पुरी में एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन 'निर्माल्य' द्वारा ‘भारत सहिष्णुता का प्रतीक है' विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार में यह घोषणा की गई।


विभिन्न राज्यों से पधारे विशिष्ट अतिथियों और प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए, श्री चान्द ने कहा : “एक राष्ट्र के रूप में, भारत सहनशीलता का प्रतिमान है। हमारा इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरपूर है जहाँ आक्रमणकारियों को तदनन्तर काल में देश की बहु-वर्णित संस्कृति में समाविष्ट कर लिया गया।" विशिष्ट वक्ताओं के दल में प्रो॰ एच.के. शतपथी, कुलपति, तिरुपति विश्वविद्यालय और प्रो॰ गंगाधर पण्डा, कुलपति, श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, ओड़िशा शामिल थे।


इस अवसर पर श्री चान्द का विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों द्वारा अभिनन्दन किया गया। आरम्भ में, श्री बद्री मिश्र, अध्यक्ष, निर्माल्य ने अतिथियों का परिचय दिया, जबकि श्री विश्वनाथ मिश्र, सचिव, विषय की प्रस्तावना पेश की और कार्यक्रम का संचालन किया।

 

अग्रसक्रिय जलवायु परिवर्तन कार्यवाही के लिए
नालको पुरस्कृत



भुवनेश्वर, 17.12.2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) के अनुगुळ, ओड़िशा में अवस्थित, तापज ग्रहीत विद्युत संयंत्र को ‘अग्रसक्रिय जलवायु परिवर्तन’ के लिए पुरस्कृत किया गया है। यह उल्लेखनीय है कि नालको, देश की वह पहली कम्पनी है, जो अपने ग्रहीत विद्युत संयंत्र में कार्बन प्रच्छादन पर परीक्षणात्मक-सह-प्रदर्शन परियोजना कार्यान्वयित कर रही है, जिससे शैवाल की विशेष नस्ल की पैदावार का उपयोग करके कार्बन उत्सर्जन को कम किया जाएगा।


आज राज्य की राजधानी में, राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड, ओड़िशा, इण्डोकैन ट्क्नोलॉजी सोल्यूशन्स, द इन्स्टीच्यूट ऑफ इंजीनियर्स (इण्डिया) और इन्स्टीच्यूट फॉर एप्लाईड एन्विरोनमेण्टल बायोटेक्नोलॉजी इन्नोवेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित "संधारणीय समाज के विकास में सूक्ष्म-शैवाल" विषय पर आयोजित एक सेमिनार में यह पुरस्कार प्रदान किया गया।


मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाते हुए, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने इस अवसर पर उपस्थित अनुसंधानकर्ताओं, शिक्षाविदों और पेशेवरों को आश्वासन दिया कि "नालको द्वारा उपलब्ध आनन्दित करनेवाले परिणामों पर विचार करते हुए, हम शीघ्र की इस परीक्षणात्मक परियोजना को व्यावसायिक संयंत्र में प्रसारित करेंगे।"


नालको की ओर से, श्री व्ही.बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) और श्री एस.के.नाइक, सहायक महाप्रबन्धक (एस.एच. एवं ई.) ने यह प्रतिष्ठापूर्ण पुरस्कार ग्रहण किया। उद्योग के साथ ही, व्यक्तिगत संवर्ग में, श्री सिद्धान्त दास, आई.एफ.एस., अपर पी.सी.सी.एफ. (नोडल) को भी इस अवसर पर पुरस्कृत किया गया।


अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री राजीव कुमार, आई.एफ.एस., सदस्य सचिव, राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड, ओड़िशा; डॉ॰ टी॰ वेणुगोपालन्, सलाहकार, टाटा इस्पात और इण्डोकैन ट्क्नोलॉजी सोल्यूशन्स के प्रो॰ रञ्जन प्रधान ने उद्धाटन सत्र को सम्बोधित किया।


यह उल्लेखनीय है राज्य की जलवायु परिवर्तन कार्यवाही हेतु एक योजना के रूप में कार्बन जब्ती के लिए शैवाल की खेती करने को हाथ में लेने के लिए ओड़िशा मनोरथ रखता है। जलवायु परिवर्तन के लिए जीववैज्ञानिक उपायों का योगदान संयुक्त राष्ट्र के पेरिस सम्मेलन में भारत की कार्यसूची के एक मद के रूप में शामिल है।

 

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम – रोजगार के लिए विकास इंजिन और
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ मिलकर विकास हेतु नालको सहयोग करेगी



भुवनेश्वर, 17.12.2015: कल किला मैदान, कटक में आयोजित एक तीन-दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के विक्रेता विकास कार्यक्रम के साथ, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई)-एक्सपो ओड़िशा 2015 का उद्घाटन श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको के द्वारा संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 140 सूक्ष्म, लघु एवं मध्ययम उद्योगों, मातृ उद्योगों और वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रतिभागिता की जा रही है।


विभिन्न उद्योगों, बैंकों, लघु उद्यमों, नए उद्योगों के साथ साथ राज्य एवं केन्द्र के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभागों के अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए, श्री चान्द ने सूचित किया कि नालको सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से रु.400 करोड़ के मूल्य की खरीदी करती है और आगामी दिनों में, यह एल्यूमिनियम वृहद् 15% खरीदी की प्राथमिकता तक बढ़ोतरी करेगी। उन्होंने रोजगार सृजन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की भूमिका की सराहना की और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को लागत एवं गुणवत्ता के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया। “साथ ही, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए आनुषंगिक विकास और निरन्तर ऊर्जा आपूर्ति की नितान्त जरूरत है और नालको इन मामलों को सरकार और नीति-निर्माताओं के साथ उठाएगी" - श्री चान्द ने आश्वासन दिया।


अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री पी.के॰ गुप्त, निदेशक, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संस्थान, श्री अबनि कानूनगो, अध्यक्ष, ओड़िशा उद्योग संघ, श्री एन. पलाई, आई॰ए॰एस॰ उद्योग निदेशक और श्री आर.के॰ दास, आई.आर.एस., मुख्य सामग्री प्रबन्धक, पूर्व तट रेलवे ने भी जनसमूह को सम्बोधित किया।

 

वाणी विहार भूतपूर्व छात्र सम्मेलन



भुवनेश्वर, 14.12.2015: उत्कल विश्वविद्यालय, वाणी विहार, के भूतपूर्व छात्र संघ ने रविवार को अपना वार्षिक स्नेह-मिलन आयोजित किया जिसमें 1980 के भूतपूर्व विद्यार्थियों ने भारी संख्या में भाग लिया। नालको के वर्तमान अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द, जो विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष थे, ने संघ के प्रकाशन ‘साहित्य सम्पर्क’ की भारी प्रशंसा की, जो ओड़िआ साहित्य को बढ़ावा देने के साथ साथ ओड़िशी जनता के मध्य एक उत्कृष्ट नेटवर्क स्थापित कर रही है। श्री चान्द ने आगे कहा कि नालको उत्कल विश्वविद्यालय को अपने उद्योग-संस्थान सहक्रिया योजना (आई.आई.आई.एस.) में शामिल करेगी।


इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री विभूति प्रधान, आई॰पी॰एस॰, अपर महानिदेशक, झाड़खण्ड; श्री गोपबन्धु मल्लिक, आई॰पी॰एस॰, सेवानिवृत्त अपर-महानिदेशक, कटक; श्री शरत कुमार दाश और श्री आर्त्तबन्धु पात्र, दोनों आयुक्त, आयकर, भुवनेश्वर; श्री किशोर जेना, महासचिव, इण्टक ओड़िशा शाखा और श्री स्वराज मिश्र, सचिव, आम ओड़िशा शामिल थे।


यह संघ सोसाइटिज एक्ट के अन्तर्गत पंजीकृत होगा।

 

"हम नालको टेनिस टूर्नामेण्ट को 2025 तक समर्थन देना जारी रखेंगे"
तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने कहा



भुवनेश्वर, 14.12.2015: अखिल ओड़िशा नालको खुला टेनिस टूर्नामेण्ट का 17वाँ संस्करण रविवार को यहाँ कलिंग स्टेडियम में संपन्न हुआ।. पुरस्कार वितरण समारोह मुख्य अतिथि के रूप में शोभा बढ़ाते हुए , श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने घोषणा की कि नवरत्‍न कम्पनी इस टूर्नामेण्ट का 2025 तक प्रायोजन जारी रखेगी। “एक क्रीड़ा होने के साथ ही, टेनिस क्रमशः एक पेशा भी बन गया है। हमने गत 17 वर्षों से ओड़िशा की टेनिस प्रतिभाओं को प्रोत्साहन दिया है। हम राज्य से राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मण्डलों में उभरनेवाले पेशवर खिलाड़ियों को समर्थन देना जारी रखेंगे”- श्री चान्द ने आगे कहा।


यहाँ यह उल्लेखनीय है कि नालको ने अपने शुद्ध लाभ के 2% के अलावा निगम सामाजिक उत्तरदायित्व की बाबत अतिरिक्त ₹300 करोड़ की राशि खर्च करने के लिए ओड़िशा सरकार से वचनबद्धता की है। इस एल्यूमिनियम वृहद् उद्योग के महत्वपूर्ण नि.सा.उ. पहल में से एक खेलकूद भी है।


इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री शास्वत मिश्र, सचिव, क्रीड़ा एवं युवा सेवाएँ, ओड़िशा सरकार, श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन), नालको और श्री सुरेश महापात्र, अध्यक्ष, भुवनेश्वर जिला टेनिस संघ उल्लेखनीय रूप से शामिल थे।

 

नालको ने राज्य-स्तरीय पुरस्कार संस्थापित किए, नामांकनों की तलाश है



भुवनेश्वर, 14.12.2015: नवरत्न नालको ने विसक्षम बच्चों/व्यक्तियों के पुनर्वास और पुनर्बन्दोस्त के लिए कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों और संस्थानों के लिए 'नालको मुस्कान पुरस्कार' संस्थापित किया है। इस पुरस्कार में ₹ 1 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाता है। इसीप्रकार, ओड़िशी नृत्य के प्रति उल्लेखनीय योगदान के लिए व्यक्तियों को मान्यता देने, सराहना करने और प्रोत्साहित करने के लिए कम्पनी ने प्रतिवर्ष एक ओड़िशी गुरु और एक ओड़िशी नृत्यांगना का अभिनन्दन करने के लिए "नालको खारवेल पुरस्कार" संस्थापित किया है। ओड़िशी गुरु के लिए पुरस्कार में ₹1 लाख का नकद पुरस्कार, जबकि ओड़िशी नृत्यांगना के लिए विजेता को ₹50,000/- का नकद पुरस्कार मिलेगा। कम्पनी ये पुरस्कार आगामी 7 जनवरी को भुवनेश्वर में नालको स्तापना दिवस में विजेताओं को प्रदान करेगी। यह एल्यूमिनियम वृहद् उद्योग वर्तमान इन पुरस्कारों के लिए नामांकन तलाश रहा है, जिसके लिए नामांकन जना करने की अन्तिम तारीख 28 दिसम्बर है। इन पुरस्कारों के अन्य विवरण कम्पनी के वेबसाइट www.nalcoindia.com पर उपलब्ध हैं।

 

अखिल ओड़िशा नालको खुले टेनिस टूर्नामेण्ट का उद्घाटन



भुवनेश्वर, 11.12.2015: आज 17वें अखिल ओड़िशा नालको खुले टेनिस टूर्नामेण्ट का उद्घाटन नालको के निदेशक श्री श्यामा चरण पाढ़ी और सुश्री सोमा मण्डल की उपस्थिति में ओड़िशा सरकार के सचिव, खेलकूद एवं युवा सेवाएँ श्री शाश्वत मिश्र के द्वारा सम्पन्न हुआ। कलिंग स्टेडियम में हो रहे इस 3-दिवसीय टूर्नामेण्ट में राज्य के विभिन्न भागों से 300 से अधिक खिलाड़ी प्रतिभागिता ले रहे हैं।


अपने स्वागत भाषण, श्री सुरेश महापात्र, अध्यक्ष, भुवनेश्वर जिला टेनिस संघ ने पिछले 17 वर्षों से इस टूर्नामेण्ट का प्रायोजन करने के लिए नवरत्‍न नालको की सराहना की और आशा व्यक्त की कि आनेवाले वर्षों में भी ऐसा प्रोत्साहन जारी रहेगा। बदले में, श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (मा.सं.), नालको, ने अगले तीन संस्करणों के लिए नालको की वचनबद्धता दोहराई और आयोजकों को आश्वासन दिया कि वर्षों से किए जा रहे प्रयासों और सृजित साख पर विचार करते हुए, नालको इस टूर्नामेण्ट को दो दशकों से आगे ले जाने के लिए हर्ष का अनुभव करेगी।


 

गुजरात में जी.ए.सी.एल.-नालको संयुक्त उद्यम
₹1800 करोड़ के कॉस्टिक सोड़ा संयंत्र के लिए आधारशिला रखी गई



भुवनेश्वर, 08.12.2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्‍न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, और गुजरात अल्कालिज एण्ड केमिकल्स लिमिटेड (जी.ए.सी.एल.), एक गुजरात सरकार प्रोन्नत कम्पनी ने ₹ 1800 करोड़ के कॉस्टिक सोड़ा संयंत्र की स्थापना के लिए संयुक्त उद्यम शुरू किया है। श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने आज दहेज, गुजरात में भूमि पूजा के बाद प्रस्तावित परियोजना की आधारशिला रखी।


इस नई सं.उ. कम्पनी, जी.ए.सी.एल.-नालको अल्कालिज एण्ड केमिकल्स प्राईवेट लिमिटेड की, जिसमें नालको 40% शेयर पूँजी धारक है, जबकि जी.ए.सी.एल. शेष की धारक है, 2.7 लाख टन कॉस्टिक सोड़ा प्रति वर्ष उत्पादन करने की योजना है। भूमि हस्तान्तरण और उपकरणों का क्रयादेश देना अन्तिम चरण में हैं। नई कम्पनी के कार्यालय का भी आज बड़ौदा में उद्घाटन किया गया।


“नालको की आधारभूमि एकीकरण योजना के रूप में, यह परियोजना हमारे लिए उच्च लाभदायक उद्यम होने की आशा है। नालको आरम्भ में बाजार मूल्य पर कम से कम 50,000 टन कॉस्टिक सोड़ा प्रति वर्ष खरीदेगी,” श्री चान्द ने सूचित किया। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि भारत में कॉस्टिक सोड़ा की उपलब्धता बहुत कम होती है और देशीय जरूरत का प्रमुख भाग ऊँची लागत पर पूरा किया जाता है। इस उद्यम से देशीय बाजार में कॉस्टिक सोड़ा का आयात प्रतिस्थापन होगा।


इस अवसर पर उपस्थित महानुभावों में, श्री ए.एम. तिवारी, आई॰ए॰एस॰, अपर मुख्य सचिव और प्रबन्ध-निदेशक, जी.ए.सी.एल., श्री एन.आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), नालको, श्री पी.के॰ महान्ति, आई॰ए॰एस॰, मुख्य सतर्कता अधिकारी, नालको और दोनों कम्पनियों तथा गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल थे।


