प्रेस संक्षिप्तियाँ
नालको ने 15वाँ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया
भुवनेश्वर, 10/05/2013: प्रन्द्रहवें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर, नालको ने अपने निगम कार्यालय में "टेस्ट रेंज प्रोद्योगिकी" पर एक व्याख्यान आयोजित किया। मुख्य वक्ता के रूप में, श्री एम॰व्ही॰ भास्कराचारी, सहयोगी निदेशक, एकीकृत टेस्ट रेंज (आई॰टी॰आर॰), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, चाँदीपुर, ने भारत द्वारा अभी तक सफलतापूर्वक परीक्षणात्मक रूप से प्रेक्षिेपित किए गए विभिन्न प्रक्षेपास्त्रों पर दृश्य-श्रव्य प्रेजेण्टेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी और इस प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला।
श्री अंशुमान दास, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको ने समारोह की अध्यक्षता की और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का महत्व प्रतिपादित करते हुए अनुसन्धान एवं विकास.की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमारे कार्य-निष्पादन को उन्नत करने के लिए सहयोगपूर्ण अनुसन्धान एवं विकास की जरूरत है।
इस अवसर पर, श्री एन॰आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), नालको, ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित करने का अवसर है। उन्होंने आगे जोर दिया कि यह हमारे कौशल को नवीकरण और आविष्कार के माध्यम से तीक्ष्ण करने का समय है। आरम्भ में, कम्पनी के निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) श्री एस॰के॰ दाश ने श्री एम॰व्ही॰ भास्कराचारी का परिचय प्रदान किया।
नालको कर्मचारियों के साथ, विभिन्न संगठनों के प्रसिद्ध वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और अभियन्तागण भी समारोह में उपस्थित थे। इस अवसर पर, नालको ने अपने तीन अधिकारियों - डॉ॰ बी॰के॰ शतपथी, महाप्रबन्धक (अनुसन्धान एवं विकास), निगम कार्यालय, श्री एस॰के॰ पटनायक, उप-महाप्रबन्धक(ई एवं एस), ग्र॰वि॰सं॰ और डॉ॰ एस॰सी॰ पटनायक, वरि॰ प्रबन्धक (प्रयोगशाला), ग्र॰वि॰सं॰ को रु.10,000 प्रत्येक तथा गुणता प्रमाणपत्र प्रदान करके सम्मानित किया, जो कम्पनी को वर्ष 2012-13 के दौरान प्रदान किए "अल्ट्रा फाइन, लो बल्क डेन्सिटी एल्युमिना ट्राई-हाईड्रेट बनाने के लिए प्रक्रिया" शीर्षक पेटेण्ट के साथ जुड़े रहे थे।
नालको द्वारा अखिल ओड़िशा गुणवत्ता मंडल सम्मेलन
भुवनेश्वर, 26/04/2013: नालको द्वारा 24 एवं 25 अप्रैल को नालको नगर, भुवनेश्वर में 18वाँ अखिल ओड़िशा गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन आयोजित किया गया। ओड़िशा में गुणवत्ता मण्डल अभियान को फैलाने के उद्देश्य से तथा राज्य में प्रचालित श्रेष्ठ गुणवत्ता मण्डलों तथा सम्पूर्ण उत्पादन प्रबन्ध मण्डलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिता हेतु एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से नालको द्वारा 1996 से इस गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष, इस सम्मेलन में 32 दलों से भाग लिया, जिसमें ओड़िशा के विभिन्न उद्योगों से 25 गुणवत्ता मण्डलों और 7 सम्पूर्ण उत्पादन प्रबन्ध मण्डलों ने भाग लिया और प्रेजेण्टेशनों के माध्यम से अपने मामला अध्ययन पेश किये।
कार्यक्रम का उद्घाटन नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास द्वारा सम्पन्न हुआ। श्री एस॰एस॰ महापात्र, निदेशक (उत्पादन), श्री एस॰सी॰पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन) और श्री पी॰के॰ पटनायक, महाप्रबन्धक(सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबन्ध) भी इस अवसर पर उपस्थित थे। अपने उद्घाटन भाषण में श्री दास ने कहा : “एक सौ शुभकामनाएँ एक अच्छे कार्य की बराबरी नहीं कर सकती। हरेक मानव सकारात्मक प्रवृत्ति, प्रेरणा, गुणात्मक विचार का स्रोत होता है, बशर्ते कि वह एक सकारात्मक वातावरण में विकसित हुआ हो। गुणवत्ता की चेतना हमारे अन्दर और हमारे चारों ओर खिलती रहे।”
समापन दिवस को, श्री एस॰एस॰ महान्ति, पूर्व कार्यपालक निदेशक (मा॰ व प्र॰), राउरकेला इस्पात संयंत्र ने मुख्य अतिथि के रूप में पधारकर विजेता दलों को पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर, टाटा मोटर्स के पूर्व महाप्रबन्धक श्री चन्द्रेश्वर खान और नालको के पूर्व कार्यपालक निदेशक(उत्पादन) श्री विजय दाश ने भी प्रतिभागियों को सम्बोधित किया।
नालको ट्रॉफी और स्वर्ण फलक राउरकेला इस्पात संयंत्र के 'क्रिएटिव' गुणवत्ता मण्डल ने जीता जबकि नालको के प्रद्रावक संयंत्र का गुणवत्ता मण्डल 'पोटेन्शियल' ने उप-विजेता होकर रजत फलक जीता। सम्पूर्ण उत्पादन प्रबन्ध मण्डलों में, टाटा स्टील, जोड़ा खान का `विद्युत संयंत्र’विजेता हुआ और स्वर्ण फलक जीता, जबकि टाटा स्पञ्ज आयरन, जोड़ा खान का `जेएच मण्डल-23’ उप-विजेता हुआ और रजत फलक जीता। ओ॰सी॰एल॰ इण्डिया, रिफ्रैक्टरी प्रभाग, राजगंगपुर के 'तेजस', हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, इंजन मण्डल, सुनाबेड़ा के 'क्यू॰सी॰-6' गुणवत्ता मण्डलों ने सराहनीय कार्य-निष्पादन के पुरस्कार जीते। ‘श्रेष्ठ विश्लेषण’, ‘श्रेष्ठ प्रक्रिया संकेन्द्रण’, ‘श्रेष्ठ प्रभावकारिता व परिणाम’, ‘श्रेष्ठ सीख अनुभूति’ और ‘श्रेष्ठ दलीय उपस्थापन' के विशेष पुरस्कार क्रमशः कपिलास सीमेण्ट वर्क्स, टांगी के 'थर्ड आई', टाटा स्टील, सुकिन्दा के 'गौरव', एन॰टी॰पी॰सी॰, कणिहा के 'स्टार', नालको, एल्युमिना परिशोधक के 'प्रगति' और वेदान्त एल्युमिनियम लि॰, झारसुगुड़ा के 'डायनामोस' ने जीते।
नालको द्वारा 15% अन्तरिम लाभांश भुगतान
भुवनेश्वर, 25/04/2013: नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्नय सार्वजनिक उद्यम, ने वित्त वर्ष 2012-13 के लिये रु॰.193.29 करोड़ की राशि के अन्तरिम लाभांश घोषित किए हैं, जिसमें रु॰.156.68 करोड़ का भारत सरकार का अंश शामिल है।
नई दिल्ली में आज श्री आर॰एच॰ ख्वाजा, आई॰ए॰एस॰, सचिव, सुश्री गौरी कुमार, आई॰ए॰एस॰, विशेष सचिव, श्री अरुण कुमार, आई॰ए॰एस॰, संयुक्त सचिव और मंत्रालय तथा नालको के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण की उपस्थिति में नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास द्वारा केन्द्रीय खान मंत्री, भारत सरकार, श्री दिनशा जे॰ पटेल को अन्तरिम लाभांश का चैक प्रदान किया गया। यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में बिक्री के प्रस्ताव द्वारा हुए शेयरों के विनिवेश के बाद भारत सरकार के पास नालको के 81.06% शेयर हैं। शेष शेयर बैंकों, वित्तीय संस्थानों और व्यक्तिगत शेयरधारकों सहित 66,000 से अधिक शेयरधारकों के पास हैं।
आरम्भ से अबतक, नालको लाभांश के रूप में रु॰4390.31 करोड़ का भुगतान कर चुकी है, जिसमें भारत सरकार के अंश के रु॰3816.30 करोड़ शामिल हैं।
नालको ने अबतक का सर्वोच्च कारोबार एवं विदेशी मुद्रा अर्जन उपलब्ध किया।
भुवनेश्वर, 02/04/2013: नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लि॰. (नालको), भारत सरकार, खान मंत्रालय के अन्तर्गत एक नवरत्नत सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम ने 2012-13 वर्ष के लिए बिक्री कारोबार और विदेशी मुद्रा अर्जन के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम दर्शाए हैं। वर्ष के दौरान, कम्पनी ने रु॰.7200 करोड़ से अधिक का रिकार्ड बिक्री कारोबार और रु॰.3400 करोड़.का विदेशी मुद्रा अर्जन उपलब्ध किया। साथ ही, भौतिक कार्य-निष्पादन के क्षेत्र में भी, नालको ने इस वित्तवर्ष के लिए बॉक्साइट और एल्युमिना उत्पादन में उत्कृष्ट परिणाम दर्ज किए हैं। खनन पट्टा के नवीकरण में देरी के बावजूद, इस कम्पनी ने पिछले वित्तवर्ष में उपलब्ध 50.03 लाख टन के पिछले श्रेष्ठ रिकार्ड के विरुद्ध, इस वर्ष 54.19 लाख टन का अबतक का सर्वोच्च बॉक्साइट उत्पादन उपलब्ध किया। इसी समय, नालको के एल्युमिना परिशोधक ने 2011-12 में उपलब्ध 16.87 लाख टन के विरुद्ध, इस वर्ष 18.02 लाख टन का एल्युमिना हाईड्रेट उत्पादन किया, जो अबतक का सर्वोच्च है। लेकिन, वर्ष के दौरान, प्रद्रावक के कुछ पॉट शेल्स को सुयोजित रूप से बन्द करने के कारण कम्पनी का धातु उत्पादन 4.13 लाख टन से सीमान्त रूप से घटकर 4.03 लाख टन हुआ।
नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास के अनुसार, कोयले की कमी के साथ साथ लन्दन धातु बाजार में धातु के गिरते मूल्य के कारण कम्पनी अपने धातु उत्पादन में कुछ परिमाण में कटौती करने को मजबूर हुई। “मंहगे आयातित कोयले का उपयोग करके अधिक धातु का उत्पादन करना व्यावसायिक दृष्टि से व्यवहार्य नहीं था,” श्री दास ने कहा। कम्पनी के ग्रहीत विद्युत संयंत्र से 6,076 मिलियन एकक.का शुद्ध विद्युत सृजन हुआ।
इसके अतिरिक्त, वर्ष के दौरान, कम्पनी ने 2011-12 में हुई 842,396 टन की तुलना में, 98,399 टन एल्युमिना हाईड्रेट की बिक्री उपलब्ध की। कम्पनी के द्वारा एल्युमिनियम निर्यात पिछले वित्त वर्ष में उपलब्ध 98,399 टन से बढ़कर 144,161 टन का हुआ।
नालको ने खिलाड़ियों का अभिनन्दन किया।
भुवनेश्वर, 02/04/2013: नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) द्वारा नालकोनगर में आयोजित उत्कल दिवस समारोह के उपलक्ष्य में ओड़िशा के शतरंज खिलाड़ी देवाशीष दास और महिला क्रिकेट खिलाड़ी रोशनारा परवीन का अभिनन्दन किया। देवाशीष ने विश्व युवा शतरंज चैम्पियनशिप और एशियन युवा शतरंज चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीते हैं, जबकि रोशनारा ने हाल ही में आयोजित महिला विश्व कप क्रिकेट में भारत के लिए खेला।
श्री बजरंग लाल बागड़ा, निदेशक (वित्त), श्री एस॰एस॰. महापात्र, निदेशक (उत्पादन), श्री एन॰आर॰. महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), श्री एस॰सी॰पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन), श्री पी॰सी॰. पाणिग्राही, कार्यपालक निदेशक (मा॰ एवं प्र॰) और श्री पी॰सी॰. सेठी, विधायकऔर पूर्व नालकोनियन की उपस्थिति में, नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास ने प्रत्येक दोनों खिलाड़ियों को एक यादगार और रु॰.10,000 का चैक प्रदान करके अभिनन्दित किया। यह कम्पनी हर वर्ष उत्कल दिवस के अवसर पर ओड़िशा के उदीयमान खिलाड़ियों को अभिनन्दित करती आई है।
नालको ने उच्चतर उत्पादन और बिक्री के लिए मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
भुवनेश्वर, 25/03/2013: नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने खान मंत्रालय, भारत सरकार के साथ वित्त वर्ष. 2013-14 के लिये भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों के बारे में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। नई दिल्ली में आज सुश्री गौरी कुमार, आई॰ए॰एस॰, विशेष सचिव की उपस्थिति में श्री आर॰.एच॰ ख्वाजा, आई॰ए॰एस॰, सचिव, खान मंत्रालय और श्री अंशुमान दास, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, के बीच हस्ताक्षरित समझौता-ज्ञापन के अनुसार रु॰.7757 करोड़ के बिक्री कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो चालू वित्त-वर्ष.से लगभग 10% ऊँचा है।
भौतिक कार्य-निष्पादन के सम्बन्ध में, नालको को 64.50 लाख टन बॉक्साइट, 21.5 लाख टन एल्युमिना, 4.05 लाख टन एल्युमिनियम और 6341 मिलियन एकक विद्युत सृजन का .वार्षिक उत्पादन लक्ष्य दिया गया है।
नई परियोजनाओँ में, प्रस्तावित मील के पत्थर होंगे गुजरात में नया एल्युमिना परिशोधक; पोटांगी बॉक्साइट भण्डार पर आधारित निवर्तमान एल्युमिना परिशोधक में 10 लाख टन की एक नई धारा जोड़ना; दामनजोड़ी में नालको की तृतीय पवन विद्युत परियोजना और देश में किसी अनुकूल अवस्थिति में सौर विद्युत परियोजना। साथ ही, कम्पनी ने अनुगुळ में चालू उत्कल-ई कोयला खान परियोजना और दामनजोड़ी में एल्युमिना परिशोधक की चौथी धारा का उन्नयन का लक्ष्य भी रखा है।
अपनी निगम सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधि के भाग के रूप में नालको दामनजोड़ी में.खान और परिशोधन संकुल के परिधीय गाँवों के 250 आदिवासी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना जारी रखेगी।
नालको ने स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया
भुवनेश्वर, 24/03/2013: नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) ने कल खुर्दा जिले के डालुआ में एक निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच और औषधि वितरण शिविर आयोजित किया। यह शिविर दळुआ आश्रम स्कूल के परिसर में आयोजित किया गया जिसमें आसपास के गाँवों से 217 रोगियों ने लाभ उठाया।
नालको के मेडिकल एवं पैरा-मेडिकल दल का नेतृत्व डॉ॰ एल॰शतपथी, डॉ॰ जे॰ पण्डा और डॉ॰ ए॰के॰. छोटराय ने संभाला।
नालको विद्युत संयंत्र को ऊर्जा प्रबन्धन प्रमाणपत्र मिला
भुवनेश्वर, 21/02/2013: नवरत्नक सार्वजनिक उद्यम नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) का ग्रहीत विद्युत संयंत्र ऊर्जा प्रबन्धन प्रणाली के अन्तर्गत प्रमाणित होनेवाला पहला केन्द्रीय सार्वजनिक उद्यम बन गया है। ओड़िशा के अनुगुळ स्थित कम्पनी के एल्युमिनियम प्रद्रावक के निकट अवस्थित, यह 1200 मेगावाट क्षमता का ताप विद्युत संयंत्र मेसर्स डेट नॉर्स्क वेरिटास (डीएनवी) द्वारा आई.एस.ओ.-50001:2011 मानक से प्रमाणित किया गया है।
नालको ने प्रदूषण नियन्त्रण के माध्यम से पर्यावरण सुरक्षा के लिए अनेक उपाय लागू किए हैं। इस उद्देश्य के लिए, कम्पनी ने अपने विद्युत संयंत्र में निरन्तर निम्नगामी (सीबीडी) ताप पुनर्प्राप्ति प्रणाली और कार्बन-डाई-ऑक्साईड के प्रबन्धन और भण्डारण के लिए शैवाल के द्वारा कार्बन जब्ती के लिए परीक्षण-सह-प्रदर्शन परियोजना की स्थापना सहित स्वच्छ विकास मशीनरी (सीडीएम) के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाएँ स्थापित की हैं।
नालको के निदेशक (मानव संसाधन) को मा.सं. उत्कर्ष पुरस्कार मिला
भुवनेश्वर, 18/02/2013: श्री एस॰सी॰ पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन), नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लि॰ (नालको), को मुम्बई में 15 से 17 फरवरी तक सार्वजनिक उद्यम संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विश्व मा.सं.वि. कांग्रेस में भूमण्डलीय मानव संसाधन उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
श्री पाढ़ी ने उक्त स्थल पर आज दो दिवसीय विश्व सी.एस.आर. कांग्रेस के समापन समारोह एवं विश्व निगम सामाजिक उत्तरदायित्व दिवस पर नवरत्न नालको की ओर से, पोषक कम्पनी पुरस्कार भी प्राप्त किया।
श्री पाढ़ी श्रम एवं समाज कल्याण में एक स्नातकोत्तर हैं और टाटा माइन्स, एन.टी.पी.सी., सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएनएल) तथा एम.सी.एल. में कार्य करने के माध्यम से मानव संसाधन के प्रबन्धन में उनका व्यापक अनुभव है। मानव संसाधन के क्षेत्र में उनके दो उल्लेखनीय योगदान रहे हैं - जिन कम्पनियों में कार्यरत थे, उनमें शेष स्कोर कार्ड पर आधारित ‘कार्य-निष्पादन-सम्बन्धित-वेतन (पीआरपी)’ का कार्यान्वयन और पुनर्प्रशिक्षण और पुनर्नियोजन के माध्यम से अधिशेष जनशक्ति के प्रभावी उपयोग सहित "जनशक्ति का औचित्य-स्थापन।"
रजनीश नालको पूर्वी क्षेत्र गोल्फ चैम्पियन बना
भुवनेश्वर, 03/02/2013: भुवनेश्वर गोल्फ क्लब.में रविवार को तीन दिवसीय 10वाँ नालको पूर्व-क्षेत्र गोल्फ टूर्नामेण्ट सम्पन्न हुआ। स्थानीय गोल्फ खिलाड़ी रजनीश दास इसमें चैम्पियन रहे और कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास.के कर-कमलों से नालको ट्रॉफी ग्रहण की। महिलाओं के वर्ग में, लाखी स्वाईं विजेता हुई, जबकि पुराने खिलाड़ियों के वर्ग में डॉ. सनत महान्ति चैम्पियन हुए। नवयुवा वर्ग में, सत्यज्योति महान्ति और संग्रामजीत पुजारी क्रमशः विकलांग 17-23 आयुवर्ग के में और विकलांग 24 से अधिक के आयुवर्ग में चैम्पियन बने। नालको के निदेशक (मानव संसाधन) श्री एस॰सी॰पाढ़ी, नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक की धर्मपत्नी श्रीमती मानसी दास तथा निदेशक (मानव संसाधन) की धर्मपत्नी श्रीमती सुस्मिता पाढ़ी ने भी विभिन्न वर्गों में पुरस्कार प्रदान किए। इस टूर्नामेंट में टालीगंज, आरसीजीसी, बेलडीह, गोलमुरी, राँची, विशाखापत्तनम् जैसे क्लबों से 100 से अधिक गोल्फ खिलाड़ियों ने भाग लिया।
नालको की तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ: रु॰ 119 करोड़ | शुद्ध बिक्री: रु॰ 1670 करोड़
भुवनेश्वर, 30/01/2013: नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), खान मंत्रालय, भारत सरकार की एक नवरत्न कम्पनी, ने दिसम्बर 2012 को समाप्त तीसरी तिमाही के लिए परिणाम घोषित किए हैं।
नई दिल्ली में आज हुई कम्पनी के निदेशक-मण्डल द्वारा मनोनीत समिति की बैठक में रिकार्ड में लिए गए वर्ष 2012-13 वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के पुनरीक्षित परिणामों के अनुसार, नालको ने रु. 119 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की सम्बन्धित तिमाही के दौरान उपलब्ध रु.51 करोड़ की राशि से 133% अधिक है। शुद्ध बिक्री भी पिछले वर्ष की सम्बन्धित तिमाही के दौरान दर्ज रु.1430 करोड़ के मुकाबले रु॰1670 करोड़ तक बढ़ गई है।