यह उल्लेखनीय है कि नालको गुजरात के कच्छ जिले में गुजरात खनिज विकास निगम (जी.एम.डी.सी.), गुजरात सरकार का एक उपक्रम के साथ संयुक्त उद्यम में 0.5 मिलियन टन प्रति वर्ष के एल्यूमिना परिशोधक की स्थापना के लिए भी प्रक्रियारत है। इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है।


 

नालको को ओड़िशा इंक का श्रेष्ठ ब्राण्ड पुरस्कार मिला


भुवनेश्वर, 26.11.2015: भुवनेश्वर, 03.12.2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) को राज्य के अग्रणी वेब-पोर्टल 'ओड़िशा डायरी' के द्वारा संस्थापित ओड़िशा इंक श्रेष्ठ ब्राण्ड का पुरस्कार मिला है।


कम्पनी की ओर से, श्री अमीय पटनायक, महाप्रबन्धक (मा॰ व प्र॰) ने कल यहाँ आयोजित 'लिविंग लेजेण्ड पुरस्कार समारोह' में श्री देवी प्रसाद मिश्र, उद्योग एवं जन शिक्षा मंत्री, ओड़िशा सरकार, प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ॰ प्रतिभा राय और अन्य महानुभावों की उपस्थिति में श्री सुदाम मराण्डि, खेलकूद और युवा मामले मन्त्री, ओड़िशा सरकार, के कर-कमलों से यह पुरस्कार ग्रहण किया।

 

 

नालको अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक को ओड़िआ पुअ सम्मान


भुवनेश्वर, 26.11.2015: कल नई दिल्ली में भारत सरकार के पूर्व-सचिव एवं निदेशक, एम.टी.आई. श्री ए.के. रथ की उपस्थिति में केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेन्द्र द्वारा श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको को उद्योग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठापूर्ण ओड़िआ पुअ सम्मान प्रदान किया गया। श्री चान्द ने 13वें बोईत बन्धाण एवं समन्वय, ओड़िशा एवं गुजरात के मध्य एक सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम के अवसर पर यह सम्मान ग्रहण किया। यह कार्यक्रम दिल्ली आधारित एक मीडिया संगठन ओड़िआ पुअ द्वारा आयोजित किया गया था।


 

नालको पुरी में की स्टेट ऑफ द आर्ट पार्क की स्थापना
करेगी


भुवनेश्वर, 24.11.2015 : नवरत्‍न नालको ने ₹ 50 लाख की लागत से 2002 में पुरी समुद्र तट पर गांधी स्मृति पीठ की स्थापना की थी, और तत्पश्चात् यह पुरी-कोणार्क विकास प्राधिकरण को सौंप दिया गया था। स्थानीय विधायक श्री महेश्वर महान्ति और जिलाधीश श्री अरविन्द अग्रवाल के साथ हुई एक बैठक आज श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने निवर्तमान पार्क को भूदृश्य निर्माण, व्यापक वृक्षारोपण, संगीतमय झरने और प्रकाशसज्जा के साथ उन्नत करने के लिए अपनी समहति प्रदान की। “इस सम्बन्ध में एक महीने में एक सलाहकार नियुक्त किया जाएगा और एक वर्ष के अन्दर कार्य पूरा होगा" श्री चान्द ने सूचित किया।


नालको मैसूर के वृन्दावन बाग, हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी और जीवीके उद्योग, जो भारत में नए हवाई अड्डों की स्थापना में शामिल हैं, से संकेत लेगी।


इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसमें नालको की ओर से श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन) और श्री अमीय पटनायक, महाप्रबन्धक (मा॰ व प्र॰) प्रतिनिधित्व करेंगे।

 

श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक,
नालको के लिए कलिंग खोर्धा सम्मान



भुवनेश्वर, 23.11.2015 : कल यहाँ सप्ताह-व्यापी खोर्धा जिला लोक उत्सव के समारोप समारोह में ओड़िशा के मान्यवर राज्यपाल श्री एस.सी॰ जमीर ने नवरत्‍न नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द को उद्योग के प्रति उनके अमित योगदान के लिए कलिंग खोर्धा सम्मान प्रदान किया। श्री चान्द ने नालको की छवि-निर्माण, निवेश योजनाओं, कोयला एवं बॉक्साइट खानों के अधिग्रहण में एक शानदार भूमिका निभाई है।


इस अवसर पर उपस्थित विशिष्ट महानुभावों में, श्री देवी प्रसाद मिश्र, उद्योग, स्कूल एवं जन शिक्षा मन्त्री, ओड़िशा सरकार, डॉ॰ प्रसन्न कुमार पाटसाणी, सांसद (लोकसभा), भुवनेश्वर, श्री राजेन्द्र साहू, विधायक, खोर्धा, श्री निरञ्जन साहु, आई॰ए॰एस॰, जिलाधीश, खोर्धा, प्रमुख थे।


 

नालको ईरान में भारतीय प्रदर्शन कलाओं का प्रदर्शन करेगी,
श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने कहा



भुवनेश्वर, 21.11.2015 : “सांस्कृतिक सम्बन्ध ईरान में हमारे कारोबार के अग्रगामी होंगे। पहले हम तेहरान में ओड़िशी और अन्य भारतीय प्रदर्शन कलाओं का प्रदर्शन कराने के द्वारा सांस्कृतिक दूत की भूमिका निभाएँगे" - नवरत्‍न कम्पनी नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द कहते हैं। “सांस्कृतिक विनिमय साख और आपसी समझ के प्रणेता होते हैं, जो किसी औद्योगिक संयुक्त उद्यम का मार्ग प्रशस्त करते हैं" श्री चान्द ने आगे कहा। वे 19वें गुंजन नृत्य एवं संगीत महोत्सव को सम्बोधित कर रहे थे, जिसका कल कटक में समारोप सम्पन्न हुआ।


श्री चान्द ने भारत एवं विदेश के कलाकारों के साथ साथ विभिन्न नृत्य रूपों के पारखियों के सम्मिलित जनसमूह को सूचित किया कि एल्यूमिनियम वृहद् नालको 7 जनवरी 2016 से आरम्भ करके कम्पनी के स्थापना दिवस पर एक ओड़िशी गुरु और एक ओड़िशी नृत्यांगना को स्वर्णपदक और प्रशंसापत्र सहित को क्रमशः ₹1 लाख और ₹50,000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित करते हुए सम्राट खारवेल पुरस्कारों का भी प्रचलन करेगी।


इस 3-दिवसीय महोत्सव का सुनहरा केन्द्र था कलाकार मीरा दास और दातुक रामली इब्राहिम द्वारा नृत्य प्रस्तुति, जिससे स्थानीय शहीद भवन में खचाखच भरे दर्शकों को रोमाञ्चित कर दिया। इसके पूर्व, श्री चान्द द्वारा सुप्रसिद्ध चित्रकार डॉ॰ दिननाथ पाठी का अभिनन्दन किया गया।


 

खनन क्षेत्र में प्रथम
कौशल विकास के लिए नालको ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए



भुवनेश्वर, 20.11.2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), भारत सरकार के खान मंत्रालय के अन्तर्गत नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, ने कल नई दिल्ली में कौशल विकास एवं उद्यमिता (एमएसडीई) मंत्रालय के सचिव श्री रोहित नन्दन और नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द की उपस्थिति में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एन.एस.डी.सी.) और राष्ट्रीय कौशल विकास निधि (एन.एस.डी.एफ.) के साथ कौशल विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बोलते हुए, श्री चान्द ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह देश में खनन क्षेत्र में ऐसा प्रथम राजीनामा है। “इसके साथ, हमने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए हमारे नि.सा.उ. बजट का 5% देने की वचनबद्धता की है और एम.एस.डी.ई. ने नालको में एक उत्कर्ष केन्द्र के विकास में रुचि दर्शायी है"- उन्होंने आगे कहा।


नालको की ओर से, श्री ए.एस. अहलुवालिया, कार्यपालक निदेशक (निगम मामले) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जबकि एन.एस.डी.सी. और एन.एस.डी.एफ. की ओर से क्रमशः उनके मुख्य कार्यपालक श्री जयन्त कृष्ण और श्री पवन अग्रवाल ने प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य महानुभावों में श्री राजेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव, एम.एस.डी.ई., श्री शेरशा, निदेशक, खान मंत्रालय और डॉ॰ सुनीता चिब्बा, वरिष्ठ सलाहकार, एम.एस.डी.ई. शामिल थे।


यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने इस वर्ष जुलाई के दौरान स्किल इण्डिया मिशन चलाया था, जिनका उद्देश्य बढ़ती हुई राष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रयासों को उन्नत करना और देश के युवाओं की नियोजन-क्षमता को बढ़ाना है। यह अनुमान लगाया गया है कि यू॰एस॰ए॰ में 52%, यूनाईटेड किंगडम में 68%, जर्मनी में 75%, जापान में 80% और दक्षिण कोरिया में 96% की तुलना में भारत में केवल 2.3% कार्यबल ने औपचारिक कौशल प्रशिक्षण लिया है।


 

नालको के परिशोधक को व्यापार उत्कृष्टता स्टार पुरस्कार मिला



भुवनेश्वर, 16.11.2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) के एल्यूमिना परिशोधक को प्रतिष्ठापूर्ण व्यापार उत्कृष्टता स्टार मान्यता पुरस्कार मिला है। गुणवत्ता संस्थान, सी.आई.आई. ने नालको को "प्रचालन प्रबन्धन में उत्कृष्टता के लिए प्रक्रिया उद्योग में नेता" के रूप में विनिर्णीत किया है।


एल्यूमिना परिशोधक के दल के सम्मिलित प्रयासों की सराहना करते हुए, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने, इस पुरस्कार के लिए समग्र नालको को हार्दिक बधाई सम्प्रेषित की है। कम्पनी की ओर से, श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) और श्री आर॰के॰ मिश्र, कार्यपालक निदेशक (खान एवं परिशोधक) ने हाल ही में बॆंगळूरु में राष्ट्रीय गुणवत्ता शिखर सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार ग्रहण किया। यहाँ यह उल्लेख किया जा सकता है कि नालको का ऊर्जा कुशल एल्यूमिना परिशोधक, ओड़िशा के कोरापुट जिले के दामनजोड़ी में अवस्थित है, जो विश्व के निम्नतम लागतवाले उत्पादकों में से एक है। एल्यूमिनियम वृहद् उद्योग ने अपने परिशोधक में यूरोपियन फाउण्डेशन ऑफ क्वालिटी मैनेजमेंट (ईएफक्यूएम) के समान व्यापार उत्कृष्टता पहल भी चलाई है।


 

नालको अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने ओड़िशा के बी-स्कूलों के लिए भूमण्डलीय मानदण्ड हेतु
आह्वान किया



भुवनेश्वर, 14.11.2015: इन्स्टीच्यूट ऑफ मैनेजमेण्ट एण्ड इन्फोर्मेशन साईन्सेस (आई.एम.आई.एस.), भुवनेश्वर, स्थित एक प्रमुख बिजनेस-स्कूल ने एक राष्ट्रीय बी-स्कूल सम्मेलन का आयोजन किया। श्री संजय कुमार दास बर्मा, माननीय खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण, रोजगार और तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण राज्यमन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार), ओड़िशा सरकार ने मुख्य अतिथि के रूप में और श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने मुख्य वक्ता के रूप में इस समारोह की शोभा बढ़ाई। देश के विभिन्न संस्थानों से आए बी-स्कूलों के विद्यार्थियों को अपने सारगर्भित भाषण में, श्री चान्द ने आकलन करते हुए कहा कि आर्थिक गिरावट का वर्तमान दौर 2017-18 तक थम जाएगा और इसके पश्चात व्यवसाय में उत्कर्ष का चक्र आएगा। उद्योगों और संस्थानों को आनेवाले औद्योगिक उत्थान का लाभ उठाने के लिए योजना बनाकर प्रस्तुति करनी चाहिए।


अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने यह भी सूचित किया कि नालको ओड़िशा राज्य में ₹30,000 करोड़ के निवेश के साथ अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए रूपरेखा विकसित कर चुकी है, जहाँ बॉक्साइट खनन से लेकर एल्यूमिनियम-निर्माण तक इसकी समग्र मूल्य-शृंखला अवस्थित है। उन्होंने व्यावसायिक स्कूलों का आह्वान किया कि वे उद्योगों के साथ सम्पर्क बढ़ाकर भूमण्डलीय स्तर के मानकों को पूरा करने के लिए आगे कदम बढ़ाएँ। “हमें ओड़िशा के बी-स्कूलों से विश्व-श्रेणी की शिक्षा और विश्व-श्रेणी के प्रबन्धकों के प्रस्ताव दिए जाने की आवश्यकता है" श्री चान्द ने आगे कहा। इस अवसर पर, आई.एम.आई.एस. प्रबन्धन और माननीय मन्त्री श्री संजय कुमार दास बर्मा ने राज्य में उद्योगों के विकास और व्यावसायिक शिक्षा के विकास की दिशा में पहलकदमी के लिए श्री चान्द का अभिनन्दन किया। अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री एच.के. पटनायक, महानिदेशक, श्री के.के॰ बेउरिया, सलाहकारr और डॉ॰ उषा कामिल्ला, निदेशक, आई.एम.आई.एस. भी उपस्थित थे.