दिसम्बर 2012 को समाप्त 9 महीनों के लिए शुद्ध लाभ और शुद्ध बिक्री कारोबार क्रमशः रु॰.347 करोड़ और रु॰.4974 करोड़ का हुआ, जबकि पिछले वित्त वर्ष की तत्समान अवधि के ये आँकड़े क्रमशः रु॰.567 करोड़ और रु॰.4747 करोड़ के थे।
उत्पादन के मोर्चे पर, प्रथम नौ महीनों के दौरान, नालको ने पिछले वित्त वर्ष की तुलनीय अवधि में उपलब्ध 11.77 लाख टन के मुकाबले 12.70 लाख टन एल्युमिना हाईड्रेट का उत्पादन किया। लेकिन, एल्युमिनियम धातु का उत्पादन पिछले वर्ष के नौ महीनों की तुलनीय अवधि के दौरान दर्ज किए गए तथा 3.09 लाख टन के आयोजित लक्ष्य से जरा-सा कम 3.05 लाख टन का हुआ।
नालको द्वारा पुष्प प्रदर्शनी
भुवनेश्वर, 24/01/2013: नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) द्वारा नालकोनगर, भुवनेश्वर में 22 और 23 जनवरी, 2013 को अपनी वार्षिक पुष्प एवं वनस्पति प्रदर्शनी "बसन्त पुष्प प्रदर्शनी" का आयोजन किया गया। विभिन्न वर्गों में प्रदर्शनी में कुल 22 संस्थाओं और 98 व्यक्तियों ने भाग लिया।
श्री के॰जे॰ तिवारी, आई.एफ.एस., अवर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार, ने कल समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में योग दिया। श्री अंशुमान दास, अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक, नालको, श्री एस॰एस॰. महापात्र, निदेशक (उत्पादन) और श्री एस॰सी॰पाढ़ी, निदेशक (मानव संसाधन) भी इस अवसर पर उपस्थित थे और उन्होंने विभिन्न संवर्गों के ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। संस्थाओं में सी.वी. रमण कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग चैम्पियन हुआ तथा व्यक्तिगत वर्ग में कुमारी गार्गी कौल विजेता हुईं।
इसके पूर्व, कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास ने, श्री एस॰एस॰. महापात्र, श्री एन॰आर॰. महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) और श्री एस॰सी॰पाढ़ी. उपस्थिति में इस पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था।
नालको द्वारा दूसरा हरित उद्यम : राजस्थान में पवन विद्युत परियोजना
भुवनेश्वर, 17/01/2013: अपनी विविधीकरण योजनाओं के अंश रूप में, नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको), एक नवरत्नप सार्वजनिक उद्यम, अन्य धातुओं और ऊर्जा के क्षेत्र में अपने पंख फैला रहा है। इस सन्दर्भ में, यह कम्पनी राजस्थान के जैसलमेर जिले के लुडर्वा में 47.6 मेगावाट क्षमता का अपना दूसरा पवन विद्युत संयंत्र स्थापित कर रही है।
रु॰.283 करोड़ की यह पवन विद्युत परियोजना मेसर्स गेमेसा विण्ड टर्बाईन्स प्राईवेट लि. के माध्यम से कार्यान्वित हो रही है, जिसमें 850 किलोवाट रेटिंग के 56 पवन टर्बाईनों का विनिर्माण शामिल है। श्री एन॰आर॰ महान्ति, निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी), नालको, ने गत 12 जनवरी को श्री एस॰के॰. दाश, कार्यपालक निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) की उपस्थिति में इस परियोजना का शिलान्यास किया।
गैर-परम्परागत और पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के दोहन के द्वारा सम्पोषणीय विकास को बढ़ावा देने की दिशा में नालको की यह दूसरी हरित पहल है, जिससे नालको को सरकार से प्रोत्साहन मिलेंगे। यह परियोजना लगभग आठ महीनों में पूरा होने को अनुसूचित है।
इसके पूर्व, इस कम्पनी ने 30 दिसम्बर, 2012 को आन्ध्र प्रदेश के कड़प्पा जिले के गंडीकोटा में 50.4 मेगावाट क्षमता का अपना पहला पवन विद्युत संयंत्र चालू किया था। इस परियोजना के अन्तर्गत, रु॰.274 करोड़ के निवेश से 2.1 मेगावाट रेटिंग के 24 पवन टर्बाईनों का विनिर्माण हुआ। मेसर्स सुजलोन एनर्जी लिमिटेड इसको कार्यान्वित करनेवाली एजेन्सी थी।
नालको स्थापना दिवस व्याख्यान माला का 12वाँ संस्करण
डॉ॰ ई॰ श्रीधरन्, प्रधान सलाहकार, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, ने 5 जनवरी 2013 को नालको भवन सभागार में नालको स्थापना दिवस व्याख्यान माला के 12वें संस्करण का व्याख्यान दिया। श्री बी॰के॰ पटनायक, आई॰ए॰एस॰, मुख्य सचिव, सरकार ओड़िशा ने बैठक की अध्यक्षता की।
श्री एस॰सी॰पाढ़ी: नालको के नए निदेशक (मानव संसाधन)
भुवनेश्वर, 20/12/2012: श्री एस॰सी॰पाढ़ी ने आज नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) में निदेशक (मानव संसाधन) का कार्यभार सम्भाल लिया। इस नियुक्ति के पहले, वे महानदी कोलफील्स लिमिटेड (एमसीएल) में निदेशक (कार्मिक) के पद पर कार्यरत थे।
श्री पाढ़ी श्रम एवं समाज कल्याण में एक स्नातकोत्तर हैं और टाटा माइन्स, एन.टी.पी.सी., सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएनएल) तथा एम.सी.एल. के साथ जुड़े रहकर मानव संसाधन के प्रबन्धन में व्यापक अनुभव लेकर आए हैं। मानव संसाधन के क्षेत्र में उनके दो उल्लेखनीय योगदान रहे हैं - एसजेवीएनएल में शेष स्कोर कार्ड पर आधारित 'कार्य-निष्पादन-सम्बन्धित-वेतन (पीआरपी)' का कार्यान्वयन और पुनर्प्रशिक्षण और पुनर्नियोजन के माध्यम से अधिशेष जनशक्ति के प्रभावी उपयोग सहित 'जनशक्ति का औचित्य-स्थापन'।
श्री पाढ़ी वर्तमान एन.आई.पी.एम., केन्द्रीय अंचल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, एन.आई.पी.एम. की महानदी शाखा के अध्यक्ष और आई.एस.टी.डी, सम्बलपुर शाखा के अध्यक्ष का पदभार सम्भाल रहे हैं।
सार्वजनिक उद्यम संस्थान (आई.पी.ई.) द्वारा हाल ही में बेंगळूरु में एशिया पेसिफिक मानव संसाधन प्रबन्ध कांग्रेस पुरस्कार का 11वाँ संस्करण आयोजित किया गया, जिसमें श्री पाढ़ी को एशिया पेसिफिक मासंवि कांग्रेस द्वारा श्रेष्ठ मानव संसाधन नेतृत्व पुरस्कर से सम्मानित किया गया।
नालको द्वारा बॉक्साइट खनन फिर से आरम्भ
भुवनेश्वर, 18/12/2012:नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) को ओड़िशा के कोरापुट जिले में स्थित अपनी पंचपटमाली बॉक्साइट खान में खनन प्रचालनों को फिर से चालू करने के लिए अस्थायी कार्य अनुज्ञापत्र प्राप्त हो गया है और गत शाम से खनन गतिविधियाँ पूरे जोर-शोर से चालू हो गई हैं।
कम्पनी की खनन पट्टे की अवधि समाप्त हो जाने के कारण नालको के खनन प्रचालन पिछले महीने की 17 तारीख से बन्द हो गए थे हालांकि वन पारिती न मिल पाने के कारण कम्पनी अपनी ग्रहीत पंचपटमाली खान से बॉक्साइट उत्खनन नहीं कर पा रही थी, लेकिन इसके परिशोधक और प्रद्रावक संयंत्र इस अवधि में बन्द नहीं हुए थे। दोनों एकक एक बफ्फर भण्डार का उपयोग करके प्रचालन कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि कम्पनी ने खान के बन्द रहने की अवधि के दौरान अपने 14.6 किलोमीटर लम्बे कन्वेयर बेल्ट के इस्पात-रस्सों को बदलने जैसे बकाया अनुरक्षण कार्य करके समय का सदुपयोग किया, अन्यथा खान तथा संयंत्र को 17 दिनों के लिए सुयोजित रूप से बन्द करना पड़ता।
इस विषय पर, नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबन्ध-निदेशक श्री अंशुमान दास ने कहा : “कम्पनी को केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से एक वर्ष की अवधि के लिए अस्थायी कार्य अनुमति मिली है। लेकिन हम खनन पट्टे के दीर्घावधि नवीकरण के लिए जोर-शोर से लगे हुए हैं, ताकि अस्थायी अनुमति का समय समाप्त होने के पहले स्थायी अनुज्ञापत्र मिल सके।"
नालको ने स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया
भुवनेश्वर, 17/12/2012:नेशनल एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (नालको) कल बारंग के निकट चण्डीप्रसाद गाँव में एक मुफ्त स्वास्थ्य जाँच और औषधि वितरण शिविर आयोजित किया । यह शिविर चण्डीप्रसाद उच्च प्राथमिक विद्यालय के परिसर में आयोजित किया गया। आसपास के गाँवों के लगभग 300 रोगियों ने शिविर में भाग लिया।
डॉ. एल. शतपथी के नेतृत्व में इस दल में डॉ. जे. पण्डा और डॉ. ए.के. छोटराय शामिल थे। श्री आर॰.के॰सामल, श्री भोलानाथ पाईकराय, श्री आर.के.बेहेरा, श्री ए.के.पत्री, श्री एकादशी साहू, सुश्री विष्णुप्रिया मिश्र, श्री कालन्दी पण्डा, सुश्री रञ्जना मल्लिक एवं सुश्री बिनि दास सहित नालको स्टाफ ने इस दल का सहयोग किया। इस शिविर को सफल बनाने के लिए चण्डीप्रसाद उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक और कर्मचारियों ने भरपूर सहयोग दिया।
एस.एस.महापात्र, एफ.आई.एम.आई. प्रबंधन समिति में मनोनित