 

"नालको ओड़िशा के शैक्षणिक समुदाय को सशक्त करेगी" -
श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने कहा



भुवनेश्वर, 13.11.2015: उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों से भरपूर, ओड़िशा और इसकी राजधानी भुवनेश्वर एक शिक्षा एवं ज्ञान-केन्द्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्वर्णिम त्रिभुज के शिखर पर अवस्थित, भुवनेश्वर अपने प्रदूषण मुक्त वातावरण एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के साथ सुप्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों को यहाँ अपनी संस्थापनाओं की स्थापना के लिए आकर्षित करता रहा है।

भुवनेश्वर में अपने मुख्यालय के साथ, ओड़िशा स्थित नवरत्‍न कम्पनी नालको की, इस स्थान की शिक्षा सम्भावनाओं को प्रवर्धित करने की व्यापक योजना है और ओड़िशा के प्रमुख शिक्षण संस्थानों को भूमण्डलीय मानदण्डों पर आगे बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा विकसित कर रही है।

इस योजना के अन्तर्गत, नालको का शीर्ष प्रबन्धन, भुवनेश्वर से आरम्भ करके, चुने गए प्रमुख संस्थानों के साथ पारस्परिक सहक्रिया करेगा, और आपसी सहयोग एवं सहकार्य के क्षेत्रों को चिह्नित करेगा।

“वस्तुतः, हम प्रो॰ आर.व्ही॰ राजकुमार, निदेशक और प्रो॰ पी.के.जे. महापात्र, आई॰आई॰टी॰, भुवनेश्वर के साथ पारस्परिक हित के समसामयिक विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श कर चुके हैं। आई॰आई॰टी॰ विनिमय कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए और अनुसन्धान गतिविधियों, ऊष्मायन केन्द्रों और ज्ञान-पार्कों की स्थापना पर ध्यान-केन्द्रित करने हेतु नालको के साथ एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने हेतु इच्छुक है, जिसके फलस्वरूप युवाओं की नियोजन-क्षमता और राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय रंगभूमि में ओड़िशा की प्रत्यक्षता बढ़ेगी” - श्री तपन कुमार चान्द, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने सूचित किया।

अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको श्री तपन कुमार चान्द, सहयोग एवं सहकार्य के तरीकों और माध्यमों पर विद्यार्थियों और संकाय प्राध्यापकों के साथ पारस्परिक सहचर्चा हेतु आई.आई.टी. भुवनेश्वर, एक्स.आई.एम.बी., के.आई.एस.एस. एवं के.आई.आई.टी. तथा आई.एम.आई.एस. कैम्पस का परिदर्शन करेंगे। “विभिन्न अध्ययन-दलों के सदस्य बनने के लिए चिह्नित संस्थानों को आमन्त्रित करने की नालको की योजना है, जिससे विश्व-श्रेणी की खानों और उद्योगों का व्यावसायिक परिदर्शन किया जा सके" श्री चान्द ने आगे कहा।

 

नालको प्रमुख ने कीट, किस्स एवं किम्स का परिदर्शन किया



नालको द्वारा चलाए गए उद्योग - संस्थान पारस्परिक सहक्रिया कार्यक्रम के अन्तर्गत, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने किस्स(के.आई.एस.एस.) परिसर का, इसके संस्थापक श्री अच्युत सामन्त के निमन्त्रण पर, पहली बार परिदर्शन किया। किस्स द्वारा हाथ में ली गई शिक्षण गतिविधियों और ओड़िशा और अन्य स्थानों के आदिवासी गाँवों से विद्यार्थियों की शिक्षा पर ध्यान-केन्द्रित किए जाने से प्रभावित, श्री चान्द ने कहा कि किस्स निश्चित रूप से चीनी शिक्षण संस्थानों को इसके प्रचालन के परिणाम में पछाड़ देगी। विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए, श्री चान्द ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए सकारात्मक मनोवृत्ति रखने और कठिन परिश्रम करने की सलाह दी। उन्होंने भारत के टेक्स क्रिकेट कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का उदाहरण दिया कि किस प्रकार केन्द्रीय कोयला क्षेत्र के एक विनीत कर्मचारी के परिवार से होने के बावजूद वे भारत के टेस्ट कप्तान के पद पर पहुँचे।


"जीवन का लक्ष्य क्रिया को सशक्त करता है। अतः सफलता के लिए सही प्रकार की ऊर्जा पाने के लिए सही लक्ष्य रखना महत्वपूर्ण है।” श्री चान्द, अपनी धर्मपत्नी श्रीमती प्रीति रॉय चान्द के साथ पधारे थे, जो केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने नालको कर्मचारियों और उनके परिवार से सदस्यों की ओर से विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ प्रदान की। कीट के संस्थापक श्री अच्युत सामन्त ने श्री तपन कुमार चान्द और श्रीमती प्रीति राय का उनके प्रथम परिदर्शन पर अभिनन्दन किया। श्री सामन्त ने श्री चान्द का एक समर्पित, सक्रिय और कठिन परिश्रमी शीर्षस्थ पेशेवर के रूप में वर्णन किया जिन्होंने नवरत्न कम्पनी नालको की प्रत्यक्षता को ऊँचा उठाया और इसकी खनिज सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सफल हुए। श्री सामन्त ने नालको की निगम सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों और ओड़िशा में इसकी भारी निवेश योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा की।


 

नालको का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ ₹226 करोड़ का हुआ


भुवनेश्वर, 10.11.2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्‍न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और देश के अग्रणी एल्यूमिना और एल्यूमिनियम उत्पादक और निर्यातक ने सितम्बर 2015 को समाप्त द्वितीय तिमाही के अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं।


भुवनेश्वर में आज हुई कम्पनी के निदेशक-मण्डल की बैठक में रिकार्ड में लिए गए वित्तवर्ष 2015-16 की दूसरी तिमाही के पुनरीक्षित परिणामों के अनुसार, नालको ने ₹226.14 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जबकि पिछली तिमाही में ₹163.44 करोड़ का तथा पिछले वित्त वर्ष की सम्बन्धित तिमाही के दौरान ₹341.52 करोड़ का लाभ उपलब्ध हुआ था। दूसरी तिमाही में शुद्ध बिक्री कारोबार ₹1780.40 करोड़ का हुआ। हालांकि मन्दी का दौर है, समग्र वैश्विक एल्यूमिनियम उद्योग बाजार में भारी गिरावट से चक्कर खा रहा है और अनेक कम्पनियों को हानि होने की रिपोर्ट मिलने के बावजूद, यह हर्ष की बात है कि नालको ने चालू वित्त वर्ष की दोनों तिमाहियों में लाभ दर्ज किया है।


सितम्बर 2015 को समाप्त प्रथमार्द्ध के लिए शुद्ध लाभ और शुद्ध बिक्री कारोबार क्रमशः ₹389.58 करोड़ और ₹3250.50 करोड़ का हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष के तत्समान वर्षार्द्ध के दौरान ये आँकड़े क्रमशः ₹612.51 करोड़ और ₹3606.63 करोड़ के उपलब्धि हुए थे।


उत्पादन के मोर्चे पर, चालू वित्त वर्ष के प्रथमार्द्ध के दौरान नालको ने 28.39 लाख टन बॉक्साइट, 9.21 लाख टन एल्यूमिना हाईड्रेट का उत्पादन उपलब्ध किया, जबकि धातु का उत्पादन 1.80 लाख टन का हुआ। इस अवधि के दौरान सृजित शुद्ध विद्युत 2843 मिलियन एकक थी। साथ ही, कम्पनी ने इस अवधि में 114 मिलियन एकक की पवन ऊर्जा सृजित की।

 

नालको ने ओड़िशा में निवेश वातावरण संचालित किया
मुख्यमंत्री ने नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक की सराहना की

भुवनेश्वर, 10.11.2015: पकेन्द्र द्वारा उत्कल डी एवं ई कोयला प्रखण्डों के आबंटन और राज्य सरकार द्वारा नालको के क्ष में पोट्टांगी बॉक्साइट खान की सिफारिश किए जाने नवरत्‍न सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम, नालको ने ओड़िशा के कोरापुट जिले के दामनजोड़ी में निवर्तमान परिशोधक के सीमाप्रान्त में ₹5600 करोड़ के निवेश से एक मिलियन टन एल्यूमिना परिशोधन क्षमता की 5वीं धारा की स्थापना की घोषणा की।


कल यहाँ नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द के साथ भारत सरकार के खान मंत्रालय के सचिव श्री बलविन्दर कुमार ने ओड़िशा के मुख्यमन्त्री श्री नवीन पटनायक और ओड़िशा सरकार के मुख्य सचिव श्री गोकुल चन्द्र पति से मुलाकात के दौरान यह सूचना दी गई थी।


एक उच्च-स्तरीय बैठक में, श्री बलविन्दर कुमार नालको को राज्य सरकार के समर्थन की सराहना की और आगे सूचित किया कि ओड़िशा के अनुगुळ जिले में, जहाँ नालको का प्रद्रावक एवं विद्युत संकुल अवस्थित है, हाल ही में कम्पनी को आबंटित किए गए 200 मिलियन-टन के कोयला प्रखण्डों के विकास के लिए नालको को ₹2000 करोड़ का खर्च करना होगा।


साथ ही, यह एल्यूमिनियम वृहद, अनुप्रवाह उद्योगों को आकर्षित करने के लिए अनुगुळ में एक एल्यूमिनियम पार्क की स्थापना करने के लिए राज्य सरकार के साथ गहनता से सम्बद्ध है।


“यह हमारी विस्तार और निवेश योजना के मार्ग-मानचित्र में सिर्फ एक विनम्र शुरूआत है चूँकि हमारी समग्र मूल्य-शृंखला ओड़िशा में अवस्थित है, हम इस राज्य के लोगों के प्रति वचनबद्ध हैं। साथ ही, हाल ही में घोषित राज्य औद्योगिक नीति के सन्दर्भ में, ओड़िशा में निवेश के लिए यह एक भारी व्यावसायिक चेतना बनती है" श्री तपन कुमार चान्द ने कहा। नि.सा.उ. के मोर्चे पर, हम कोरापुट आदिवासी क्षेत्र के साथ साथ अनुगुल में ₹300 करोड़ की अतिरिक्त वचनबद्धता कर चुके हैं", श्री चान्द ने आगे कहा।


                        श्री नवीन पटनायक ने श्री तपन कुमार चान्द की सराहना की

सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान, अपनी आरम्भिक टिप्पणी में ओड़िशा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक ने नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द द्वारा नया कार्यभार सम्भालने के 3 महीने की अल्प अवधि के अन्दर उनकी पहलकदमी और वचनबद्धता के लिए सराहना की। श्री पटनायक ने राज्य में नालको की निवेश योजना को पारित करने के लिए भारत सरकार के सचिव (खान) श्री बलविन्दर कुमार को भी धन्यवाद दिया। बदले में, श्री जी. सी. पति, मुख्य सचिव एवं राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने नालको को इसके प्रचालनों और विकास योजनाओं में हर प्रकार का समर्थन देने का आश्वासन दिया। यह नोट किया जा सकता है ओड़िशा सरकार ने हाल ही में राज्य में ₹1,73,000 करोड़ के निवेश को आकर्षित करने के लिए एक नई औद्योगिक नीति आरम्भ की है।

 

नालको द्वारा 'तम्बाकू के विरुद्ध युवा' अभियान का समर्थन

Nalco Supports 'Youth Against Tobacco' Campaignभुवनेश्वर: 02/11/2015:  “भारत में, उत्तर-पूर्व क्षेत्र में तम्बाकू के व्यसन के कारण केन्सर अधिक फैल रहा है। और ओड़िशा में, पुरी में मुँह का केन्सर होने की घटनाएँ बहुत ज्यादा हो रही हैं क्योंकि इस जिले में पान की खेती होने के कारण "ज़र्दा-पान" आसानी से मिलता है," - श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने कहा। “हालांकि, पान का पत्ता खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, किन्तु जब इसमें तम्बाकू मिला दिया जाता है और रात भर मुँह में रखा जाता है, इससे केन्सर हो सकता है," श्री चान्द ने स्पष्ट किया। तम्बाकू चबाना एक बड़ी चिन्ता के रूप में उभरा है, जिससे विश्वभर में हर वर्ष लगभग 6 मिलियन व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है। हाल ही के सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में, इस व्यसन के कारण प्रतिवर्ष लगभग 1 मिलियन जीवन हानि होती है।


कल पुरी में सिंहद्वार के सामने ‘तम्बाखू के विरुद्ध युवा’ अभियान के उद्घाटन समारोह में भाग लेते हुए श्री चान्द ने यह वक्तव्य दिया। इस अभियान की पहलकदमी, नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) के समर्थन से स्वयंसेवी संगठन मिशन ओड़िशा द्वारा की गई है। इस अभियान के उद्घाटन समारोह में लगभग 300 स्कूली बच्चों और स्वयंसेवियों ने भाग लिया। इस अभियान के अंश रूप में, 4 व्यक्तियों यथा- मधुसूदन मिश्र, रश्मि रञ्जन दाश, केदारनाथ महापात्र और चण्डी प्रसाद पट्टनायक, ने मोटरसाईकलों पर अपनी यात्रा आरम्भ की है, जो तम्बाकू-सेवन के स्वास्थ्य के खतरों के बारे में युवाओं में चेतना फैलाने के लिए भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के 8 राज्यों में प्रचार करेंगे।


इस मोटरसाईकल रैली को श्री अतनु सव्यसाची नायक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री, ओड़िशा सरकार, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, श्री अरविन्द अग्रवाल, जिलाधीश और श्री आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक, पुरी द्वारा झण्डा लहरा कर रवाना किया गया।


इस अवसर पर, श्री मानस साहू द्वारा एक तम्बाकू-विरोधी बालुका एनिमेशन फिल्म का विमोचन किया गया।


मिशन ओड़िशा के श्री बद्री मिश्र ने इस अभियान में नालको द्वारा प्रदान किए गए समर्थन की भारी प्रशंसा की और इसके अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री चान्द के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर मिशन ओड़िशा द्वारा श्री चान्द को उत्कल रत्ना पुरस्कार से नवाजा गया।

 

पुरी समुद्र तट स्थित गांधी पार्क का नालको अनुरक्षण करेगी

Nalco to Maintain Gandhi Park at Puri Beachभुवनेश्वर: 02/11/2015:  नवरत्नष नालको ने ₹ 50 लाख की लागत से 2002 में पुरी समुद्र तट पर गांधी स्मृति पीठ की स्थापना की थी, और तत्पश्चात् यह पुरी-कोणार्क विकास प्राधिकरण को सौंप दिया गया था। लेकिन, वर्तमान उपेक्षा की स्थिति को देखते हुए, नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने अगले दस वर्षों के लिए इस पार्क का अनुरक्षण कम्पनी के द्वारा किए जाने की घोषणा की।


“हम इसे पर्यटन का एक प्रमुख आकर्षण बनाएँगे, साथ ही दौड़ लगानेवालों के लिए स्वास्थ्यवर्धक पर्यावरण प्रदान करेंगे" श्री चान्द ने कल इस परिस्थल के परिदर्शन के दौरान यह घोषणा की। नालको इसमें स्थित गांधी पुस्तकालय तथा भित्ति और पर्यवेक्षण बुर्ज का नवीनीकरण करेगी, साथ ही व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा, श्री चान्द ने आगे कहा।


नालको भक्तों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए जगन्नाथ मन्दिर के आसपास प्रधान बिन्दुओं पर एल.ई.डी. स्क्रीनों की स्थापना के लिए सहयोग करने हेतु भी आगे आई है।


श्री चान्द ने श्री अरविन्द अग्रवाल, जिलाधीश, श्री आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक और पुरी जिला प्रशासन के अन्य प्रतिनिधियों से इस सम्बन्ध में रविवार को विस्तृत विचार विमर्श किया। एक उच्च-स्तरीय समिति एक सप्ताह के अन्दर यथा निर्णीत कार्य प्रणाली को अन्तिम रूप देगी।

 

नालको द्वारा अंतिम लाभांश भुगतान

Nalco Pays Final Dividendभुवनेश्वर: 28/10/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्नम सार्वजनिक उद्यम, ने वित्त वर्ष 2014-15 के लिये ₹451.02 करोड़ की राशि का कुल लाभांश (अर्थात् प्रदत्त पूँजी का 35%) घोषित किया है। इसमें ₹365.01 करोड़ का भारत सरकार का अंश शामिल है। उल्लेखनीय है कि आरम्भ से अब तक, नालको लाभांश के रूप में कुल ₹5356.76 करोड़ का भुगतान कर चुकी है, जिसमें भारत सरकार के अंश के ₹4598.99 करोड़ शामिल हैं।


कम्पनी भारत सरकार को भुगतानयोग्य ₹365.01 करोड़ में से ₹260.72 करोड़ के अंतरिम लाभांश का मार्च 2015 के दौरान भुगतान कर चुकी है। आज नई दिल्ली में अन्तिम लाभांश के लिए ₹104.29 करोड़ की राशि का चैक श्री बलविन्दर कुमार, आई.एस.एस., सचिव, खान मंत्रालय, श्री आर. श्रीधरन्, आई.ए.एस., अपर सचिव, डॉ. एन.के. सिंह एवं श्री एन.बी.धल, आई.ए.एस., संयुक्त सचिवगण, खान मंत्रालय, श्री व्ही. बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन), नालको तथा मंत्रालय एवं कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द द्वारा श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, माननीय केन्द्रीय खान और इस्पात मंत्री, भारत सरकार को प्रदान किया गया।