भुवनेश्वर: 10/07/2012:श्री एस.एस.महापात्र, निदेशक (उत्पादन), नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) सन् 1966 में संस्थापित भारतीय खनिज उद्योग महासंघ के अलोह खनिज उद्योगों के लिये स्थायी समिति के उपाध्यक्ष एवं प्रबंधन समिति के सम्मानित सदस्य के रूप में चुने गये हैं। एफ.आई.एम.आई. अब देश में सभी इन्धन मुक्त खनन एवं खनिज संसाधित गतिविधियों शामिल 350 सदस्यों का एक विशाल संगठन बन गया है।
नालको द्वारा ई-प्रापण प्रणाली का शुभारंभ
भुवनेश्वर: 2/07/2012:खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने अपने उत्पादों का ई-प्रापण प्रणाली की शुभारंभ के साथ देश भर में चुनींदा कंपनियों की सूची में शामिल हो गया है। इस ई-प्रापण प्रणाली में आवेदन, एस.ए.पी एस.आर.एम. 5.0, को अन्य एस.ए.पी.मॉड्यूल के साथ जोड़ा गया है। इस ई-प्रापण प्रणाली को श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने जॉय वर्गीज, निदेशक (कार्मिक व प्रशा.), श्री अंशुमान दास, निदेशक (वाणिज्य), श्री एस.एस.महापात्र, निदेशक (उत्पादन) एवं एन.आर.महान्ति, निदेशक (परि. व तक.) की उपस्थिति में शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री अंशुमान दास, निदेशक (वाणिज्य) ने कहा कि ई-प्रापण की बहाली, अधिप्राप्ति के समय में कटौती एवं दक्षता में सुधार लाने की प्रक्रिया में नालको के निरंतर कड़ी मेहनत का परिणाम है।
वर्तमान, बिक्री सूची में शामिल केवल मल्कियत एवं मानकीकृत मदों को ई-प्रापण व्यवस्था के लिये चुना गया है। परन्तू बाद में सभी सामग्रियों को इस व्यवस्था में शामिल किया जायेगा।
नालको ने आग पीड़ितों को दी सहायता
भुवनेश्वर, 27/06/2012:अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्वबोध गतिविधियों के मद्देनज़र नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने ढ़ेंकानाल जिला अन्तर्गत परजंग ब्लॉक के बिशोई गावं के आग पीड़ितों को सहायता प्रदान किया। नालको निगम कार्यालय के परिधीय विकास प्रभाग ने कल यहाँ भयंकर आग से प्रभावित करीब 469 परिवारों के 1000 जीसीई शिट प्रदान किया, जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये है। कंपनी की ओर से श्री डी.एन.नायक, श्री आर.के.बेहेरा एवं श्री पी.आचार्य ने जीसीई शिट वितरण कार्यक्रम का सुसंचालन किया।
नालको ने ज़ीता उत्कृष्ट निष्पादन पुरस्कार
भुवनेश्वर: 18/06/2012: : खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने वर्ष 2010-11 के लिये उत्कृष्ट निष्पादन पुरस्कार जीत लिया है। भारतीय औद्योगिक अभियंत्रण संस्थान, मुम्बई द्वारा इस पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया था।
उदयपुर, राजस्थान में 15 जून को आयोजित 16वां मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के महासम्मेलन की उद्घाटनी सत्र में कंपनी की ओर से श्री ज़ावेद रियाज़, उप महाप्रबंधक (औद्योगिक अभियंत्रण) ने एच.पी.सी.एल. के पूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री अरूण बालक्रिष्णन से यह पुरस्कार स्वीकार किया।
प्राथमिक शिक्षा को प्रवर्तित करने हेतु नालको फ़ाउण्डेशन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया
भुवनेश्वर, 06/06/2012:दामनजोड़ी, कोरापुट के परिधीय गावों के बच्चों को इस शिक्षा वर्ष से पूरी शिक्षा प्रदान करने हेतु नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) के निगम सामाजिक उत्तरदायित्वबोध गतिविधियों के प्रमुख सुत्रधर नालको फ़ाउण्डेशन ने कलिंग समाज विज्ञान संस्थान, कोरापुट विकास फ़ाउण्डेशन एवं विकास विद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। जिसमें विद्यालय शुल्क, छात्रावास शुल्क एवं अन्य खर्च भी शामिल है।
नालको फ़ाउण्डेशन की ओर से फ़ाउण्डेशन के सचिव श्री के.एन.रविन्द्र एवं कीट विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ.अच्युत सामन्त, कोरापुट विकास फ़ाउण्डेशन के सचिव श्रीमती सुलोहिता पुरोहित एवं विकास विद्यालय के सचिव श्री राम प्रसाद साहु के बीच समझौता ज्ञापन स्वाक्षरित हुआ। इस अवसर पर श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, श्री जॉय वर्गीज, निदेशक (मा.सं.व प्रशा.), श्री एस.एस.महापात्र, निदेशक (उत्पादन), श्री एन.के.महान्ति, निदेशक (परि. व तक.), श्री पी.के.महान्ति, मुख्य सतर्कता अधिकारी, श्री बी.एन.स्वाईं, कार्यपालक निदेशक (मा.सं.व प्रशा.) एवं कंपनी के अन्य वरिष्ठ कार्यकर्तागण उपस्थित थे।
के.आई.एस.एस., के.डी.एफ एवं विकास विद्यालय के सहयोग से नालको फ़ाउण्डेशन द्वारा पाँच साल के लिये करीब 70 लाख रुपये की लागत पर अच्छी शिक्षा प्रदान करने की नालको की पहल ने दामनजोड़ी के आसपास के दूरस्थ गावों के करीब 350 बच्चों को समाज के मुख्य स्रोत में लाने में सहायक सिद्ध होगा। इस परियोजना के लिये कोरापुट ब्लॉक के लक्ष्मीपुर, नारायणपाटना आदि गावों में हिताधीकारी छात्रों को चिन्हित किया गया है। गौरतलब है कि नालको ने अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्वबोध से जुड़े गतिविधियों के लिये प्रति वर्ष अपने शुद्ध लाभ से 2 फ़ीसदी आबंटित किया है। तदनुसार वित्त वर्ष 2012-13 के लिये 17 करोड़ रुपये आबंटित किया गया है।
नालको ने जीता डी एवं बी श्रेष्ठ सार्वजनिक उद्यम पुरस्कार
भुवनेश्वर: 01/06/2012: खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने अलोह धातु संवर्ग में डॉन एवं ब्राडस्ट्रिट श्रेष्ठ सार्वजनिक उद्यम पुरस्कार-2012 जीत लिया है।
श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, नालको ने 28 मई को नई दिल्ली में डॉ. एम.विराप्पा मोईली, निगम व्यापार मन्त्री, भारत सरकार से यह पुरस्कार स्वीकार किया है। डॉन एवं ब्राडस्ट्रीट ने भारत में उदीयमान केन्द्रीय स्तर के सार्वजनिक उद्यमों को प्रोत्साहित करने एवं उनके प्रगति एवं निष्पादन को सम्मानित करने हेतु यह पुरस्कार समारोह का आयोजन किया था।
नालको ने 18वां पी.एल.ए.सी. बैठक का किया आयोजन
भुवनेश्वर, 29/05/2012:खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लि.(नालको) ने आज यहाँ भुवनेश्वर में 18वां संयंत्र स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में श्री एन.के.सुन्दराय, प्रधान सचिव, माईक्रो लघु एवं मध्यम उद्यम, श्री पंचानन दास, विशेष सचिव, माईक्रो लघु एवं मध्यम उद्यम, श्री एन.के.खटाई, आयुक्त-सह-निदेशक, उद्यम विभाग, ओड़िशा सरकार, डॉ.एस.के.साहु, सदस्य, राज्य योजना बोर्ड एवं अध्यक्ष, ओड़िशा उद्योग महासंघ, श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, नालको एवं श्री अंशुमान दास, निदेशक (वाणिज्य) विशेष रूप से उपस्थित थे एवं राज्य के विविध माईक्रो लघु व मध्यम उद्यम एवं अन्य अनुषंगी उद्योगों के प्रतिनिधियों एवं सदस्यों के साथ चर्चा की।
इस अवसर पर नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री बी.एल.बागड़ा ने कहा कि आज के वैश्विकरण के संदर्भ में माईक्रो लघु एवं मध्यम उद्यमों के महत्वपूर्ण भूमिका को नज़रअन्दाज नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ओड़िशा के अनुषंगी उद्योगों को नालको धातु का लाभ उठाना चाहिये।
अपने स्वागत भाषण में श्री अंशुमान दास ने ओड़िशा के लघु एवं मध्यम उद्यमों को विकसित तथा प्रोत्साहित करने में नालकी की पहल पर प्रकाश ड़ाला। पी.एल.ए.सी सदस्यों,
आई.पी.आई.सी.ओ.एल. ओ.एस.एफ.सी के प्रतिनिधीगण, उद्योग निदेशालय के साथ ओडिशा लघु उद्योग संघ, ओड़िशा युवा उद्यमी संघ, उत्कल वाणिज्य महासंघ के प्रतिनिधिगण के साथ 80 से भी अधिक प्रतिभागियों ने इस महाअधिवेशन में भाग लिया।
नालको का शुद्ध मुनाफ़ा 849.50 करोड़ छूआ
भुवनेश्वर, 21/05/2012: खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने वित्त वर्ष 2011-12 के लिये अपना वित्तीय परिणाम का एलान किया है। आज नई दिल्ली में आयोजित कंपनी के निदेशक मण्डल की बैठक में रिकार्ड किये गये वित्तीय परिणाम को मानें को कंपनी ने मौजूदा सत्र में 849.50 करोड़ का शुद्ध मुनाफ़ा दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के शुद्ध मुनाफ़ा 1069.30 करोड़ से 21 फ़ीसदी कम है। जबकि इस दौरान कंपनी के कारोबारी आँकड़ा में 9 फ़ीसदी उछाल दर्ज किया गया है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 5958.98 करोड़ के आँकड़ा को पछाड़ते हुए चालू सत्र में 6500.27 करोड़ कारोबार को सुनिश्चित किया है। ये परिणाम और भी बेहतर हो सकता था परन्तु इस पर इन्धन एवं अन्य अत्यावश्यक सामग्री की बढ़ती कीमतों का प्रतिकूल असर रहा।
उच्च निष्पादन एवं एल्यूमिना की बिक्री के अलावा बेहतर बिक्री वसूली के कारण कंपनी के कारोबार में सराहनीय वृद्धि हुई है। कंपनी ने 2011-12 वित्त वर्ष के लिये उत्पादन एवं बिक्री क्षेत्र में अच्छा निष्पादन दर्ज किया है। मौजूदा सत्र में कंपनी ने 50.03 लाख टन बॉक्साइट उत्पादन किया है, जो अब तक के सर्वाधिक उत्पादन आँकड़ा है। जबकि पिछले वित्त वर्ष 2009-10 में कंपनी ने सिर्फ 48.79 लाख टन ही उत्पादन किया था।
फ़िर भी कंपनी के धातु उत्पादन में सामान्य उछाल दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी ने 4.44 लाख टन धातु उत्पादन किया है, जबकि पिछले सत्र में यह सिर्फ 4.13 लाख टन पर सीमित था। वर्ष 2011-12 में कंपनी के ग्रहीत विद्युत संयंत्र से 6200 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ है। कोयला के भारी संकट के चलते इस बार कंपनी के विद्युत उत्पादन में मंदी छायी रही।
नालको ने मनाया 14वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस
भुवनेश्वर, 11.05.2012: नालको ने अपने निगम मुख्यालय, भुवनेश्वर में 11 मई 2012 को बड़े ही जोश व उत्साह के साथ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भुवनेश्वर के निदेशक प्रो.मधुसूदन चक्रवर्ती ने मुख्य अतिथि के रूप में आयोजित कार्यक्रम की शोभा बढ़ायी एवं एल्यूमिना व इसके अन्य मिश्रधातुओं के परिशोधन में विकसित तकनीकी पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रो.चक्रवर्ती ने अपने व्याख्यान में देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास पर प्रकाश ड़ाला। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को प्रौद्योगिकी के विकास की राह में लम्बा ड़ग भरना है एवं इसके पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। साथ ही उन्होंने सहयोगात्मक अनुसंधान पर विशेष बल दिया। अन्ततः उन्होंने एल्यूमिनियम मिश्रधातुओं के परिशोधन एवं उपयोग के क्षेत्र में हुए विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस प्रकार के मिश्र धातुओं एवं नयी सामग्रियों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, नालको ने समारोह में अध्यक्षता की एवं सभा को संबोधित किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री बागड़ा ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व पर बल दिया एवं अनुसंधान व विकास पर पारंपरिक सोच में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने इस दिशा में नालको के अनुसंधान व विकास केन्द्र के अकुण्ठ सहयोग की पुष्टि की। उन्होंने यह भी कहा कि अनुसंधान व विकास को अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है एवं हर साल राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह पर एक प्रौद्योगिकीय शीर्षक रखे जाने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने नालको के अनुसंधान व विकास केन्द्र के विकास पर जोर दिया। श्री एन.आर.महान्ति, निदेशक (परि.व तक.) ने इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए अनुसंधान एवं विकास विभाग के कर्मचारियों को प्रोत्साहित किये जाने पर बल दिया। उन्होंने इस विकास के लिये सर्वोत्कृष्ट कार्मिकों के चयन पर बल दिया ताकि नालको प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भरशील बन पाये। कार्यक्रम के शुभारंभ में श्री पी.के.महापात्र, कार्यपालक निदेशक (परि. व तक.) ने उपस्थित सभासदों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भुवनेश्वर के निदेशक प्रो.चक्रवर्ती का परिचय प्रदान किया।
नालको में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक
भुवनेश्वर, 02/05/2012:राजभाषा विभाग, गृह मन्त्रालय, भारत सरकार के राजभाषा हिन्दी के प्रगामी प्रयोग पर दिशानिर्देश के अनुसार नालको के निगम कार्यालय, भुवनेश्वर में 30 अप्रैल को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (न.रा.का.स.) की बैठक, भुवनेश्वर-द्वितीय की बैठक का आयोजन किया गया। श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने इस बैठकर में अध्यक्षता की।
बैठक के प्रारंभिक सत्र में समिति के सचिव श्री सुदर्शन तराई ने स्वागत भाषण प्रदान किया एवं पिछले बैठक में राजभाषा के प्रयोग पर लिये गये निर्णयों पर प्रकाश डाला। देश भर में राजभाषा हिन्दी को अधिकाधिक लोकप्रिय बनाने नएवं दैनदिन के शासकीय गतिविधियों में इसके प्रयोग को बढ़ावा देना ही इस बैठक का उद्देश्य है। भारत संचार निगम लिमिटेड़, भारतीय विमान पत्तन प्रधिकरण, केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग, केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल, सॉफ्टवेयर टेक्नोल़जी पार्क, राष्ट्रीय सहकारी विकास प्रभाग एवं मौसम विभाग कार्यालय के प्रतिनिधियों एवं राजभाषा विशारदों ने इस कार्यक्रम में भाग लिये।
नालको द्वारा 17वाँ अखिल ओड़िशा गुणवत्ता सम्मेलन आयोजित
भुवनेश्वर: 27/04/2012:नालको निगम कार्यालय, भुवनेश्वर में 25 एवं 26 अप्रैल को 17वाँ ओड़िशा गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन का आयोजन किया गया। ओड़िशा में गुणवत्ता मण्डल अभियान चलाने एवं ओड़िशा में परिचालित गुणवत्ता मण्डलों के बीच प्रतिस्पर्धा के लिये एक अनन्य मंच प्रस्तुत करने के उद्येश्य से स्न 1996 से नालको द्वारा गुणवत्ता मण्डल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। अपने इसी परंपरा को जारी रखते हुए नालको ने अबकी बार भी गुणवत्ता मण्डल महासम्मेलन का आयोजन किया जिसमें राज्य भर से 25 विविध प्रतिष्ठित उद्योग घरानों में से 34 गुणवत्ता मण्डल एवं 6 टीपीएम मण्डल ने भाग लिया एवं अपनी अपनी प्रस्तुति के माध्यम से अपने अनुशीलन तथा शोध कार्य का प्रदर्शन किया।
श्री अंशुमान दास, निदेशक (वाणिज्य), नालको ने इस महासम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नालको के शीर्षस्थ अधिकारीगण श्री एस.एस.महापात्र, निदेशक (उत्पादन), श्री के.एस.श्रीधर, कार्यपालक निदेशक (उत्पादन), श्री पी.के.पट्टनायक, महाप्रबंधक (टी.क्यू.एम.) एवं श्री डी.के.श्रीवास्तव, कार्यपालक निदेशक, क्यू.सी.एफ.आई. भी उपस्थित थे। सम्मेलन के समापन सत्र पर श्री एन.आर.महान्ति, निदेशक (परि. व तक.), नालको ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए एवं विजयी टीमों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर शिक्षा व अनुसंधान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर.पी.महान्ति ने सभा को संबोधित किया।
नालको के “डिस्कवरी” गुणवत्ता मण्डल ने नालको ट्रॉफी एवं स्वर्ण पदक जीता जबकि हिन्दुस्तान एरोनिटिक्स लि. (हि.ए.लि), सुनाबेड़ा के इंजिन प्रभाग के “श्रीक्षेत्र” के गुणवत्ता मण्डल को रजत पदक के साथ रनर्स ऑप ट्रॉफी के साथ संतुष्ट होना पड़ा। टी.पी.एम. सार्किल के बीच टाटा स्टिल के “सबस्टेशन”, इस्ट ऑयरन ओर माइन्स, जोड़ा ने बिजयी बना एवं स्वर्ण पदक जीत जबकि बालेश्वर, ऑलएस, भागलपुर के “परिवर्तन” मण्डल को रजत पदक के साथ रनर्स-ऑप में ही संतुष्ट होना पड़ा। ओ.सी.एल., इण्डिआ, सिमेंट प्रभाग, राजगांगपुर कै “इण्डस्ट्रियल ईएआरएस” एवं टाटा स्टिल “एड़िशन”, क्रोमाइट खान, सुकिन्दी उत्कृष्ट निष्पादन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हिण्डाल को पावर, सम्बलपुर के “आर्यन”, राउरकेला इस्पात संयंत्र के “प्रारंभ” एवं एन.टी.पी.सी, तालचेर के “दिप्ति” गुणवत्ता मण्डलों को यथा क्रम “श्रेष्ठ विश्लेषण एवं प्रगति”, “श्रेष्ठ प्रभावकारिता एवं परिणाम” एवं “श्रेष्ठ शिक्षण अनुभव” पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
माननीय खान मन्त्री ने गुजरात में एन.पी.सी.आई.एल.-नालको संयुक्त परियोजना का दौरा किया
भुवनेश्वर: 24/04/2012:श्री दिनशा जे. पटेल, माननीय खान मन्त्री जी ने 16 आपेरैल को गुजरात में 11,500 करोड़ के अनुमानित लागत पर भारतीय नाभिकीय ऊर्जा निगम लि. एवं नालको के नयी संयुक्त परियोजना का दौरा किया। मन्त्री जी ने काक्रापारा परमाणु ऊर्जा संयंत्र (के.ए.पीपी)3 एवं 4 के निर्माण कार्य का पुनरीक्षण किया एवं परियोजना कार्य के प्रगति पर अपना संतोष व्यक्त किया। इस दौरे में मन्त्री जी के साथ नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री बी.एल.बागड़ा एवं भारतीय नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र के निदेशक (तकनीकी) श्री एस.ए.भरद्वाज समेत दोनों कंपनियों के कई अन्य शीर्षस्थ पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