 

नालको ने सतर्कता चेतना सप्ताह मनाया

NALCO Observes Vigilance Awareness Weekभुवनेश्वर: 26/10/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी (नालको) ने राष्ट्र के साथ अपने सभी परिस्थलों और कार्यालयों में सतर्कता सचेतनता सप्ताह मनाया। इस वर्ष, यह सप्ताह "सुशासन के एक उपकरण के रूप में निरोधक सतर्कता" के प्रसंग के साथ 26 से 31 अक्तूबर तक मनाया जा रहा है।


आज निगम कार्यालय में सप्ताहव्यापी कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने श्री एन.आर. महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) और श्री पी.के॰ महान्ति, आई॰ए॰एस॰, मुख्य सतर्कता अधिकारी के साथ कर्मचारियों को तीन लिङिन्न भाषाओं में शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्य सतर्कता आयुक्त द्वारा दिया गया सन्देश को कर्मचारियों को पढ़कर सुनाया गया। इस अवसर पर इस वर्ष के प्रसंग पर आधारित एक सेमिनार का भी आयोजन किया गया।


श्री एन॰ सन्तोष हेगड़े, पूर्व न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय, भारत और श्री जोगिन्दर सिंह, पूर्व, निदेशक, सी.बी.आई. ने क्रमशः मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई। जबकि मुख्य वक्ता श्री सिंह ने निरोधक सतर्कता के माध्यम से भ्रष्टाचार से संघर्ष पर अपने अनुभव बाँटे, मुख्य अतिथि श्री हेगड़े ने प्रत्येक व्यक्ति को भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मानवता के मुताबिक चलने पर बल दिया। सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने सुशासन के प्रवर्तक के रूप में निरोधक सतर्कता का महत्व प्रतिपादित किया और सतर्कता मशीनरी के सुदढ़ करने के लिए मूल्य-प्रणाली और संगठनात्मक संस्कृति पर बल दिया। श्री पी.के॰ महान्ति, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने स्वागत भाषण दिया, जबकि श्री डी.आर॰ पाल, सहायक महाप्रबन्धक (सतर्कता) ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

 

नालको को कार्य-निष्पादन उत्कृष्टता पुरस्कार मिला

NALCO bags Performance Excellence Awardभुवनेश्वर: 17/10/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम को इण्डियन इन्स्टीच्यूट ऑफ इण्डस्ट्रियल इंजीनियरिंग (आई.आई.आई.ई.) द्वारा संस्थापित "कार्य-निष्पादन उत्कृष्टता पुरस्कार मिला है। कम्पनी की ओर से, श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन) ने गत 8 अक्टूबर को दुबई में हुई 19वें मुख्य कार्यपालकों के सम्मेलन में यह पुरस्कार ग्रहण किया।





 

नालको अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक स्वचालित वाहनों में एल्यूमिनियम के लिए आह्वान किया।

NALCO CMD bats for Aluminium in Automobilesभुवनेश्वर: 17/10/2015:  स्वचालित वाहनों के पुर्जों में एल्यूमिनियम बढ़ते उपयोग से, केवल ईंधन-दक्षता ही नहीं बढ़ी है, बल्कि वाहनों से प्रदूषण भी उल्लेखनीय रूप से घटा है। तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको के अनुसार प्रति 1 कि.ग्रा. भारी धातु को एल्यूमिनियम से बदले जाने पर एक वाहन के जीवनकाल के दौरान 22 कि.ग्रा. कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन घट जाता है।


“जबकि विकसित देशों प्रति वाहन में औसतन 140 कि.ग्रा. एल्यूमिनियम का उपयोग करते हैं, भारत में यह केवल 40 कि.ग्रा. के लगभग होता है। तथापि, 2016 तक, स्वचालित वाहन क्षेत्र में इस हल्के वजनवाली धातु का उपयोग कम से कम 3 गुना तक बढ़ जाने की आशा है" - श्री चान्द ने भुवनेश्वर में शुक्रवार उद्घाटित हुए ईटीवी अंतर्राषट्रीय स्वचालित वाहन मेले में कहा।


“आरम्भ में, एल्यूमिनियम पहियों और ट्रांसमिशन केसिंग्स में अपने कदम जमाए थे। अब, छतों, आवरणों, ट्रंक्स, दरवाजों, बम्परों और अन्य संरचनाओं में इसका व्यापक उपयोग हो रहा है। वेल्डिंग प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण आविष्कारों से सम्भावनों के अगले परिदृष्य खुल गए हैं।" चान्द ने सविस्तार बताया।. “किन्तु सर्वाधिक महत्वपूर्ण रूप से, वाहन के जीवनकाल के अन्त में, लगभग 90% एल्यूमिनियम पुनःचक्रणयोग्य रहता है", श्री चान्द ने आगे कहा।


अतनु सव्यसाची नायक, मन्त्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री और रमेश चन्द्र माझी, वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री, ओड़िशा सरकार ने भी इस चार दिवसीय स्वचालित वाहन मेंले के उद्घाटन समारोह में भाषण दिए।

 

नालको की शिक्षा पहलकमी की भारी प्रशंसा

NALCO's Education Initiative Laudedभुवनेश्वर: 12/10/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) द्वारा कोरापुट जिले के 655 आदिवासी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए की गई पहलकदमी के लिए विभिन्न मंचों पर भारी प्रशंसा की गई है। हाल ही में, प्राथमिक शिक्षा संवर्ग के अन्तर्गत इस पहल के लिए कम्पनी को ओ.टी.वी. सी.एस.आर. पुरस्कार मिला।


यह उल्लेखनीय है कि नालको अपने प्रचालनों के आरम्भ से ही, अपने संयंत्रों के परिधीय क्षेत्रों में रहनेवाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए महत्व देती आई है। इस सम्बन्ध में, कम्पनी ने दामनजोड़ी और अनुगुळ में दो ओड़िआ-माध्यम के (सरस्वती विद्या मन्दिर) और दो अंग्रेजी-माध्यम के (दिल्ली पब्लिक स्कूल) – चार स्कूल संस्थापित किए हैं। इन स्कूलों में वित्तीय सहायताप्राप्त दरों पर नालको कर्मचारियों के बच्चों के साथ ही अन्य बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाते हैं।


एक कदम और आगे बढ़ते हुए, कम्पनी की नि.सा.उ. भुजा नालको फाउण्डेशन ने इसके खान एवं परिशोधन संकुल के आसपास के 5 आदिवासी गाँवों में सुधारात्मक स्कूल संचालित किए हैं। इन स्कूलों ने पढ़ाई छोड़ चुके 224 बच्चों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली में फिर से भर्ती करने के लिए प्रस्तुत किया है। तत्पश्चात्, अपनी एक और प्रमुख परियोजना के रूप में, नालको फाउण्डेशन ने कोरापुट में दामनजोड़ी क्षेत्र के आदिवासी-बहुल और माओवादी-पीड़ित परिधीय गाँवों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध आवासीय शिक्षा संस्थानों के साथ मिलकर सहयोग किया। कम्पनी ने अब तक सुधारात्मक स्कूलों से 224 बच्चों सहित 18 परिधीय गाँवों के 655 बच्चों को आवासीय शिक्षा के लिए प्रायोजित किया है। इस फाउण्डेशन द्वारा की गई वित्त व्यवस्था में भुवनेश्वर (कलिंग इन्स्टीच्यूट ऑफ सोसियल साईन्सेस) और कोरापुट (कोरापुट विकास फाउण्डेशन मॉडल स्कूल और विकास विद्यालय) में 3 आवासीय स्कूलों में इन विद्यार्थियों के अध्ययन, आवास और भोजन की सभी लागत शामिल हैं। नामांकित विद्यार्थियों के लिए आवासीय शिक्षा के लिए वित्त व्यवस्था की योजना उनके स्कूली शिक्षा पूरी करने तक की बनाई गई है।

 

विसक्षम व्यक्तियों को समर्थन देनेवाले गैर-सरकारी संगठन को नालको सम्मानित करेगी

NALCO to felicitate NGOs supporting Differently-abledभुवनेश्वर: 12/10/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने विसक्षम बच्चों के पुनर्वास और पुनर्बन्दोस्त के लिए कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों और संस्थानों के लिए एक राज्यस्तरीय पुरस्कार संस्थापित किया है। इस पुरस्कार में ₹ एक लाख का नकद पुरस्कार और एक प्रशंसापत्र शामिल होगा, जो 7 जनवरी को नालको के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विजेता को प्रदान किया जाएगा। श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने शनिवार को भुवनेश्वर में आयोजित विकलांगों की मदद करने वाली संस्था के 20वें वार्षिकोत्सव में अपने सम्भाषण में यह घोषणा की।


मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाते हुए, श्री चान्द ने कहा: “विकलांगता अक्षमता नहीं है। बल्कि, जब शरीर का एक अंग अक्षम हो जाता है, तो दूसरा अंग अधिक सक्रिय हो जाता है। इसलिए, ऐसे विसक्षम व्यक्तियों पर करुणा दिखाने के बदले, मार्गदर्शन और उनके लिए अवसरों के निर्माण के माध्यम से उनकी सम्भावनाओं का पोषण किया जाना चाहिए।”


इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, पद्म विभूषण श्री रमाकान्त रथ, पूर्व मुख्य सचिव, ओड़िशा, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो॰ शान्तनु आचार्य और श्री प्रद्युम्न मिश्र उपस्थित थे। संस्थान के सचिव श्री भागीरथी पण्डा, ने कार्यक्रम का संचालन किया।

 

अनुगुळ एल्यूमिनियम पार्क के लिए नालको विश्व-श्रेणी के हुनर का अध्ययन करेगी

NALCO to Study World-Class Practices for Angul Aluminium Park

भुवनेश्वर, 12.10.2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) उर्ध्वप्रवाह और अनुप्रवाह उद्योगों के क्षेत्र में विश्व-श्रेणी के हुनर के अध्ययन के लिए मध्य-पूर्व के देशों में एक दल भेजने की योजना बना रही है। प्रस्तावित अनुगुळ एल्यूमिनियम पार्क के माध्यम से ओड़िशा प्रान्त में सहायक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए, कम्पनी ने यह कार्य योजना बनाई है, ताकि इस नए जोखिम कार्य में श्रेष्ठ हुनरों को प्रतिरूपित किया जा सके।


“जबकि नालको राज्य के औद्योगिक विकास से सम्बन्धित अनेक मामलों में अग्रणी भूमिका निभा रही है, सहायक उद्योगों की गुणवत्ता उन्नयन के लिए प्रयास करने हेतु प्रस्तुत है,” नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने कहा।


श्री चान्द भुवनेश्वर में शनिवार को उत्कल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री (यू.सी.सी.आई.) की प्रथम कार्यपालक समिति बैठक में सम्भाषण दे रहे थे, जहाँ चैम्बर द्वारा उनका अभिनन्दन किया गया। बदले में, यू.सी.सी.आई. ने मध्य-पूर्व के लिए नालको के अध्ययन दल में अपना प्रतिनिधि भेजने का प्रस्ताव दिया।


“सूक्ष्म-मध्यम-लघु उद्यमों से अब आवश्यक परिमाण में और उच्च गुणवत्ता के उत्पादों के उत्पादन की आशा की जाती है, ताकि वे ओड़िशा सरकार की नई औद्योगिक नीति के अन्तर्गत सुअवसरों का लाभ उठाने में समर्थ हो सकें और एक जिम्मेदार निगम के रूप में नालको, हर प्रकार का समर्थन देने लिए इच्छुक है-" श्री चान्द ने आगे कहा।


इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री रमेश महापात्र, अध्यक्ष, यू.सी.सी.आई., डॉ॰ शैलेन्द्र कुमार टमोटिया, पूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको और श्री विजय केतन मिश्र, अध्यक्ष, मीडिया एवं जनसम्पर्क समिति, यू.सी.सी.आई. उपस्थित थे।

 

ओड़िशा को सबसे पहला सौर गाँव मिला

Odisha gets its first-ever Solar Villageभुवनेश्वर: 02/10/2015:  भुवनेश्वर के बाहरी इलाके का एक छोटा-सा आदिवासी गाँव 'बारापिठा' ओड़िशा का पहला "सौर गाँव" बन गया है। आज यहाँ सौर परियोजना का श्री जयदीप नायक, आई॰पी॰एस॰, आई.जी.पी. ओड़िशा, श्री निरञ्जन साहू, आई॰ए॰एस॰, जिलाधीश एवं जिला न्यायाधीश, खोर्धा और श्री एस॰ भोई, पुलिस उप-आयुक्त, भुवनेश्वर की उपस्थिति में श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको द्वारा उद्घाटन किया गया।


“जबकि आज हरित ऊर्जा एक लोकप्रिय शब्द बन गया है, ऐसी नवीन पहलकदमी के पीछे घरों में गैर-परम्परागत ऊर्जा के उपयोग बढ़ाना की संकल्पना थी" श्री चान्द ने कहा। करीब सौ घर-परिवारों वाले इस छोटे से उपग्राम के कायाकल्प के विचार की अवधारणा के लिए उन्होंने श्री जयदीप नायक को बधाई दी। नालको, ई.सी.सी.ओ और जैक्सन सोलर ने इस परियोजना को समर्थन दिया है।


नालको, एक पर्यावरण-सचेत संगठन के रूप में, गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों के दोहन की दिशा में कई कदम उठा चुकी है। कम्पनी ने आन्ध्र प्रदेश और राजस्थान में दो पवन-ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं। सौर विद्युत के क्षेत्र में, कम्पनी ने अपने निगम कार्यालय और टाउनशिप में छत पर सौर विद्युत सृजन प्रणाली स्थापित की है।. हरित पहलकदमी को बढ़ावा देनेवाले अग्रणी संगठन के रूप में नालको तेजी से ऊभर रही है।


“नालको की ओर से, मैं आश्वासन देता हूँ कि हमारी कम्पनी ऐसे नवीकरणीय उपायों को समर्थन और हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने हेतु अपने प्रयास जारी रखेगी", श्री चान्द ने आगे कहा।


परियोजना के बारे में सूचित करते हुए , श्री जयदीप नायक ने कहा कि मोबाईल फोन और अन्य उपकरणों को चार्ज करने की सुविधा के साथ इस गाँव के प्रत्येक घर-परिवार के पास दो सौर गृह-प्रकाश-प्रणालियाँ होंगी। गाँव की सड़कें और स्कूल में मास्ट हेड लाईटिंग और स्ट्रीट लाईटिंग प्रणालियों के द्वारा शाश्वत सौर प्रकाश व्यवस्था होगी। गाँव के समुदाय केन्द्र को डिश एण्टीना सहित एक एल.ई.डी. टी.वी. प्रदान किया गया है, जो सौर विद्युत से चलता है।

 

नालको और मन्दिर-नगरी रोटेरी क्लब ने "स्वच्छ भारत" के लिए हाथ मिलाए

NALCO and Rotary Club of Templecity join hands for Swachh Bharatभुवनेश्वर: 02/10/2015:  महात्मा गान्धी की जयन्ती के उपलक्ष्य में और राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के अंश रूप में, नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) और मन्दिर-नगरी, भुवनेश्वर के रोटेरी क्लब ने, नालको नगर, भुवनेश्वर के परिसर में स्वच्छता कार्यक्रम संचालित किया।


इस अवसर पर 'स्वच्छता शपथ' दिलाने के अलावा, एक सचेतनता रैली का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने कहा, “नालको ने स्वच्छ भारत अभियान और स्वच्छ विद्यालय अभियान के आरम्भ से ही इनके कार्यान्वयन में एक सक्रिय भूमिका निभाई है। स्वच्छ विद्यालय अभियान में एक सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम साझेदार के रूप में, नालको ने अनुगुळ, कोरापुट और विशाखापत्तनम् जिलों के 206 स्कूलों में 433 शौचालयों का सफलतापूर्वक निर्माण करवाया है। इस अभियान में नालको की सफल भागीदारी की मा॰सं॰वि॰ मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारी सराहना की गई है।”


श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन) एवं अध्यक्ष, मन्दिर-नगरी, भुवनेश्वर के रोटेरी क्लब ने 300 से अधिक दृढ़ स्वयंसेवियों को शामिल करते हुए इस अभियान का नेतृत्व किया। इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, श्री के.सी॰ सामल, निदेशक (वित्त), श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) और रोटेरिएन डॉ॰ एस.के॰ टमोटिया उपस्थित थे।

 

नालको परिशोधक को कलिंग सुरक्षा पुरस्कार मिला

NALCO Refinery bags Kalinga Safety Awardभुवनेश्वर: 30/09/2015:  नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम नालको के ओड़िशा के दामनजोड़ी में अवस्थित एल्यूमिना परिशोधक को कल यहाँ आयोजित ओड़िशा राज्य सुरक्षा कोन्क्लैव-2015 में "स्वर्ण" संवर्ग में श्री जी.सी॰ पति, मुख्य सचिव, ओड़िशा सरकार के कर-कमलों से कलिंग सुरक्षा पुरस्कार मिला।


परिशोधक दल के सम्मिलित प्रयासों की सराहना करते हुए, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने, इस सम्मान के लिए समग्र नालको को हार्दिक बधाई दी और श्री एस.के॰ रॉय, कार्यपालक निदेशक(उत्पादन), श्री एस.आर॰ नायक, महाप्रबन्धक(एसएच एवं ई), निगम कार्यालय, और श्री पी॰के. पात्र, उप-महाप्रबन्धक (सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण) को मुबारकबाद दिया।

 

अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री चान्द ने नालको की गूगल बालिका का अभिनन्दन किया

CMD Shri Chand felicitates Nalco's Google Girlभुवनेश्वर: 28/09/2015:  नवरत्नष नालको द्वारा संचालित दिल्ली पब्लिक स्कूल, दामनजोड़ी की कक्षा-9 की छात्रा सुश्री ललिता प्रसीदा श्रीपाद श्रीसाई को समुदाय प्रभाव के लिए अन्तर्राष्ट्रीय गूगल विज्ञान पुरस्कार मिला है, जिसमें 10,000 यू.एस. डॉलर का नकद पुरस्कार और एक प्रशंसापत्र शामिल है। सुश्री ललिता ने आज भुवनेश्वर में श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको से मुलाकात की और अपनी परियोजना ‘निम्न लागत जैव-अधिशोषक' से अवगत कराया। श्री चान्द ने सुश्री सराहना की और कहा कि वैज्ञानिक प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने में वह केवल नालको के बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रभर के बच्चों के लिए एक अनुकरणीय आदर्श बनी है। सुश्री ललिता श्री सुब्रमण्य के.एस. (प्राचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल) और श्रीमती कल्याणी एस.वी.एन.एस. की सुपुत्री है। उसकी उपदेशक शिक्षिका सुश्री पल्लवी महापात्र और उसके पिता, माता और छोटी बहन कृष्ण प्रणीता भी उसके साथ थे।

 

25वाँ संस्थापना समारोह - नालको के निदेशक एस॰सी॰ पाढ़ी, मन्दिर नगरी के रोटरी क्लब के नए अध्यक्ष

25th Installation Ceremonyभुवनेश्वर: 28/09/2015:  रोटेरिएन श्यामा चरण पाढ़ी, नालको के निदेशक (मानव संसाधन ने नालकोनगर, भुवनेश्वर में कल आयोजित क्लब के 25वें संस्थापना समारोह में 2015-16 वर्ष के लिए मन्दिर नगरी, भुवनेश्वर के रोटरी क्लब के नए अध्यक्ष का पदभार सम्भाला। श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, ने मुख्य अतिथि के रूप में संस्थापना समारोह की शोभा बढ़ाई और विश्वभर में रोटरी क्लबों द्वारा की जा रही महान् सेवाओं के लिए भारी प्रशंसा की। श्री तपन कुमार चान्द द्वारा ‘धौली’ शीर्षक की एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, रोटेरिएन एस.के॰ टमोटिया, रोटेरिएन सत्यजीत दलाई, सचिव (2015-16), रोटेरिएन सीमाञ्चल महारणा, क्लब के पूर्व-अध्यक्ष उल्लेखनीय रूप से उपस्थित थे।

 

नालको ने 2014-15 के लिए ₹451 करोड़ का लाभांश घोषित किया।

NALCO Announces Dividend of Rs. 451 crore for 2014-15

भुवनेश्वर, 26.09.2015:  आज यहाँ आयोजित 34वीं वार्षिक साधारण बैठक में, नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम, के शेयरधारकों ने 35% का कुल लाभांश भुगतान अनुमोदित किया, जो ₹1.75 प्रति शेयर होता है। 2014-15 के लिए कुल भुगतान ₹451.02 करोड़ का है। आरम्भ से अबतक, नालको ने लाभांश के रूप में ₹5356.76 करोड़ का भुगतान किया है, जिसमें भारत सरकार के अंश के ₹4598.99 करोड़ शामिल है।


शेयरधारकों के प्रति अपने भाषण में श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने कम्पनी के कार्य-निष्पादन पर प्रकाश डाला और इसकी विकास योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। श्री चान्द के अनुसार, इस चरण में, नालको खनन, धातु और ऊर्जा क्षेत्र में एक भूमण्डलीय खिलाड़ी बनने का लक्ष्य साधे हुए है। इसकी प्राप्ति की दिशा में, कम्पनी की अपनी धातु उत्पादन, एल्यूमिना उत्पादन और बॉक्साइट एवं कोयला क्षमता को बढ़ाने की योजना है।


“हमारी कार्य-योजना में, उत्पादन का परिमाण बढ़ाना, विस्तार के लिए आगे बढ़ना और हमारे संयंत्रों का आधुनिकीकरण तथा उत्पादों का विवधीकरण शामिल है। और आगे, देशीय के साथ साथ अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में हमारे नेटवर्कों को बढ़ाने का लक्ष्य है। एक लचीली योजना परिकल्पित है, जो भविष्य में बाजार की अनिश्चितताओं का ध्यान रखेगी” श्री चान्द ने कहा।


“जबकि हमें बहु प्रतीक्षित और बहुत-जरूरी उत्कल डी और ई कोयला प्रखण्डों का आबंटन मिल चुका है, हम कोरापुट में पोट्टांगी खान के आबंटन के लिए राज्य सरकार की सहमति की आश लगाए हुए हैं, ताकि ₹.5,500 करोड़ की एल्यूमिना परिशोधक परियोजना तत्काल शुरू की जा सके”, श्री चान्द ने वार्षिक साधारण बैठक के पार्श्व में कहा।

 

अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी खनन माज्मा में नालको

NALCO in International Trade Show Mining Mazma

भुवनेश्वर, 24.09.2015:  खनन अन्वेषण सम्मेलन एवं व्यापार प्रदर्शनी (खनन माज्मा-2015) का आज बॆंगळूरु अन्तर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी केन्द्र, बॆंगळूरु में उद्घाटन हुआ। खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित यह व्यापार प्रदर्शनी फेडरेशन ऑफ इण्डियन मिनरल इण्डस्ट्रिज (फिमि) के द्वारा 24 से 26 सितम्बर 2015 तक आयोजित की गई। नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने एक प्रायोजक के रूप में खनन से सम्बन्धित विभिन्न मामलों पर तीन-दिवसीय चर्चा में प्रतिभागिता की और अपनी गतिविधियों और उपलब्धियों की प्रदर्शन-मंजूषा हेतु एक मण्डप लगाया। श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, माननीय खान मंत्री, भारत सरकार ने श्री बलविन्दर कुमार, आई॰ए॰एस॰, सचिव, खान मंत्रालय, भारत सरकार और श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको की उपस्थिति में नालको मण्डप का उद्घाटन किया।

 

सचिवीय मानकों पर राष्ट्रीय सेमिनार

NALCO institutes Green Awards for Engineering Excellenceभुवनेश्वर: 18/09/2015:  “अच्छे अभिशासन के भाग रूप में, निदेशक-मंडल की बैठकों में लिए गए सभी निर्णयों को अभिलेखित किया जाता है। किन्तु विलम्बित निर्णयों या कोई निर्णय नहीं होने की प्रतिक्रिया पर कोई उत्तरदायित्व निर्धारित या अभिलेख रिकार्ड नहीं किया जाता है।" नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, श्री तपन कुमार चान्द ने कहा। वे आज भुवनेश्वर में आयोजित इन्स्टीच्यूट ऑफ कम्पनी सेक्रेटरिज ऑफ इण्डिया (आई.सी.एस.आई.) द्वारा आयोजित सचिवीय मानकों पर एक राष्ट्रीय सेमिनार में कम्पनी सचिवों को सम्बोधित कर रहे थे।


“विलम्बित निर्णयों से वित्तीय अनुमानों के साथ साथ कम्पनी की समग्र नैतिक-शक्ति पर गम्भीर प्रभाव पड़ता है। इसलिए, सचिवीय मानकों के भाग रूप में कम्पनी सचिवों को ऐसे निर्णयों को भी रिकार्ड करना चाहिए जिन्हें निदेशक मंडल की बैठकों में और सामान्य बैठकों में जिन्हें औपचारिक रूप नहीं दिया जा सका हो, जो कम्पनी के कार्य-निष्पादन पर विपरीत प्रभाव डालते हों" -श्री चान्द ने कहा। कम्पनी सचिवों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने आगे कहा कि सचिवीय मानक निगम अभिशासन के अभिन्न अंग हैं और इनका उपयुक्त कार्यान्वयन निदेशक-मंडल के क्रियाकलापों की विश्वसनीयता को प्रेरित करता है और निवेशकों को कम्पनी के साथ जुड़े रहने और कम्पनी में निवेश करने में मदद करता है।


उद्घाटन सत्र में उल्लेखनीय रूप से उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में, सी.एस. अतुल मेहता, अध्यक्ष आई.सी.एस.आई., सी.एस. ममता बिनानी, उपाध्यक्ष, आई.सी.एस.आई. और सी.एस. पवन कुमार विजय, पूर्व अध्यक्ष आई.सी.एस.आई. शामिल थे।

 

इंजीनियरिंग उत्कृष्टता के लिए नालको ने हरित पुरस्कार प्रवर्तित किए

NALCO institutes Green Awards for Engineering Excellenceभुवनेश्वर: 16/09/2015:  अभियन्ता दिवस पर, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, अभियान्त्रिकी में उत्कृष्टता के लिए हरित पुरस्कारों की घोषणा की। श्री चान्द कल भुवनेश्वर में एवर ग्रीन फोरम द्वारा आयोजित एक समारोह में अभियन्ता बिरादरी को सम्बोधित कर रहे थे। प्रथम पुरस्कार ₹2 लाख एवं एक प्रशंसापत्र, द्वितीय पुरस्कार में ₹1 लाख और दो संख्यक तृतीय पुरस्कारों में प्रत्येक को ₹50,000 की राशि प्रदान की जाएगी। इस समारोह में श्री रमेश चन्द्र माझी, वाणिज्य एवं परिवहन मन्त्री, ओड़िशा सरकार, श्री प्रसन्न पाटसाणी, सांसद, वरिष्ठ आई॰आई॰टी॰ एवं अन्य प्रसिद्ध संस्थानों के वरिष्ठ प्रोफेसर उपस्थित थे।


श्री चान्द ने कहा कि "ओड़िशा के औद्योगीकरण में हरित प्रौद्योगिकी को प्रचलित और अपनाने के लिए अभियन्ताओं को अभियन्ता उत्कृष्टता पुरस्कार हमारी विनम्र श्रद्धाञ्जलि होगी।" हरित पहलकदमी के साथ जुड़े बुधिजीवियों और गैर-सरकारी संगठनों नालको के इस सद्भाव की सराहना की।


यहाँ यह उल्लेखनीय है कि नालको, केन्द्र सरकार की एक नवरत्नी कम्पनी है, जो समाज में हरित पहलदमी को सुदृढ़ करने के साथ साथ, पर्यावरण के संरक्षण और सुरक्षा के लिए बहुमुखी प्रयास करती आई है। जबकि यह कम्पनी प्रदूषण नियन्त्रण और पर्यावरण संरक्षण उपायों पर लगभग ₹190 करोड़ प्रति वर्ष खर्च करती है, इसकी कुछ नवीनतम पहलों में, पूर्वी भारत में जलीय पौधों पर एक पुस्तक के प्रकाशन का प्रायोजन और ₹2.5 करोड़ के खर्च से भुवनेश्वर-कटक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे शहरी वृक्षारोपण शामिल हैं।

 

नालको में हिन्दी पखवाड़ा मनाया गया

Hindi Fortnight Celebrated at NALCO

भुवनेश्वर: 15.09.2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम, (नालको) के निगम कार्यालय एवं परिस्थलों में शासकीय कार्यों में राजभाषा हिन्दी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देने एवं कर्मचारियों को हिन्दी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु दिनांक 01.09.2015 से 14.09.2015 तक हिन्दी पखवाड़ा मनाया गया। इस अवसर पर हिन्दी भाषी एवं हिन्दीतर भाषी कर्मचारियों के बीच अलग-अलग वर्ग में हिन्दी निबन्ध, भाषण, टिप्पण आदि प्रतियोगिता तथा हिन्दी प्रश्नमञ्च का आयोजन किया गया।


कल यहाँ 'हिन्दी दिवस' एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई एवं कहा कि नालको के द्वारा शीघ्र ही एक हिन्दी कवि-सम्मेलन के आयोजन का प्रस्ताव दिया। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया तथा स्व.शंकर दयाल सिंह स्मृति पुरस्कार योजना के अन्तगर्त इस वर्ष हिन्दी में विशेष कार्य करने के लिए हिन्दीभाषी वर्ग में ग्रहीत विद्युत संयंत्र के वरिष्ठ प्रबन्धक सामग्री श्री शैलेश कुमार वर्मा तथा हिन्दीतर भाषी वर्ग में निगम कार्यालय की श्रीमती वी.अनुराधा को ₹5000 का नगद पुरस्कार प्रदान किया।