गौरतलब हे कि अपने अपने क्षेत्र के दो दिग्गज कंपनी एन.पी.सी.आई.एल. एवं नालको ने साझेदारी पर 2 मार्च, 2012 को एन.पी.सी.आई.एल.-नालको विद्युत कंपनी की प्रतिष्ठा की है। इस नई कम्पनी में नालको की हिस्सेदारी को 49 फ़ीसदी तक बढ़ाये जाने की संभावना है। शेष 51 फ़ीसदी पर भारत में आणविक ऊर्जा के प्रमुख उत्पादक एन.पी.सी.आई.एल. का पूर्ण स्वामित्व रहेगा। दोनों कंपनियों ने 11,500 करोड़ के अनुमानित लागत पर अपनी पहली संयुक्त परियोजना के लिये गुजरात के सुरट जिला में काक्रापारा 3 एवं 4 इकाई प्रत्येक 700 मेगावाट का चयन किया है। इस मेगा परियोजना में स्वदेशी ज्ञान कौशल से विकसित दाबानुकूलित भारी जल रिएक्टरों का उपयोग किया जायेगा एवं दिसम्बर 2015 तक यह परियोजना पूर्णतः कार्यक्षम होने की संभावना है। फ़िलहाल इस संयुक्त परियोजना में नालको का अब 26 फ़ीसदी हिस्सेदारी है।
नालको फ़ाउण्डेशन ने दामनजोड़ी स्थित आई.टी.आई. के लिये 2 करोड़ रुपये अग्रिम प्रदान किया।
भुवनेश्वर, 12/04/2012:नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी के सी.एस.आर. शाखा, नालको फ़ाउण्शन ने 4.08 करोड़ के लागत पर कोरापुट जिला दामनजोड़ी के जनजातीय क्षेत्र मरिचमाल में एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया है। श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, नालको ने आज यहाँ संस्थान के प्रारंभिक निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ रुपये का एक चेक श्री बी.के.पट्टनायक, आई.ए.एस. मुख्य सचिव, ओड़िशा सरकार को प्रदान किया।
जनजातीय क्षेत्र, दामनजोड़ी के स्थानीय युवाओं के रोजगार को बढ़ाने हेतु उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिये औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की गयी है। जनजातीय क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें समाज के मुख्य धारा में लाने की प्रक्रिया में यह एक अनुठी पहल मानी जा रही है। ओड़िशा तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय ने इस संस्थान की प्रतिष्ठा हेतु स्वीकृति प्रदान किया है। इस संस्थान हेतु भूमि अधिग्रहण कार्य जिला प्रशासन द्वारा किया जायेगा। नालको फ़ाउण्डेशन ने इस संस्थान के निर्माण हेतु सभी बुनियादी खर्च उठाने को तैयार है।
नालको ने प्रस्तावित खान विधेयक का किया स्वागत
भुवनेश्वर, 07/04/2012: : नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने प्रस्तावित खान व खनिज़ विकास एवं नियंत्रण विधेयक में खनन पर अतिरिक्त राजशुल्क एवं मुनाफ़ा साझेदारी हेतु प्रावधानों का स्वागत किया है। फ़िर भी श्री बागड़ा ने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निधि का सही उपयोग के लिये एक कारगर प्रणाली के विकास पर बल दिया। नई दिल्ली में गुरूवार को आयोजित एक विशेष संगोष्ठी में भाग लेते समय उन्होंने यह बयान दिया।
श्री बागड़ा ने खनन गतिविधियों द्वारा विशेष रूप से प्रभावित लोगों के लिये उद्दिष्ट परिधीय विकास कोष के सही उपयोग पर अपनी इरादा को स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी कहा कि शुद्ध मुनाफ़ा का 26 फ़ीसदी की साझेदारी कोई बड़ी बात नहीं है। परन्तु इसका सही उपयोग विशेष मायने रखता है। इस हेतु नियमित जाँच की जरूरत है।
एक जिम्मेदार निगम नागरिक होने के नाते नालको, ओड़िशा सरकार द्वारा स्थापित पुनर्वास एवं परिधीय विकास सलाहकार समिति (आर.पी.डी.ए.सीएस) को प्रति वर्ष अपनी मुनाफ़ा का 1 फ़ीसदी हिस्सा प्रदान करता आ रहा है। वर्ष 2011-12 तक कंपनी ने आर.पी.डी.ए.सी.एस द्वारा कोरापुट एवं अनगुल में विविध परिधीय विकास गतिविधियों के लिये 140.06 करोड़ निधि आबंटित किया है। फ़िर भी परिधीय गावों में रह रहे ग्रामीण जनता पर इसका विशेष असर नहीं हो पा रहा है। इस संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा आर.पी.डी.ए.सी.एस द्वारा आबंटित निधि पर हाल ही में संशोधित दिशानिर्देश में यह साफ़ किया गया है कि संबंधित ग्राम पंचायत जहाँ पर परियोजना लगाई गयी है, के लिये आबंटित परिधीय विकास कोष 70 फ़ीसदी से कम नहीं होना चाहिये। संशोधित मसौदा में यह भी साफ़ किया गया है कि संबंधित ब्लॉक में परिधीय विकास गतिविधियों के लिये आबंटित निधि परिधीय विकास कोष के 20 फ़ीसदी से ज्यादा एवं संबंधित जिला के शेष क्षेत्रों के लिये आबंटित निधि परिधीय विकास कोष के 10 फ़ीसदी से कम नहीं होना चाहिये। यह आशा की जाती है कि इस संशोधित दिशानिर्देश नालको द्वारा आबंटित परिधीय विकास कोष के सही उपयोग में सुधार लाने में विशेष सहायक होगा।
इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए नालको ने अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्वबोध से जुड़ी गतिविधियों को त्वरान्वित करने एवं अपने संयंत्रों एवं खनन क्षेत्रों से 15 किमी परिधी में नई परियोजनाओं को अमल में लाने हेतु वर्ष 2010-11 में नालको फ़ाउण्डेशन की स्थापना की है। कंपनी ने इस फ़ाउण्डेशन को अपने शुद्ध लाभ का अतिरिक्त 1 फ़ीसदी आबंटित किया है एवं इस फ़ाउण्डेशन को भारतीय न्यास अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत किया गया है। लोक उद्यम विभाग, भारत सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के सभी सार्वजनिक उद्यमों के लिये सी.एस.आर पर मार्च 2010 में जारी दिशानिर्देश पर इस फ़ाउण्डेशन की स्थापना की गयी है। इस दिशानिर्देश में यथा वर्णित के अनुसार चूँकि नालको के शुद्ध मुनाफ़ा 500 करोड़ से उपर है अतः इसके सी.एस.आर.व्यय सीमा अपने शुद्ध मुनाफ़ा का 0.5% से 0.2% होना चाहिये। कंपनी ने नालको फ़ाउण्डेशन की स्थापना से इस दिशा में अपना महत्तम योगदान दिया है। इस संदर्भ में कंपनी ने वित्त वर्ष 2010-11 एवं 2011-12 के लिये 18.83 करोड़ अतिरिक्त निधि आबंटित किया है, जिसमें आर.पी.डी.ओ.सी.एस. द्वारा परिधीय विकास हेतु आबंटित निधि भी शामिल है। नालको द्वारा आबंटित निधि विधेयक में यथा प्रस्तावित 26 फ़ीसदी से कहीं ज्यादा है।
नालको ने अब तक के सर्वाधिक एल्यूमिना उत्पादन को सुनिश्चित किया
भुवनेश्वर, 2.04.2012:खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने वर्ष 2011-12 के लिये बॉक्साइट एवं एल्यूमिना उत्पादन में उत्कृष्ट परिणाम को सुनिश्चित किया है। कंपनी ने पिछले साल 2009-10 के सर्वाधिक आँकड़ा 48.79 को पछाड़ते हुए इस सत्र में 50.03 लाख टन बॉक्साइट उत्पादन को सुनिश्चित किया है। इसके अलावा नालको के एल्यूमिना परिशोधन ने अबकी बार 16.87 लाख टन एल्यूमिना हाईड्रेट का उत्पादन किया है, जो कि अबतक की सर्वाधिक आँकड़ा माना जा रहा है। पिछले साल 2009-10 में कंपनी ने सिर्फ 15.92 लाख एम.टी उत्पादन को सुनिश्चित किया था। परन्तु इस बार कंपनी के धातु उत्पादन के आंकड़े में गिरावट दर्ज की गयी। इस बार कंपनी का धातु उत्पादन पिछले साल का रिकार्ड 4.44 लाख टन से गिर कर 4.13 लाख टन में ही सीमित रहा।
नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री बी.एल.बागड़ा की मानें तो कोयला के उत्कट अभाव, एवं लदन धातु विनिमय संस्थान में इस सफ़ेद धातु के गिरते मूल्य के चलते इस दौरान कंपनी को अपने उत्पादन में अंकुश लगाना पड़ा। श्री बागड़ा ने यह भी कहा कि ऊँची कीमतों पर कोयला आयात कर अधिक से अधिक धातु का उत्पादन व्यापार नीति के पूरक है। फिर भी कंपनी के प्रद्रावक इकाई ने कोयला के उत्कट अभाव के चलते सन् 2011 के बन्द पड़े कुछ पॉट को छोड़ कर 90 फ़ीसदी क्षमता उपयोग कर उत्पादन को बहाल किया है। इस दौरान कंपनी के ग्रहीत विद्युत संयंत्र ने 6,200 मिलियन टन विद्युत उत्पादन को सुनिश्चित किया है।
इस वर्ष बिक्री क्षेत्र में नालको का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस वर्ष नालको ने पिछले सत्र के 438,952 टन के मुकाबले 415,916 टन बिक्री आँकड़ा को सुनिश्चित किया है। इस वर्ष कंपनी की एल्यूमिना हाईड्रेट की बिक्री में उछाल दर्ज किया गया। अबकी बार कंपनी ने पिछले सत्र 2010-11 के 681,917 टन की मुकाबले 842,396 टन एल्यूमिना हाईड्रेट की बिक्री आँकड़ो को सुनिश्चित किया है। उसी प्रकार कंपनी के एल्यूमिनियम निर्यात में भी तेजी दर्ज किया गया है। इस दौरान कंपनी ने पिछले सत्र के 98,200 टन के मुकाबले 98,399 टन एल्यूमिनियम निर्यात किया है। गौर तलब है कि कंपनी के प्रद्रावक संयंत्र ने अपने उत्पादों की सूची में एक नया नाम जोड़ते हुए चारखानेदार चादर का उत्पादन शुरू कर दिया है। जिसे 2011-12 वित्त वर्ष में घरेलू बाज़ार में पहली बार बेचा गया है।