इस अवसर पर ही श्री निहार रञ्जन महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), श्री श्यामाचरण पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन), श्री कृष्ण चन्द्र सामल, निदेशक(वित्त) सुश्री सोमा मण्डल, निदेशक (वाणिज्य) एवं श्री अशोक कुमार साहु, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन व प्रशासन) ने सम्मानित अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित होकर कर्मचारियों को हिन्दी में अपने कार्य बढ़ाने के लिए विभिन्न उपायों की सलाह दी।


नालको के निगम कार्यालय के सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री सुदर्शन तराई ने हिन्दी पखवाड़ा का संचालन किया एवं अन्त में श्री हरिराम पंसारी, प्रबंधक (राजभाषा) ने धन्यवाद अर्पण किया।

 

केन्द्र ने उत्कल डी एवं ई कोयला प्रखण्ड नालको को आबंटित किए

Centre allots Utkal D & E Coal Blocks to NALCOभुवनेश्वर: 15/09/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, को ओड़िशा के अनुगुळ जिला में अवस्थित उत्कल डी और ई कोयला प्रखण्ड आबंटित किए गए हैं, जहाँ कम्पनी का 4.6 लाख टन क्षमता का एल्यूमिनियम प्रद्रावक और 1200 मेगावाट क्षमता का ग्रहीत विद्युत संयंत्र अवस्थित है।


श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने कहा "कम्पनी का सुचारु प्रचालन और विस्तार योजनाएँ इन प्रखण्डों के आबंटन पर निर्भर थीं।". "इसके साथ, नालको के ग्रहीत संसाधन में 200 मिलियन टन कोयला जुड़ेगा, जिससे यह कम्पनी आगामी तीन दशकों और अधिक के लिए काफी चिन्तामुक्त रहेगी" श्री चान्द ने आगे कहा।


यह उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा 2004 में उत्कल-ई कोयला ब्लॉक नालको को आबंटित किया गया था। कम्पनी भूमि अधिग्रहण की क्षतिपूर्ति के बाबत ₹98 करोड़ सहित, इस ब्लॉक के लिए ₹126.34 करोड़ खर्च कर चुकी थी। कम्पनी ने इस क्षेत्र में आनुषंगिक सुविधाओं तथा विभिन्न निगम सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों पर भी उल्लेखनीय खर्च किया था। लेकिन, उच्चतम न्यायालय द्वारा देशभर में 204 कोयला प्रखण्डों का आबंटन रद्द करने आदेश के अनुसरण में उत्कल ई कोयला ब्लॉक का आबंटन रद्द किए जाने से कम्पनी के लिए भारी बाधा उत्पन्न हो गई थी। नालको, सरकारी आबंटन के मार्ग से इस कोयला प्रखण्ड को फिर से आबंटित करने के लिए भारत सरकार से निवेदन करती आ रही थी, चूँकि अन्तिम-उपयोग हेतु निवेश किया जा चुका था।


अब भारत सरकार ने नालको की नितान्त आवश्यकता को समझा और कम्पनी के पक्ष में कोयला प्रखण्डों को आबंटित करने का निर्णय लिया है, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने इन खानों को आबंटित करने के लिए खान मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है जिससे कम्पनी अपनी विस्तार योजनाओं को पूरा कर पाएगी। श्री चान्द ने सारांश में कहा कि "समग्र कम्पनी में कृतज्ञता और आनन्द-उल्लास की भावना भर गई है, क्योंकि यह महत्वपूर्ण निर्णय नालको के स्वप्नों और आशाओं के साथ गहनता से बुना हुआ था।"

 

नालको की बॉक्साइट खान को प्रदूषण नियन्त्रण उत्कृष्टता पुरस्कार मिला

NALCO's Bauxite Mine bags Pollution Control Excellence Awardभुवनेश्वर: 14/09/2015:  नवरत्नण सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम, नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) की ओड़िशा के कोरापुट जिले के पंचपटमाली पर्वत पर अवस्थित बॉक्साइट खान को राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड, ओड़िशा (ओ.एस.पी.सी.बी.) द्वारा संस्थापित प्रदूषण नियन्त्रण उत्कृष्टता


पुरस्कार-2015 मिला है। यह प्रतिष्ठापूर्ण पुरस्कार नालको को अपनी में बॉक्साइट खान में “प्रभावी प्रदूषण नियन्त्रण उपाय और अच्छे पर्यावरण प्रबन्धन अभ्यासों” की मान्यता में प्रदान किया गया है।


कम्पनी की ओर से, श्री शरानन चौधरी, महाप्रबन्धक (प्रचालन एवं अनुरक्षण)-खान, ने आज भुवनेश्वर में आयोजित ओ.एस.पी.सी.बी. के 32वें स्थापना दिवस समारोह में, ओड़िशा सरकार के मुख्य सचिव श्री जी.सी. पति के कर-कमलों से ग्रहण किया।


पंचपटमाली खान के दल के सम्मिलित प्रयासों की सराहना करते हुए, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने, इस पुरस्कार के लिए समग्र नालको को हार्दिक बधाई सम्प्रेषित की है।


यहाँ यह उल्लेखनीय है कि अपने कारोबार के साथ, नालको अपनी समस्त गतिविधियों में प्रदूषण-मुक्त पर्यावरण के प्रोत्साहन और अनुरक्षण पर विशेष जोर देती आई है। इस कम्पनी ने अपने चार उत्पादन एककों में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण की बाबत 2014-15 में ₹188.32 करोड़ खर्च किए हैं।

 

नालको को कार्य-निष्पादन उत्कृष्टता पुरस्कार

Performance Excellence Award for NALCOभुवनेश्वर: 10/09/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम को इण्डियन इन्स्टीच्यूट ऑफ इण्डस्ट्रियल इंजीनियरिंग (आई.आई.आई.ई.) द्वारा संस्थापित "कार्य-निष्पादन उत्कृष्टता पुरस्कार-2014" के लिए चुना गया है। सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करनेवाले विभिन्न संगठनों में से उत्कृष्टता के प्रति किए गए उत्कृष्ट योगदानों के आधार पर इस पुरस्कार हेतु मूल्यांकन किया जाता है।


एक पत्राचार में, आई.आई.आई.ई. के अध्यक्ष ने श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको को बधाई देते हुए अनुरोध किया है कि 8 अक्तूबर 2015 को दुबई में होनेवाले 19वें मुख्य कार्यपालकों के सम्मेलन में कम्पनी की सफलता की कहानी साझा करें। नालको को यह पुरस्कार इस सम्मेलन के दौरान प्रदान किया जाएगा।


इस सफलता का श्रेय समग्र नालको के सम्मिलित प्रयासों को देते हुए, श्री चान्द ने कहा कि नालको के कारोबार की उत्कृष्टता कम्पनी की उत्पादकता, लाभकारिता और विश्वसनीयता पर आधारित है।

 

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वच्छ विद्यालय अभियान के अधीन नालको की 100% उपलब्धि की सराहना की

MHRD appreciates NALCO's 100% achievement under Swachh Vidyalaya Abhiyanभुवनेश्वर: 07/09/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), भारत सरकार, खान मंत्रालय का नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम, ने ओड़िशा और आन्ध्र प्रदेश के तीन जिलों में स्कूलों के लिए शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य समय-अनुसूची के अनुसार पूरा कर लिया। नालको द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए, डॉ॰ एस॰सी॰ खुंटिया, सचिव, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, मा॰सं॰वि॰ मंत्रालय (एम.एच.आर.डी.), भारत सरकार, ने कम्पनी द्वारा "स्वच्छ विद्यालय अभियान के अधीन 100% लक्ष्य उपलब्ध" किए जाने हेतु श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, को बधाई दी। डॉ॰ खुंटिया ने लिखा है “कृपया इस सामाजिक महत्व की पहल की सफलता में योगदान देनेवाले सभी अधिकारियों को मेरी सराहना सम्प्रेषित करें।"


यह उल्लेखनीय है कि मा.सं.वि.मं. द्वारा अनुगुळ, कोरापुट और विशाखापत्तनम् जिलों के 202 स्कूलों में 355 शौचालयों का निर्माण करने के लिए कहा गया था। नालको ने कम्पनी की नि.सा.उ. भुजा, नालको फाउण्डेशन के माध्यम से, निर्धारित समय के अन्दर सफलतापूर्वक यह कार्य पूरा किया।


स्वच्छ विद्यालय अभियान एक दुस्साध्य कार्य था, क्योंकि नालको को आबंटित स्कूलों में अधिकांश ओड़िशा और आन्ध्र प्रदेश के सुदूरवर्ती माओवादी-पीड़ित क्षेत्रों में अवस्थित थे। चूँकि, कुछ स्कूलों तक पहुँचने के लिए कोई सही सड़क नहीं थी, पूर्व-निर्मित शौचालय सिर पर ढोकर नदी-नालों और पहाड़ियों को पार करते हुए पहुँचाए गए।


भारी बाधाओं के बावजूद, नालको ने केवल उपलब्ध समय पर लक्ष्य ही उपलब्ध नहीं किया, किन्तु भी मा.सं.वि.मं. के लक्ष्य के बाद, जमीनी वास्तविकताओं के अनुसार और स्कूल प्राधिकारियों के अनुरोध पर 79 अतिरिक्त शौचालयों का भी निर्माण किया। इसके साथ, नालको ने स्वच्छ विद्यालय अभियान के अन्तर्गत, कुल मिलाकर 206 स्कूलों में 433 शौचालयों का निर्माण किया।

 

नालको को ईईपीसी का स्टार निष्पादक का पुरस्कार मिला

NALCO bags EEPC Star Performer Awardभुवनेश्वर: 04/09/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम और देश के अग्रणी एल्यूमिना और एल्यूमिनियम उत्पादक-निर्यातक, को 2013-14 वर्ष के दौरान अपने उत्कृष्ट निर्यात कार्य-निष्पादन के लिए ईईपीसी (इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउन्सिल) का सितारा कार्य-निष्पादक पुरस्कार मिला है।


कम्पनी की ओर से, श्री ए॰के॰ मूर्त्ति, महाप्रबन्धक (पत्तन सुविधाएँ), ने 3 सितम्बर को नई दिल्ली में आयोजित अखिर भारतीय निर्यात पुरस्कार समारोह में सुश्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री, भारत सरकार के कर-कमलों से यह पुरस्कार ग्रहण किया।


यहाँ यह भी उल्लेख किया जा सकता है कि नालको को प्रीमियर ट्रेडिंग हाउस की पदवी प्राप्त है और अपने उत्पादों की उच्च गुणवत्ता के लिए लन्दन धातु बाजार(एल.एम.ई.) में पंजीकृत होनेवाली यह पहली भारतीय कम्पनी है।


विपणन दल के सम्मिलित प्रयासों की सराहना करते हुए, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री तपन कुमार चान्द ने, इस पुरस्कार के लिए समग्र नालको को हार्दिक बधाई सम्प्रेषित की है।

 

नालको के निगम कार्यालय में 69वाँ स्वाधीनता दिवस मनाया गया

69th Independence Day was celebrated at Nalco's Corporate Officeभुवनेश्वर: 17/08/2015:  नालको के निगम कार्यालय में 69वाँ स्वाधीनता दिवस देशभक्तिपूर्ण जोश के साथ मनाया गया इस अवसर पर श्री एन.आर. महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) ने तिरंगा ध्वज फहराया और कर्मचारियों को सम्बोधित किया। श्री महान्ति ने आह्वान किया कि "वर्तमान, एल्यूमिनियम धातु के लिए अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में बड़ी मन्दी चल रही है, किन्तु, भूतकाल की तरह, नालको को समग्रतः समस्त पद-भान भूलकर एक दल के रूप में एकजुट होकर इस संकट से उबरना होगा।"




 

नालको में ओड़िशा की जैव-विविधता पर पुस्तक विमोचित

Book on Odisha's Biodiversity Released at Nalcoभुवनेश्वर: 16/08/2015:  आज यहाँ नालको सभागार में डॉ॰ हेम पाण्डे, अपर सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको और श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन), नालको की उपस्थिति में श्री देवी प्रसाद मिश्र, उद्योग, स्कूल एवं जन शिक्षा मन्त्री, ओड़िशा सरकार द्वारा ओड़िशा की जैव-विविधता पर "एक्वाटिक प्लांट्स ऑफ ईस्ट इण्डिया" नामक पुस्तक का विमोचन हुआ। यह पुस्तक डॉ॰ अजय कुमार महापात्र, प्रबन्ध-निदेशक, ओड़िशा वन विकास निगम और श्री अशोक बिश्वाल द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक में पूर्वी भारत के 34 जिलों के जलीय और आर्द्र-प्रदेश के पेड़-पौधों की व्यापक प्रजातियों का वर्णन है।


इस पुस्तक के लेखक, डॉ॰ महापात्र ने आभार व्यक्त करते हुए, इस पुस्तक के प्रकाशन हेतु नालको सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया, कि इससे केवल अनुसंधान कर्ताओं को अमित मदद ही नहीं मिलेगी, बल्कि इन प्रजितियों के संरक्षण और पहचान हेतु आम जनता भी समर्थ होगी।


लेखकों द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा करते हुए, श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने संधारणीय विकास के लिए प्रकृति, पोषण और भविष्य के महत्व पर बल दिया। उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण विज्ञान के जैव और अजैव तत्वों के उचित संतुलन की आवश्यकता है और आदिम सुन्दरता और उदारता के साथ प्रकृति माता का संरक्षण और परिरक्षण किए जाने की जरूरत है। यह उल्लेखनीय है कि नालको ने अपने स्थापना काल से ही, पर्यावरणीय देखभाल से सम्बन्धित मामलों को सर्वाधिक महत्व दिया है और जैव-वैविध्य सर्वेक्षण संचालित करने के साथ साथ ऐसे विषयों पर पुस्तकों के प्रकाशन में सहयोग देती आई है। श्री चान्द ने आगे कहा कि निकट भविष्य में ऐसी और कई पर्यावरणीय पहल और प्रकाशन होंगे।

 

"बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" कार्यक्रम के अन्तर्गत "नालको की लाड़ली" योजना प्रवर्तित

NALCO KI LADLI SCHEME LAUNCHED Under Beti Bachao, Beti Padhao Programmeभुवनेश्वर: 16/08/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार की एक नवरत्नर कम्पनी, ने 69वें स्वाधीनता दिवस के उपलक्ष्य में "नालको की लाड़ली" योजना प्रवर्तित की। श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने हाल ही में भारत सरकार द्वारा चलाई गई.‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के अन्तर्गत इस नई योजना की घोषणा की तथा परिचय दिया।


कल कम्पनी के प्रद्रावक एवं विद्युत संकुल, अनुगुळ में, तिरंगा झण्डा फहराने के बाद, श्री चान्द ने घोषणा की कि "अनुगुळ और दामनजोड़ी स्थित अपने उत्पादन एककों के परिधीय स्कूलों में पढ़नेवाली गरीबी की सीमारेखा के नीचे के परिवारों की प्रतिभावान बालिका-विद्यार्थियों को नालको बढ़ावा देगी।"


यहाँ यह उल्लेखनीय है कि नालको, एक जिम्मेदार निगम नागरिक के रूप में, ओड़िशा राज्य और राष्ट्र के विकास हेतु सदा से कार्य करती आई है। आरम्भ से लेकर, इस कम्पनी ने करों, शुल्कों, रॉयल्टी और लाभांश की बाबत राज्य सरकार को ₹4,981 करोड़ तथा केन्द्र सरकार को और ₹19,111 करोड़ का योगदान किया है, साथ ही अपने शुद्ध लाभ का 2% निगम सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों के लिए आबंटित करती है।