निष्पादन सुर्ख़ियाँ –
• अब तक के सर्वाधिक बॉक्साइट उत्पादन - 50.03 लाख टन
• अब तक के सर्वाधिक एल्यूमिना हाईड्रेट उत्पादन – 16.78 लाख टन
नालको ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया
भुवनेश्वर: 02/04/2012:नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने कल यहाँ उत्कल दिवस समारोह को यादगार बनाने हेतु कब्बाड़ी खिलाड़ी सुश्री रश्मिता साहु एवं हॉकी खिलाड़ी दीप ग्रेस एक्का को सम्मानित किया। सुश्री साहु इस वर्ष पटना में आयोजित विश्व प्रतियोगिता में राष्ट्रीय महिला कब्बाड़ी टीम का प्रतिनिधित्व किया।उसी प्रकार सुश्री एक्का ने 18 वर्ष से कम राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया जो बेंकक में एशिया कॉप जीता। श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने श्री जॉय वर्गीज, निदेशक (कार्मिक व प्रशा.), श्री अंशुमान दास, निदेशक (वाणिज्य) एवं श्री एस.एस.महापात्र, निदेशक (उत्पादन) की उपस्थिति में प्रत्येक विजेताओं को 10,000 रुपये एवं एक एक यादगार भेंट प्रदान किया। कंपनी ने प्रति वर्ष उत्कल दिवस के अवसर पर ओड़िशा के उभरती खेल प्रतिभाओं को पुरस्कृत करती आ रही है।
नालको ने अंतरिम लाभांश के रूप में सरकार को 202 करोड़ रुपये प्रदान किया।
भुवनेश्वर, 28/03/2012:खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल ल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने वित्त वर्ष 2011-12 के लिये 1288.62 करोड़ के अपने प्रदत्त अंश पूँजी पर 18 फ़ीसदी अंतरित लाभांश का एलान किया है, जो पाँच रुपये प्रति शेयर पर 0.90 रुपये के हिसाब से कुल 231.95 करोड़ रुपये बैठता है। श्री दिनशा जे. पटेल, मान्यवर खान राज्य मन्त्री (स्वतंत्र प्रभार), खान मन्त्रालय ने 28 मार्च को नई दिल्ली में कंपनी पर भारत सरकार के 87.15 फ़ीसदी हिस्सेदारी के बदौलत 202.14 करोड़ के अंतरिम लाभांश के भुगतान हेतु नेशनल इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस (एन.ई.सी.एस.) प्रणाली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री विश्वपति त्रिवेदी, भा.प्र.से., सचिव खान मन्त्रालय, भारत सरकार के साथ नालको की ओर से श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एवं श्री एस.एस.महापात्र, निदेशक (उत्पादन) भी उपस्थित थे।
नालको, जिसने सन् 1987 से अपने वाणिज्यिक परिचालन की शुरूआत की, तब से आज तक निरंतर विकास एवं मुनाफ़े की सीढ़ियाँ चढ़ती जा रही है एवं सन् 1992 से अपने लाभांश का एलान करता आ रहा है। वर्ष 2010-11 के लिये कंपनी ने कुल 275.72 करोड़ लाभांश का एलान किया है। वर्ष 2010-11 के दौरान कंपनी ने कुल 1069 करोड़ शुद्ध मुनाफ़ा अर्जित किया था। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में कंपनी ने दिसम्बर 2011 तक कुल 567.40 करोड़ शुद्ध मुनाफ़ा अर्जित किया है, जो अनन्तिम आँकड़ा है। पिछले वर्ष शेयर विभागजन एवं अधिलाभ (बोनस) जारी होने के पश्चात परिवर्धित पूँजी के आधार पर 18 फ़ीसदी अंतरिम लाभांश का भुगतान किया गया है।
अपनी स्थापना काल से ही नालको बतौर लाभांश 4171.25 करोड़ रुपये भुगतान किया है, जिसमें भारत सरकार की हिस्सेदारी के बदौलत अदा किये गये 3637.16 करोड़ रुपये भी शामिल है। इसके अलावना कंपनी ने 1999 के दौरान 50 फ़ीसदी तक साझेदारी पूँजी घटाते हुए अपने अंशधारकों को 644.31 करोड़ रुपये भुगतान किया है।
अन्ततः मन्त्री महोदय ने नालको के प्राधिकारियों को अपने परिचालन क्षेत्र अनगुल-तालचेर क्षेत्र के स्थानीय आवश्यकताओं के प्रति विशेष यत्नवान होने एवं सामुदायिक सद् भाव को बनाये रखने की सलाह दी।
श्री आर.के.सिंह, विधायक अनगुल, श्री खगेश्वर बेहेरा, विधायक, छेण्डीपदा, श्री आर.के.शर्मा, प्रधान सचिव, पर्यावरण एवं वन विभाग, श्री दिनेश सिंह, निदेशक, पर्यावरण, श्री सिद्धान्त दास, सदस्य सचिव, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ओड़िशा इस बैठक में उपस्थित थे। इस बैठक में श्री बागड़ा के साथ नालको की ओर से श्री एस.एस.महापात्र, निदेशक (उत्पादन) एवं श्री के.एस.श्रीधर, कार्यपालक निदेशक (उत्पादन) भी उपस्थित थे।
नालको ने 18 फ़ीसदी के दर से 232 करोड़ अंतरिम लाभांश का भुगतान किया
भुवनेश्वर, 20.03.2012:खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल ल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने वित्त वर्ष 2011-12 के लिये 1288.62 करोड़ के अपने प्रदत्त अंश पूँजी पर 18 फ़ीसदी अंतरित लाभांश का एलान किया है, जो पाँच रुपये प्रति शेयर पर 0.90 रुपये के हिसाब से कुल 231.95 करोड़ रुपये बैठता है। आज यहाँ आयोजित कंपनी के बोर्ड बैठक में इसे मंजूर किया गया।
नालको, जिसने सन् 1987 से अपने वाणिज्यिक परिचालन की शुरूआत की, तब से आज तक निरंतर विकास एवं मुनाफ़े की सीढ़ियाँ चढ़ती जा रही है एवं सन् 1992 से अपने लाभांश का एलान करता आ रहा है। वर्ष 2010-11 के लिये कंपनी ने कुल 275.72 करोड़ लाभांश का एलान किया है। वर्ष 2010-11 के दौरान कंपनी ने कुल 1069 करोड़ शुद्ध मुनाफ़ा अर्जित किया था। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में कंपनी ने दिसम्बर 2011 तक कुल 567.40 करोड़ शुद्ध मुनाफ़ा अर्जित किया है, जो अनन्तिम आँकड़ा है। पिछले वर्ष शेयर विभागजन एवं अधिलाभ (बोनस) जारी होने के पश्चात परिवर्धित पूँजी के आधार पर 18 फ़ीसदी अंतरिम लाभांश का भुगतान किया गया है।
अपनी स्थापना काल से ही नालको भारत सरकार को बतौर लाभांश 4171.25 करोड़ रुपये भुगतान किया है।
2012-13 : नालको ने रखा 7073 करोड़ का कारोबारी लक्ष्य
भुवनेश्वर, 19.03.2012:नालको ने खान मन्त्रालय, भारत सरकार के साथ वित्त वर्ष 2012-13 के लिये भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किया है। श्री विश्वपति त्रिवेदी, भा.प्र.से., सचिव, खान मन्त्रालय एवं श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, नालको के बीच 19 मार्च को नई दिल्ली में हस्ताक्षर हुए समझौते के अनुसार नालको ने इस सत्र के लिये 7073 करोड़ रुपये का कारोबारी लक्ष्य रखा है, जो चालू वित्त वर्ष से 500 करोड़ ऊँचा है।
भौतिक निष्पादन के संदर्भ में नालको ने अपने खान व परिशोधन संकुल, दामनजोड़ी से सालाना 63 लाख टन बॉक्साइट एवं 21 लाख एल्यूमिना हाईड्रेट के उत्पादन आँकड़ा दर्शाया है। उसी प्रकार कंपनी के प्रद्रावक संयंत्र से 4.50 लाख टन एल्यूमिनियम एवं ग्रहीत विद्युत संयंत्र, अनगुल से 6842 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन की आँकड़ा को दर्शाया गया है।
इस समझौते में निगम सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुसंधान व विकास एवं निगम अभिशासन में निरंतर प्रगति में दिये गये विशेष महत्व को रेखांकित किया गया है। अलावा इसके, नालको ने एन.पी.सी.आई.एल. के साथ साझेदारी पर नाभिकीय विद्युत परियोजना की स्थापना एवं यथाक्रम 50 एवं 15 मेगावाट सृजन क्षमता सम्पन्न वात एवं सौर विद्युत परियोजना की स्थापना का लक्ष्य रखा है।
एन.पी.सी.आई.एल.-नालको कंपनी संस्थापित
भुवनेश्वर, 16.03.2012:भारतीय नाभिकीय ऊर्जा निगम लिमिटेड़ (एन.पी.सी.आई.एल.) ने नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) के साथ मिल कर एक नई कम्पनी का गठन किया है। अपने अपने क्षेत्र के दो दिग्गज कंपनियों के साझा प्रयास से गठित इस नई कम्पनी, जिसे एन.पी.सी.आई.एल.-नालको विद्युत कंपनी का नाम दिया गया है, को 2 मार्च में स्थापित किया गया। इस गठबंधन कंपनी के निदेशक मण्डल की पहली बैठक 16 मार्च को भुवनेश्वर में सम्पन्न हुई।
भारत में नाभिकीय विद्युत संयंत्र की स्थापना हेतु एक गठबंधन कंपनी बनाने के लिये नालको एवं एन.पी.सी.आई.एल. ने नवम्बर में साझेदारी अनुबंध पर हस्ताक्षर किया था। इस अनुबंध के अनुसार इस नई कंपनी में नालको का अब फ़िलहाल 26 फ़ीसदी हिस्सेदारी रहेगी।परन्तु बाद में इस हिस्सेदारी को 49 फ़ीसदी तक बढ़ाये जाने की संभावना है। शेष हिस्सेदारी पर देश में आणविक ऊर्जा के प्रमुख उत्पादक एन.पी.सी.आई.एल. का पूर्ण स्वामीत्व रहेगा। दोनों कंपनियों ने 11,500 करोड़ के अनुमानित लागत पर अपने पहले संयुक्त प्रयासभित्तिक परियोजना के लिये गुजरात के सुरट जिला में काक्रापारा 3 एवं 4 इकाई (प्रत्येक 700 मेगावाट) का चयन किया है। इस परियोजना में स्वदेशी ज्ञान कौशल से विकसित दाबानुकूलित भारी जल रिएक्टरों का उपयोग किया जायेगा। इस हेतु निर्माण कार्य शुरू हो चुका है एवं दिसम्बर 2015 तक यह परियोजना पूर्णतः कार्यक्षम होने की संभावना है।