हाल ही में, सरकार के स्वच्छ विद्यालय अभियान के सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम साझेदार के रूप में, नालको ने अनुगुळ, कोरापुट और विशाखापत्तनम् जिलों के 202 स्कूलों में 433 शौचालयों का निर्माण करने में लगभग ₹6 करोड़ खर्च किए हैं।


जनसमूह को सम्बोधित करते हुए, श्री चान्द ने कहा कि समाज-कल्याण के लिए नालको एक समानुभूतिक रीति में अपनी निगम सामाजिक उत्तरदायित्व और कल्याण गतिविधियाँ जारी रखेगी। उन्होंने पोट्टांगी बॉक्साइट ब्लॉक को आबंटित करने हेतु राज्य सरकार से किए गए नालको के अनुरोध को दोहराते हुए कहा कि इससे कम्पनी की विकास योजनाओं को प्रवर्धन ही नहीं मिलेगा बल्कि इस आदिवासी क्षेत्र में इसकी सामाजिक वचनबद्धता को भी बल मिलेगा।

 

नालको के नये अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री टी.के. चान्द का उनके गाँव में शानदार स्वागत

Rousing Welcomeभुवनेश्वर, 08/08/2015: श्री तपन कुमार चान्द, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक क नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) का पुरी जिले के गोप ब्लॉक स्थित उनके गाँव कण्टापड़ा में आज भव्य स्वागत किया गया। यह उल्लेखनीय है कि श्री चान्द ने नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक का पदभार सम्भालने के बाद पहली बार अपने पैतृक गाँव का परिदर्शन किया। इस अवसर पर स्थानीय नेताओं द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया।


श्री समीर कुमार दास, स्थानीय विधायक ने, उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता श्री रवि नारायण सामन्तरा, पत्रकार श्री बद्री मिश्र, श्रमिक संघ नेता श्री निमाई महान्ति और अन्य महानुभावों की उपस्थिति में श्री चान्द को उत्तम प्रकार से सम्मानित किया। व्यावसायिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए श्री चान्द की भारी प्रशंसा की गई। इस अवसर पर बोलते हुए, श्री टी.के. चान्द ने बल दिया कि समानुभूतिक निगम सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से राज्य के लोगों के कल्याण और "ब्राण्ड ओड़िशा'" को प्रकल्पित करने के साथ साथ वे नालको की प्रगति को प्राथमिकता देंगे। श्री रवि नारायण सामन्तरा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि श्री बद्री मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

श्री तपन कुमार चान्द ने नालको के पूर्णकालिक अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक का कार्यभार संभाला।

Shri T.K. Chandभुवनेश्वर, 27/07/2015: श्री तपन कुमार चान्द ने आज नवरत्न् सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) के पूर्णकालिक अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक का पदभार संभाल लिया। इसके पूर्व, श्री चान्द राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आर.आई.एन.एल.) के निदेशक (वाणिज्य) थे।


श्री टी॰के॰ चान्द अपने साथ निदेशक-मण्डल में 8 वर्षों सहित खनन एवं धातु क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का गहन अनुभव लेकर आए हैं। उत्कल विश्वविद्यालय से स्वर्णपदक प्राप्त, श्री चान्द ने पश्चिमी यूरोप में इण्टरनेशनल सेण्टर फॉर प्रोमोशन ऑफ इण्टरप्राईजेस (आईसीपीई) और क्वीन्सलैण्ड युनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, आस्ट्रेलिया में प्रगत प्रबन्धन कार्यक्रम में प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने ओ.ई.सी.डी. के पेरिस सम्मेलन में भारतीय इस्पात उद्योग का प्रतिनिधित्व किया। निगम अभिशासन के क्षेत्रों में, वे स्कोप और सार्वजनिक उद्यम विभाग, भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य-निष्पादक निर्णीत हुए थे। उन्होंने केन्द्रीय कोयला, कोल इण्डिया की एक कम्पनी मंि निदेशक और फिर विशाखापत्तनम् इस्पात संयंत्र, भारत सरकार की एक नवरत्नय कम्पनी में निदेशक के रूप में भी सेवा की।


नया कार्यभार सम्भालने पर, श्री चान्द ने सूचित किया कि वे नालको दल को ऊपर उठने और गौरव की महत्तर ऊँचाइयों पर पहुँचने के लिए मार्ग प्रशस्त करने हेतु हर प्रयास करेंगे। मूल्य-आधारित और प्रणाली-संचालित प्रबन्धन के साथ ही, उन्होंने नालको के उत्पादों को अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में लागत प्रतियोगी बनाने, कारोबार को बढ़ाने के लिए विविधीकरण, संस्कृति के रूप में सुरक्षा, कर्मचारियों और आसपास के समुदाय के समानुभूतिक कल्याण के लिए सभी स्तरों पर दृढ़ व्यावसायिक चेतना पर बल दिया।


वर्तमान व्यावसायिक वातावरण पर चर्चा करते हुए, नये अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक महोदय ने सूचित किया कि देशीय और भूमण्डलीय दोनों बाजारों में सुस्ती छाई हुई है और धातु उद्योगों के लिए यह एक कठिन समय है। धातु निर्ताओं को, चाहे लौह हों या अलौह, अपनी उगाही को बढ़ाने के लिए परिमाण अन्तर और मूल्य अन्तर पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है। निवर्तमान बाजार हिमझंझावात से पार निकलने के लिए नया बाजार, ग्राहक आधार का विस्तार, उत्पाद विविधीकरण और ऊच्च श्रेणी के उत्पाद आदि कुछ पहल तत्काल करनी होंगी। अपनी कार्यसूची में, उन्होंने वर्तमान परिसम्पत्तियों के उपयोग और लागत में कमी के साथ, कम्पनी के विस्तार और विविधीकरण को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा है।

 

नालको ने रियो टिंटो अल्कान के साथ अनुसन्धान एवं विकास राजीनामे पर हस्ताक्षर किए

NALCO inks R&D Agreement with Rio Tinto AlcanBhubaneswar: 13/07/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम, ने एल्यूमिनियम पेशिनी (एपी) / रियो टिंटो अल्कान के साथ एक अनुसन्धान एवं विकास सहयोग राजीनामा किया है।


इस राजीनामा नालको के कार्यपालक निदेशक (व्यापार विकास) डॉ॰ बी.के॰ शतपथी और ए.पी. प्रद्रावक प्रौद्योगिकी के निदेशक (बिक्री और विपणन) मि॰ बर्नार्ड अल्लाईज के बीच 10 जुलाई 2015 को हस्ताक्षरित हुआ। इस अवसर पर श्री एन.आर॰ महान्ति, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन), श्री के.सी॰ सामल, निदेशक (वित्त) और नालको के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। इस राजीनामे के अन्तर्गत दोनों कम्पनियों के मध्य सहयोगी प्रयासों में विभिन्न विकासात्मक अनुसन्धान गतिविधियाँ चलाईं जाएँगी।

 

नालको अनुसन्धान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र के कार्यालय का उद्घाटन

Office of Nalco Research and Technology Centre Inauguratedभुवनेश्वर: 06/07/2015:  आज कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री एन.आर॰ महान्ति द्वारा भुवनेश्वर के उपांत इलाके गोठपाटणा में नालको अनुसन्धान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र के कार्यालय भवन का उद्घाटन किया गया। वन महोत्सव चालू रहने के उपलक्ष्य में, श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन), श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) और श्री पी.के॰ महान्ति, आई॰ए॰एस॰, मुख्य सतर्कता अधिकारी के साथ श्री महान्ति ने इस भवन के परिसर में वृक्षारोपण किया।




 

नालको ने जी.ए.सी.एल. के साथ राजीनामे पर हस्ताक्षर किए

NALCO Signs JV Agreement with GACLभुवनेश्वर: 24/06/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार, के अधीन एक नवरत्नल सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, ने गुजरात अल्कालिज एण्ड केमिकल्स लिमिटेड (जी.ए.सी.एल.), एक गुजरात सरकार प्रोन्नत कम्पनी, के साथ नालको की आधारभूमि एकीकरण की एक पहल के रूप में दहेज, गुजरात में एक एकीकृत कॉस्टिक सोड़ा संयंत्र और ग्रहीत विद्युत संयंत्र की स्थापना के लिए एक संयुक्त उद्यम-सह-शेयरधारक राजीनामे पर हस्ताक्षर किए हैं।


यह संयुक्त उद्यम-सह-शेयरधारक राजीनामा 23 जून 2015 को नालको निगम कार्यालय में, श्री एन.आर॰ महान्ति, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको और श्री ए.एम॰ तिवारी, आई॰ए॰एस॰, प्रबन्ध-निदेशक, जी.ए.सी.एल..द्वारा हस्ताक्षित हुआ। इस अवसर पर श्री पी.के॰ महान्ति, आई॰ए॰एस॰, मुख्य सतर्कता अधिकारी, श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन), श्री के.सी॰ सामल, निदेशक (वित्त), सुश्री सोमा मण्डल, निदेशक (वाणिज्य), श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) और नालको तथा जी.ए.सी.एल. के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। यह उल्लेखनीय है कि कॉस्टिक सोड़ा संयंत्र की क्षमता 2.7 लाख टन प्रति वर्ष और ग्रहीत विद्युत संयंत्र की क्षमता 100 मेगावाट की होगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1789 करोड़ है। इस परियोजना में नालको 40% इक्विटी और शेष इक्विटी जी.ए.सी.एल. धारण करेगी।

 

नालको को शुद्ध लाभ 106% बढ़कर ₹1322 करोड़ हुआ

NALCOभुवनेश्वर, 01/06/2015: नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अन्तर्गत एक नवरत्न. कम्पनी, ने 2014-15 वित्त वर्ष के लिए अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। नई दिल्ली में 30 मई को हुई कम्पनी के निदेशक-मण्डल की बैठक में रिकार्ड में लिए गए वर्ष के अंकेक्षित वित्तीय परिणामों के अनुसार, नालको ने वर्ष के दौरान ₹1322 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष में उपलब्ध ₹642 करोड़ की राशि की तुलना में 106% अधिक है। कम्पनी का निर्यात कारोबार वित्त वर्ष के लिए ₹3307 करोड़ का हुआ है। निदेशक-मंडल ने प्रति ₹5 के इक्विटी शेयर के 10% (₹0.50) की दर से अन्तिम लाभांश की भी सिफारिश की है, जो ₹182.86 करोड़ की राशि का होता है। इसके पूर्व नालको ने वित्त वर्ष 2014-15 के लिए ₹1288.62 करोड़ की प्रदत्त इक्विटी शेयर पूँजी पर 25% अर्थात् ₹5 प्रत्येक के शेयर पर ₹1.25 की दर से ₹322.16 करोड़ की राशि का अन्तरिम लाभांश घोषित किया था।


वर्ष के दौरान, कम्पनी ने ₹7771 करोड़ का अबतक का सर्वोच्च सकल कारोबार उपलब्ध किया, जबकि पिछले वर्ष ₹7024 करोड़ का कारोबार तथा वित्त वर्ष 12-13 में ₹7247 करोड़ का पिछले श्रेष्ठ कारोबार हुआ था।


उत्पादन के बारे में, कम्पनी के एल्यूमिनियम प्रद्रावक से 3.27 लाख मे॰ट॰ ढली धातु उत्पादन हुआ, जबकि पिछले वर्ष 3.16 लाख मे॰ट॰ का उत्पादन हुआ था तथा 18.51 लाख मे॰ट॰ एल्यूमिना हाईड्रेट उत्पादन हुआ जबकि पिछले वर्ष 19.25 लाख मे॰ट॰ का उत्पादन हुआ था। कम्पनी के ग्रहीत विद्युत संयंत्र से 5,131 मिलियन एकक का शुद्ध विद्युत सृजन हुआ, जबकि पिछले वित्तवर्ष में 4,989 मिलियन एकक उपलब्ध हुआ था। साथ ही, नालको ने गण्डीकोटा, आन्ध्र प्रदेश में 50.4 मेगावाट का और जैसलमेर, राजस्थान में 47.6 मेगावाट का पवन विद्युत संयंत्र प्रचालन द्वारा 175 मि॰यू॰ पवन ऊर्जा का सृजन किया। वर्ष के दौरान कम्पनी ने निगम कार्यालय में और नालको टाउनशिप भुवनेश्वर में 260 किलोवाट पावर पिक क्षमता के छत-पर सौर विद्युत प्रणाली चालू की। वर्ष के दौरान 167 किलो एकक सौर ऊर्जा का सृजन हुआ।


क्षमता विस्तार के बारे में, पोट्टांगी खान भण्डार पर आधारित, ₹5540 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से दामनजोड़ी, कोरापुट में 1 मिलियन टन क्षमता के एल्यूमिना परिशोधक की स्थापना के लिए निवेश निर्णय लिया गया। सहायक और अनुप्रवाह उद्योगों को सहारा देने की दृष्टि से, नालको ने ‘अनुगुळ एल्यूमिनियम पार्क’ को 50,000 मे॰ट॰ एल्यूमिनियम धातु की आपूर्ति करने की वचनबद्धता की है, जो नालको और इण्डस्ट्रिय डेवलपमेंट कोर्पोरेशन ऑफ ओड़िशा के संयुक्त उद्यम के रूप में गठित हुआ है। कम्पनी ₹660 करोड़ के अनुमानित निवेश से किसी अनुकूल स्थान पर एक 100 मेगावाट पवन विद्युत संयंत्र स्थापित करने के अग्रिम चरण में है।

 

श्री एन॰आर॰ महान्ति को नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया

Shri N.R. Mohantyभुवनेश्वर, 01/05/2015: नवरत्न् कें.सा.क्षे.उ., नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) के निदेशक (परियोजनाएँ एवं तकनीकी) श्री एन॰आर॰ महान्ति को श्री अंशुमान दास की सेवा-निवृत्ति के पश्चात् 1 मई, 2015 से कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।


श्री महान्ति ने एन.आई.टी. राउरकेला से 1980 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.एससी. इंजी. (आनर्स) की स्नातक डिग्री हासिल की थी और सम्बलपुर विश्वविद्यालय के श्रेष्ठ स्नातक के रूप में पुरस्कृत हुए थे। श्री महान्ति ने अपनी आजीविका की शुरूआत लार्सेन एंड टुब्रो से की थी और 1986 में नालको में योग करने से पूर्व बालको में कार्यरत थे। श्री महान्ति का एल्यूमिनियम उद्योग में 33 वर्षों से अधिक का गहन और वैविध्यपूर्ण अनुभव है। श्री महान्ति ने कम्पनी के प्रद्रावक संयंत्र और निगम कार्यालय में विविध क्षमताओं में कार्य किया है। उन्होंने कम्पनी की संकल्पना और ध्येय योजना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही, विभिन्न विकासोन्मुखी हरित-क्षेत्र परियोजनाओं तथा धूसरक्षेत्र परियोजनाओं की पहल की है और गण्डीकोटा, आन्ध्र प्रदेश और जैसलमेर, राजस्थान में पवन ऊर्जा परियोजनाएँ चालू करने के साथ नालको को "हरित ऊर्जा" में आगे बढ़ाने हेतु सफलतापूर्वक संचालन किया है।