इस अवसर पर नालको बोर्ड को प्रतिनिधित्व कर रहे श्री बी.एल.बागड़ा ने कहा कि इस गठबंधन के बुनियाद पर बनी इस नयी कंपनी की स्थापना ऊर्जा के स्वच्छ स्त्रोतों को बढ़ावा देने एवं आणविक ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश करने हेतु नालको के अथक प्रयास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
विश्व मानव संसाधन विकास महासम्मेलन में नालको ने जीते तीन पुरस्कार
भुवनेश्वर, 17.02.2012:खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) विश्व मानव संसाधन महासम्मेलन-2012 के दौरान 16 से 18 फ़रवरी तक मुम्बई में आयोजित विश्व मानव संसाधन उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में नालको ने तीन सर्वाधिक प्रतिष्ठित पुरस्कार जीत कर अपने ताज़ पर एक और बहुमूल्य रत्न जड़ लिया है।
इस समारोह में श्री बी.एल.बागड़ा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने एच.आर.ओरिएण्टेशन के लिये मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं श्रेष्ठ संगठन के लिये प्रवर्तित मानव संसाधन उत्कृष्टता पुरस्कार एवं श्री जॉय वर्गीज, निदेशक (कार्मिक व प्रशा) ने एच.आर.लीड़रशिप पुरस्कार स्वीकार किया है।
इस वर्ष के मानव संसाधन विकास महासम्मेलन का शीर्षक था “जीवित रहना एवं उन्नति करना’’। दुनिया भर से पधारे शीर्ष स्तर के प्रबंधन परामर्शदाता, मानव संसाधन के पेशेवर कार्यकर्ता एवं कई प्रतिष्ठित उद्योग घरानों के सी.ई.ओ. एवं व्यापार प्रमुख ने इस महा सम्मेलन में भाग लिये एवं अपने अपने प्रतिष्ठानों का प्रतिनिधित्व किया।
नालको ने स्वास्थ्य सेवा के लिये वाकहाडार्ट फ़ाउण्डेशन के साथ समझौता ज्ञापन पर किया हस्ताक्षर
भुवनेश्वर, 16/02/2012:नालको ने अपने निगम सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों के मद्देनज़र अपने उत्पादन एवं प्रस्तावित खान इकाइयों के आस पास के गावों के विकास के लिये महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है।
इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए दामनजोड़ी में मोबाईल स्वास्थ्य सेवा शुरू करने हेतु कंपनी के निगम सामाजिक उत्तरदायित्वबोध प्रभाग एवं मुम्बई के वाकहाडार्ट फाउण्डेशन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।
श्री एस.एस.महापात्र, निदेशक (उत्पादन), नालको ने 16 फ़रवरी को दामनजोड़ी में झण्डा दिखाकर इस मोबाइल स्वास्थ्य सेवा यूनिट को रवाना किया। इस अवसर पर श्री आर.सी.दास, कार्यपालक निदेशक (प्रभारी), श्री ए.चक्रवर्त्ती, महाप्रबंधक (खान), श्री एस.के.राय, महाप्रबंधक (एल्यूमिना परिशोधन), श्री सी.एल.पात्र, महाप्रबंधक (मा.सं.व प्रशा.), डॉ.एस.मिश्र, उप महाप्रबंधक (अस्पताल) एवं दोनों फाउण्डेशन के प्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।
श्री एन.आर.महान्ति, निदेशक (परि. व तक.), श्री पी.के.महान्ति, भा.प्र.से., मुख्य सतर्कता अधिकारी, श्री के.एस.श्रीधर, कार्यपालक निदेशक (उत्पादन), श्री पी.सी.पाणिग्राही, महाप्रबंधक (मा.सं.व प्रशा.) एवं कंपनी के अन्य शीर्षस्थ पदाधिकारियों की उपस्थिति में श्री के.एन.रविन्द्र, सचिव, नालको फाउण्डेशन एवं श्री अक्षय हुदार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने समझौता पर हस्ताक्षर किया।
नालको की तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभः 51 करोड़ एवं कुल कारोबारः 1528 करोड़ रुपये
भुवनेश्वर, 06.02.2012:खान मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न सार्वजनिक उद्यम के रूप में कार्यरत नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने दिसम्बर 2011 को समाप्त तीसरी तिमाही के लिये अपने वित्तीय परिणाम का एलान किया है। 6 फ़रवरी को भुवनेश्वर में आयोजित निदेशक मण्डल की बैठक मे रिकार्ड किये गये वित्त वर्ष 2011-12 की तीसरी तिमाही की समीक्षित वित्तीय परिणाम की मानें तो कंपनी ने इसी अवधि में केवल 51.22 करोड़ के शुद्ध मुनाफ़ा ही कमा पाया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष के तत्समान अवधि में कंपनी ने 255.95 करोड़ के शुद्ध लाभ अर्जित किया था। इसी अवधि के दौरान कंपनी की बिक्री कारोबारी आँकड़ो पर गौर करें तो इसमें सामान्य उछाल दर्ज किया गया है, जो पिछले सत्र के तत्समान अवधि के 1523.31 करोड़ की तुलना में इस बार 1527.86 करोड़ में सीमित रहा। दिसम्बर 2011 को समाप्त नौ महीने की आँकड़ा को मानें तो कंपनी के शुद्ध मुनाफ़ा एवं कुल कारोबार यथाक्रम 567.40 करोड़ एवं 5068.24 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले सत्र के तत्समान अवधि में कंपनी ने 4460.22 करोड़ के कुल कारोबार पर 764.04 करोड़ के शुद्ध मुनाफ़ा कमायी थी।
नालको के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, श्री बी.एल.बागड़ा के अनुसार लंदन धातु विनिमय संस्थान से जुड़े उत्पादों के गिरते मूल्य, कच्चेमाल एवं इन्धन की बढ़ती कीमत एवं विविध संगठनों के साथ पाँचवी दीर्घावधि वेतन व्यवस्था के अनुसार एक मुश्त बकाया भुगतान आदि कंपनी के शुद्ध मुनाफ़े में आयी मंदी का अहम कारण रहा। उत्पादन क्षेत्र में भी पहले नौ माह में कंपनी ने पिछले साल के तत्समान अवधि में 3.33 लाख टन की तुलना में इस सत्र के तत्समान अवधि में 3.09 लाख टन धातु उत्पादन किया है। इस दौरान कंपनी के उत्पादन प्रवाह में 120 पॉट बन्द पड़ने के कारण कंपनी के उत्पादन आँकड़ा में गिरावट दर्ज किया गया है। फिर भी कंपनी के एल्यूमिना हाईड्रेट एवं बॉक्साइट उत्पादन में सामान्य उछाल दर्ज किया गया है। कंपनी ने इस दौरान पिछले साल के तत्समान अवधि के 11.41 लाख टन के मुकाबले 11.77 लाख टन एल्यूमिना हाईड्रेट का उत्पादन किया है। उसी प्रकार कंपनी ने पिछले सत्र के तत्समान अवधि में 34.79 लाख टन की तुलना में इसी समान अवधि में 37.08 लाख नट बॉक्साइट उत्पादन को सुनिश्चित किया है।
एन.आर.महान्ति, नालको के नये निदेशक (परियोजना व तकनीकी)
भुवनेश्वर, 01/02/2012: श्री एन.आर.महान्ति, महाप्रबंधक (प्रद्रावक), नालको ने 1 फ़रवरी से कंपनी के नये निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) के रूप में अपना कार्यभार संभाला। श्री पी.के.पाढ़ी की सेवानिवृत्ति के पश्चात श्री महान्ति इस नये पद पर पदासिन हुए हैं।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, राउरकेला से यांत्रिक अभियंत्रण पूरा करने के पश्चात सम्बलपुर विश्वविद्यालय के 1980 बैच का श्रेष्ठ स्नातक रहे श्र महान्ति ने लार्सन एण्ड टूब्रो (एल एण्ड टी) कंपनी से अपनी आजीविका की शुरूआत की थी। दिसम्बर 1986 में नालको में भर्त्ती होने से पहले वे बालको में कार्यरत थे। उन्होंने इसके पहले कंपनी के प्रद्रावक संयंत्र एवं निगम कार्यालय मे भी विविध महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
श्री महान्ति का एल्यूमिनियम उद्योग में तीन दशक से भी अधिक लंबा कार्यानुभव रहा है। अपनी आजीवनिका की इस लंबी दौर में उन्होंने कई पुरस्कार व सम्मान अपने नाम किया है। श्री महान्ति श्रीमती कनकलता महान्ति एवं स्वर्गीय किशोरी चरण महान्ति के सुपुत्र एवं श्रीमती कादम्बिनी महान्ति एवं स्वर्गीय शशीभुषण महान्ति के जमाता हैं। निदेशक (परियोजना एवं तकनीकी) के रूप में श्री महान्ति के शामिल होने से नालको बोर्ड में फिर से मज़बूती आयी है।
नालको द्वारा पुष्प प्रदर्शनी
भुवनेश्वर, 23.01.2012:नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड़ (नालको) ने 21 एवं 22 जनवरी को नालको नगर, भुवनेश्वर में वसन्त पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया। कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री बी.एल.बागड़ा ने निदेशक (कार्मिक व प्रशासन), श्री जॉय वर्गीज की उपस्थिति में इस प्रदर्शनी का शुभोत्घाटन किया। श्री अंशुमान दास, निदेशक (वाणिज्य) ने कल यहाँ आयोजित प्रदर्शनी के समापन सत्र में विजेताओँ को पुरस्कृत किया। इस मेगा प्रदर्शनी में ज्यादा से ज्यादा 21 संस्थान एवं 144 व्यक्तिविशेष ने करीब 146 संवर्ग में भाग लिये।
नालको स्थापना दिवस पर मोण्टेक सिंह आहुलवालिया का व्याख्यान
भुवनेश्वर, 05/01/2012: नालको भवन, भुवनेश्वर में 6 जनवरी 2012 को अपराह्न 4.30 बजे नालको की स्थापना दिवस के अवसर पर श्री मोण्टेक सिंह आहुलवालिया, उपाध्यक्ष, योजना आयोग, भारत सरकार अपना व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। यह नालको की स्थापना दिवस व्याख्यान श्रृंखला का 11वां अंक होगा।
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