वे इण्डियन इन्स्टीच्यूट ऑफा मेटल्स के आजीवन सदस्य, इन्स्टीच्यूट ऑफ इंजीनियर्स के सदस्य हैं और अपने पेशेवर कार्यकाल भर में अनेक पुरस्कार एवं मान्यताओं से सम्मानित हुए हैं।

 

भुवनेश्वर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम) की बैठक

TOLIC Meeting at Nalcoभुवनेश्वर: 29/04/2015:  भुवनेश्वर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम) की तीसरी छमाही बैठक आज नालको के निगम कार्यालय के पर्षद सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास जी ने की तथा नालको निदेशक (मा.सं.) श्री श्यामा चरण पाढ़ी, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) निहार रंजन महान्ति, कार्यपालक निदेशक (मा. व प्र.) श्री अशोक कुमार साहु तथा बी.एस.एन.एल. के महाप्रबन्धक (प्रशासन) श्री अभिन्न कुमार पहि, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के निदेशक श्री शरद कुमार, ओरियण्टल इन्स्युरेन्स लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबन्धक श्री आलोक श्रीवास्तव, होटल कलिंग अशोक के महाप्रबन्धक श्री सामन्त कुमार ने सम्मानित अतिथि के रूप में योग दिया। इस बैठक में भुवनेश्वर स्थित केन्द्रीय सरकारी उपक्रमों एवं निगमों के 33 प्रतिनिधियों ने योग दिया।


बैठक में कार्यालय में राजभाषा हिन्दी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए समिति के स्तर पर साझा कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। सदस्यों के विचार-विमर्श के पश्चात समिति के अध्यक्ष श्री दास ने अपने आशीर्वचन में कहा कि हिन्दी का प्रयोग केवल राष्ट्रीय एकता तथा सांविधिक नियमों के अनुपालन के लिए ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति एवं सुशासन के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि अधिकाधिक काम हिन्दी में करें। समिति के उपाध्यक्ष श्री पाढ़ी जी ने न.रा.का.स. (उ.) के स्तर पर एक हिन्दी ई-पत्रिका प्रकाशित करने के लिए सुझाव दिया। अन्य कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने राजभाषा के प्रयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न सुझाव दिए।


अध्यक्ष महोदय ने नालको के प्रबन्धक (राजभाषा) श्री हरिराम पंसारी को भारत सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के भारतीय भाषा प्रौद्योगिकी प्रसरण एवं विस्तारण केन्द्र के परियोजना समीक्षा एवं संचालन दल का सदस्य मनोनीत किए जाने पर शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।


बैठक का संचालन सहायक महाप्रबन्धक (राजभाषा) तथा समिति के सदस्य-सचिव श्री सुदर्शन तराई जी ने किया ।


बैठक के पहले नालको के प्रबन्धक (राजभाषा) श्री हरिराम पंसारी ने कम्प्यूटर एंव मोबाईल फोन पर हिन्दी में काम करने के लिए उपलब्ध नवीनतम तकनीकी सुविधाओं की जानकारी प्रदान करते हुए एक विस्तृत प्रेजेण्टेशन प्रस्तुत किया।

 

नालको द्वारा 20वाँ अखिल ओड़िशा गुणवत्ता मंडल सम्मेलन का समारोप

20th All Odisha QC Convention by NALCO Concludesभुवनेश्वर: 24/04/2015:  नालको द्वारा 22 एवं 23 अप्रैल को नालको नगर, भुवनेश्वर में आयोजित 20वें अखिल ओड़िशा गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन का समारोप समारोह सम्पन्न हुआ। 1996 से नालको द्वारा इस गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।


समारोप दिवस को, श्री अंशुमान दास, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक ने मुख्य अतिथि के रूप में पधारकर विजेता दलों को पुरस्कार प्रदान किए। अपने प्रेरणादायक सम्भाषण में, उन्होंने सभी प्रतिभागी दलों को सलाह दी कि राज्य में गुणवत्ता अभियान को और ऊँचाईयों पर ले जाएँ और ज्ञान के प्रसार के लिए सभी सुधार परियोजनाओं का एक अभिज्ञान बैंक निर्मित करें। प्रो॰ (डॉ॰) सदानन्द साहु, प्रोफेसर, आई॰आई॰टी॰, भुवनेश्वर ने मुख्य भाषण दिया और राज्य में सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबन्ध अभियान को प्रोत्साहित करके नवीकरण की संस्कृति को फैलाने में नालको के प्रयासों की सराहना की।


नालको ट्रॉफी और स्वर्ण फलक एन.टी.पी.सी. टी.एस.टी.पी.एस.-कणिहा के ‘केमस्पिरिट’ गुणवत्ता मण्डल ने जीता जबकि ओसीएल-इण्डिया का ‘संकल्प’ गुणवत्ता मण्डल उप-विजेता बना और रजत फलक जीता। सम्पूर्ण उत्पादक अनुरक्षण मण्डलों में हुई प्रतियोगिता में, टाटा स्टील, जोड़ा का "ईएम-अनब्राको" विजेता घोषित हुआ और स्वर्ण फलक जीता, जबकि बालेश्वर एलोय्ज, बालगोपालपुर का "यूरेका" उप-विजेता हुआ और रजत फलक जीता। टाटा स्पंज आयरन के सम्पूर्ण उत्पादक अनुरक्षण मण्डल "सम्भव", नालको के गुणवत्ता मण्डल "सीनर्जी", राउरकेला इस्पात संयंत्र के "संजीवनी" और हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के "क्यूसी-01" सराहनीय कार्य-निष्पादन के लिए पुरस्कृत किया गया। श्रेष्ठ विश्लेषण, श्रेष्ठ प्रक्रिया ध्यान-केन्द्रण, श्रेष्ठ प्रभावकारिता एवं परिणाम, श्रेष्ठ सीखने का अनुभव और श्रेष्ठ दलीय उपस्थापन के लिए क्रमशः एन.टी.पी.सी.-टी.टी.पी.एस., तालचेर, नालको ग्र.वि.सं. के 'सारथी', सेसा स्टर्लाईट के ‘एवेन्जर्स’, टी.आर.एल. क्रोसाकी रिफ्रेक्टरिज के 'फ्लोरेन्स नाइटिंगल' और एन.टी.पी.सी.-टी.एस.टी.पी.एस., कणिहा के "लक्ष्मी" गुणवत्ता मण्डलों ने विशेष पुरस्कार जीते।


इसके पूर्व, 22 अप्रैल को श्री एन.आर. महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), नालको ने सम्मेलन का उद्घाटन किया था। कुल मिलाकर, इस सम्मेलन में 16 संगठनों के 26 गुणवत्ता मण्डलों और 5 सम्पूर्ण उत्पादक अनुरक्षण मण्डलों ने भाग लिया और अपने मामला अध्ययन उपस्थापित किए। इस अवसर पर श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन), श्री के॰सी॰ सामल, निदेशक(वित्त), सुश्री सोमा मण्डल, निदेशक (वाणिज्य), श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक(उत्पादन) और श्री एस॰के॰ रॉय, कार्यपालक निदेशक(उत्पादन) भी सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे।


समापन समारोह में, श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन), सुश्री सोमा मण्डल, निदेशक (वाणिज्य), श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) ने भी विजेताओं का अभिनन्दन किया।

 

डॉ॰ अम्बेडकर की 124वीं जयन्ती मनाई गई

124th Birth Anniversary of Dr. Ambedkar celebratedभुवनेश्वर: 15/04/2015:  नालको निगम अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ, भुवनेश्वर ने 14 अप्रेल को नालकोनगर, भुवनेश्वर में डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर की 124वीं जयन्ती मनाई। इस अवसर के उपलक्ष्य में, महानदी निवास सभागार, नालकोनगर में एक समारोह आयोजित किया गया। जबकि श्री अंशुमान दास, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने मुख्य अतिथि के रूप समारोह की शोभा बढ़ाई, श्री अलेख चन्द्र मल्लिक, पूर्व निदेशक(वाणिज्य), ग्रिडको मुख्य वक्ता के रूप में पधारे। श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन) इस समारोह में सम्मानित अतिथि थे।


आरम्भ में, नालको नगर, भुवनेश्वर के बच्चों के द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। श्री य़तीन्द्र नाइक, संघ के महासचिव ने स्वागत भाषण दिया और अतिथियों का परिचय प्रदान किया। मुख्य अतिथि श्री अंशुमान दास ने बाबा साहेब द्वारा भारत के संविधान के निर्माण के लिए तथा समाज में सभी लोगों के लिए समान पदवी हेतु किए महान कार्यों पर प्रकाश डाला। इस संध्या के मुख्य वक्ता श्री ए॰सी॰ मल्लिक ने डॉ॰ अम्बेडकर द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए किए गए कुछ अनदेखे और अप्रकाशित तथ्यों को उजागर किया। सम्मानित अतिथि श्री एस॰सी॰ पाढ़ी ने बाबा साहेब द्वारा तत्कालीन समाज के दलित और अछूत वर्ग के लिए किए गए महत् कार्यों पर बल दिया। अन्त में, संघ के अध्यक्ष श्री एस॰के॰ सेठी ने डॉ॰ अम्बेडकर के जीवन और भारत के दलितों के लिए किए गए विशेष कार्यों पर प्रकाश डाला। श्री भवानी शंकर दास, संघ के सदस्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संघ की कार्यकारिणी समिति की सदस्या श्रीमती नीलिमा कोंगारी द्वारा समारोह का संचालन किया गया।

 

वार्षिक कार्य-निष्पादन: 2014-15 नालको ने अबतक का सर्वोच्च कारोबार उपलब्ध किया।

भुवनेश्वर: 02/04/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लि॰. (नालको), भारत सरकार, खान मंत्रालय के अन्तर्गत एक नवरत्नि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम ने वर्ष 2013-14 के लिए भौतिक और वित्तीय कार्य-निष्पादन के सन्दर्भ में एक और अच्छा वर्ष 2014-15 पूरा किया है। वर्ष के दौरान, कम्पनी ने ₹7774 करोड़ (अन्तरिम) का अबतक का सर्वोच्च सकल कारोबार उपलब्ध किया, जबकि पिछले वर्ष ₹7024 करोड़ का कारोबार तथा पिछले श्रेष्ठ वित्त वर्ष 12-13 में ₹7247 करोड़ का उपलब्ध हुआ था। 2014-15 में निर्यात आय ₹3307 करोड़ की हुई, जबकि पिछले वर्ष यह ₹3719 करोड़ की हुई थी।


साथ ही, नालको ने गण्डीकोटा, आन्ध्र प्रदेश में 50.4 मेगावाट का और जैसलमेर, राजस्थान में 47.6 मेगावाट का पवन विद्युत संयंत्र प्रचालन द्वारा 181 मि॰यू॰ पवन ऊर्जा का सृजन किया। वर्ष के दौरान कम्पनी ने निगम कार्यालय में और नालको टाउनशिप भुवनेश्वर में 260 किलोवाट पावर पिक क्षमता के छत-पर सौर विद्युत प्रणाली चालू की। 167 किलो एकक सौर ऊर्जा का वर्ष के दौरान सृजन हुआ।

 

नालको ने उच्चतर उत्पादन और बिक्री के लिए मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

NALCO inks MoU with Ministry for Higher Production & Financial Targetsभुवनेश्वर: 02/04/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने वित्तवर्ष 2015-16 के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय लक्ष्यों के बारे में खान मंत्रालय, भारत सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञापन श्री आर॰ श्रीधरन्, आई॰ए॰एस॰, अपर सचिव, और मंत्रालय तथा नालको के अन्य अधिकारीगण की उपस्थिति में सचिव, खान मंत्रालय डॉ॰ अनूप कुमार पुजारी, आई॰ए॰एस॰, और नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास के मध्य 31 मार्च 2015 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित हुआ। समझौता ज्ञापन के अनुसार ₹8,488 करोड़ के शुद्ध प्रचालन बिक्री कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भौतिक कार्य-निष्पादन के सम्बन्ध में, नालको ने 68.25 लाख टन बॉक्साइट, 21.80 लाख टन एल्यूमिना, 3.80 लाख टन एल्यूमिनियम और 6009 मिलियन एकक विद्युत सृजन का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य रखा है।


नई पहल के बारे में, प्रमुख मील के पत्थर होंगे - लगभग 15 मेगावाट की सौर विद्युत परियोजना की स्थापना और सस्ती विद्युत पर आधारित विदेश में प्रद्रावक संयंत्र का अन्वेषण। और आगे, नालको ने अपने परिशोधक और प्रद्रावक संयंत्र में विद्युत ऊर्जा खपत में कमी लाने पर बल दिया है और तदनुसार लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


कम्पनी ने सूचना प्रौद्योगिकी आनुषंगिक सुविधाओं के लिए आई.एस.ओ. 27001 प्रमाणपत्रण अपनाने का लक्ष्य रखा है। अपनी निगम सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधि के भाग रूप में, नालको ने “स्वच्छ विद्यालय अभियान” के अन्तर्गत अनुगुळ और दामनजोड़ी क्षेत्र के परिधीय गाँवों के स्कूलों में शौचालयों का निर्माण कराने के लिए वचनबद्धता की है।

 

नालको में उत्कल दिवस मनाया गया

UTKAL DIVAS CELEBRATED AT NALCOभुवनेश्वर: 02/04/2015:  नेशनल एल्यूमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने नालकोनगर, भुवनेश्वर, में कल हर्षोल्लास और क्षेत्रीय जोश के साथ उत्कल दिवस मनाया। समारोह के उपलक्ष्य में, कम्पनी ने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें विशेष उत्साह प्रतिबिम्बित हो रहा था।


इस अवसर पर नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास ने, प्रसिद्ध ओड़िआ लेखक डॉ॰ वैष्णव चरण सामल को उनके ओड़िआ साहित्य के प्रति योगदान के लिए सम्मानित किया। साथ ही एक परम्परा के रूप में, यह कम्पनी हर वर्ष उत्कल दिवस के अवसर पर ओड़िशा के उदीयमान खिलाड़ियों को अभिनन्दित करती आई है। इस वर्ष इस कम्पनी ने हॉकी खिलाड़ी और भारतीय महिला’ हॉकी दल की सदस्या सुश्री लिलिमा मिंज और एथलेट सुश्री पूर्णिमा हेम्ब्रम को यादगार और प्रत्येक को ₹20,000/ के नकद पुरस्कार से अभिनन्दन किया। जबकि श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन) आरम्भ में अतिथियों का स्वागत किया, श्री अशोक कुमार साहु, कार्यपालक निदेशक (मा॰ व प्र॰) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह समाप्त हुआ। इस अवसर पर श्री एन॰आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), श्री के॰सी॰ सामल, निदेशक (वित्त), सुश्री सोमा, मण्डल, निदेशक (वाणिज्य), श्री व्ही॰ बालसुब्रमण्यम्, निदेशक (उत्पादन) और श्री पी॰के॰ महान्ति, आई॰ए॰एस॰, मुख्य सतर्कता अधिकारी उल्लेखनीय रूप से उपस्थित थे। अन्त में, भरपूर सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मन्त्रमुग्ध कर दिया।